मिसाइल मैन के सम्मान में डाक टिकट जारी करे केंद्र: पूर्व राष्ट्रपति कलाम की जयंती पर उठी मांग

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सदर भट्टी में हिंदुस्तानी बिरादरी ने आयोजित की विचार गोष्ठी, वक्ताओं ने सादगी और राष्ट्र सेवा को बताया अतुलनीय

आगरा डेस्क, Taj News | 🌐 tajnews.in | गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026, 11:49:00 PM IST.

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आगरा डेस्क

आगरा, 15 अक्टूबर। भारत रत्न और पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर हिंदुस्तानी बिरादरी ने उनके ऐतिहासिक योगदान को रेखांकित करते हुए केंद्र सरकार से उनके सम्मान में स्मारक डाक टिकट जारी करने की मांग उठाई है। संस्था के सदर भट्टी स्थित कार्यालय पर आयोजित विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने कलाम के वैज्ञानिक विजन और सादगीपूर्ण जीवन को देश के लिए अनुकरणीय बताया।

HIGHLIGHTS
  • स्मारक डाक टिकट की मांग: पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर केंद्र सरकार से विशेष डाक टिकट जारी करने का आग्रह।
  • वैज्ञानिक दृष्टिकोण व राष्ट्र सेवा: रक्षा और अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में भारत को वैश्विक पहचान दिलाने में कलाम का ऐतिहासिक योगदान।
  • सादगी की अनूठी मिसाल: राष्ट्रपति पद पर रहते हुए व्यक्तिगत खर्चों का अपने वेतन से वहन और संसाधनों की शुचिता का पालन।
  • सदर भट्टी में विचार गोष्ठी: हिंदुस्तानी बिरादरी के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में कई गणमान्य प्रबुद्धजनों की भागीदारी।

राष्ट्र निर्माण में मिसाइल मैन का योगदान अविस्मरणीय

गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए हिंदुस्तानी बिरादरी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कबीर पुरस्कार से सम्मानित डॉक्टर सिराज कुरैशी ने कहा कि ‘मिसाइल मैन’ के नाम से विख्यात कलाम ने भारत को रक्षा और अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। देश केवल उनकी जयंती पर ही नहीं, बल्कि हर दिन उनके अभूतपूर्व योगदान को नमन करता है। कुरैशी ने सरकार से मांग की कि राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को चिरस्थाई बनाने के लिए एक विशेष डाक टिकट जारी किया जाए।

सर्वोच्च पद पर भी कायम रखी व्यक्तिगत शुचिता

संस्था के उपाध्यक्ष विशाल शर्मा ने कलाम के राष्ट्रपति कार्यकाल के प्रेरक प्रसंग साझा करते हुए कहा कि उन्होंने सर्वोच्च पद पर रहते हुए भी सादगी की अनूठी मिसाल पेश की। राष्ट्रपति भवन में रहते हुए उन्होंने अपने सभी व्यक्तिगत खर्चे अपने वेतन से पूरे किए और सरकारी संसाधनों के अनुचित उपयोग से पूरी तरह दूर रहे।

विचार गोष्ठी में उपस्थित वक्ताओं ने युवा पीढ़ी से कलाम के विचारों, वैज्ञानिक चेतना और सादगीपूर्ण जीवनशैली को आत्मसात करने का आह्वान किया। इस अवसर पर जियाउद्दीन, राजकुमार नागरथ और शमी आगई सहित शहर के कई प्रबुद्ध व गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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