गांधी तो मर गए, पर उनके सवाल जिंदा हैं: बृज खंडेलवाल

Editorial analysis on relevance of Mahatma Gandhi ideals non violence climate crisis and consumerism by Brij Khandelwal 2026

क्या हिंसा, लालच और तपती ज़मीन से जूझती यह दुनिया महात्मा गांधी को अनदेखा कर सकती है? गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर वरिष्ठ पत्रकार बृज खंडेलवाल का विशेष चिंतन आर्टिकल डेस्क | 🌐 tajnews.in | 01 अक्टूबर 2026 | 18:00 बजे आर्टिकल डेस्क 🌐 tajnews.in बृज खंडेलवाल वरिष्ठ पत्रकार, पर्यावरणविद् व सामाजिक चिंतक गांधीवादी … Read more

गरीबी हटाओ से अच्छे दिन तक: क्या नारों से आगे बढ़ पाई जनता की खरीदने की क्षमता?

गरीबी हटाओ से अच्छे दिन तक भारत की राजनीति में नारों और आम आदमी की खरीदने की क्षमता पर संपादकीय

दशकों की राजनीतिक भाषा में वादे बदलते रहे, लेकिन असली कसौटी वही है—आम परिवार की आय, बचत और बाजार में खर्च करने की क्षमता संपादकीय डेस्क | 🌐 tajnews.in | 29 सितंबर 2026 | 23:33 बजे भारतीय राजनीति में नारे केवल शब्द नहीं रहे हैं। उन्होंने चुनावी राजनीति की दिशा तय की है, उम्मीदें पैदा … Read more