‘हनुमान अंश’ की कामयाबी के बाद सिद्ध संत पर अंतरराष्ट्रीय स्तर की फिल्म; ब्रिटेन की ‘पेपर क्वीन’ और अमेरिकी उद्यमी करेंगे निर्माण
उत्तर प्रदेश डेस्क, ताज न्यूज़ | बुधवार, 14 अक्टूबर 2026, 07:43:00 AM IST.

वृंदावन/आगरा। ब्रज की पावन धरा और यमुना तट पर दशकों तक अध्यात्म का केंद्र रहे रहस्यमयी सिद्ध संत देवराहा बाबा का जीवन अब अंतरराष्ट्रीय सिनेमा के पर्दे पर सजीव होगा। नीब करौरी बाबा पर केंद्रित ‘हनुमान अंश’ की सफलता के बाद फिल्म निर्माताओं ने देवराहा बाबा के जीवन, साधना और अनसुलझे रहस्यों पर आधारित फिल्म ‘मचान बाबा’ की आधिकारिक घोषणा कर दी है। मेकर्स ने फिल्म का टाइटल पोस्टर जारी करते हुए इसे वर्ष 2027 में वैश्विक स्तर पर रिलीज करने का लक्ष्य तय किया है।
मचान की साधना और अनसुलझी उम्र का तिलिस्म
देवराहा बाबा की सबसे अनूठी पहचान यमुना किनारे जमीन से कई फीट ऊंचे लकड़ी के मचान पर उनका निवास थी। वे वहीं से भक्तों को दर्शन और आशीर्वाद देते थे। उनकी वास्तविक आयु को लेकर आज भी ऐतिहासिक और आध्यात्मिक हलकों में गहरा कौतूहल है। फिल्म की पटकथा में बाबा के मचान से जुड़े जीवन, उनकी कथित दीर्घायु और वृंदावन में बिताए अंतिम दौर के अनछुए पहलुओं को प्रमुखता से शामिल किया गया है।
राजनीतिक दिग्गजों से रहा गहरा नाता
देवराहा बाबा की शरण में आम श्रद्धालुओं के अलावा देश-दुनिया के शीर्ष हुक्मरान भी शीश नवाते रहे। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी सहित कई बड़े राजनीतिक दिग्गजों से उनकी मुलाकातों के ऐतिहासिक दस्तावेज मौजूद हैं। राजनीतिक हलकों में यह प्रसंग आज भी चर्चित है कि 1977 की करारी चुनावी हार के बाद इंदिरा गांधी ने बाबा का आशीर्वाद लिया था, जिसके बाद कांग्रेस ने ‘हाथ’ का चुनाव चिन्ह अपनाया। वहीं 1989 में अयोध्या में राम मंदिर शिलान्यास से पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी भी बाबा से मिलने पहुंचे थे। वर्ष 2009 में संसद में लिब्रहान आयोग पर चर्चा के दौरान राजनाथ सिंह ने ब्रिटिश सम्राट किंग जॉर्ज पंचम की 1911 में देवराहा बाबा से हुई ऐतिहासिक भेंट का भी उल्लेख किया था।
नीब करौरी बाबा संग आध्यात्मिक संवाद
शोध के दौरान दोनों संतों के समकालीन रिश्तों के भी प्रमाण मिले हैं। मौखिक विवरणों और भक्तों के संस्मरणों के मुताबिक नीब करौरी बाबा और देवराहा बाबा के बीच गहरा आध्यात्मिक सामंजस्य था और दोनों एक-दूसरे का अगाध सम्मान करते थे। फिल्म में संतों के इस दुर्लभ संवाद को भी दर्शाया जाएगा।
ब्रिटेन और अमेरिका के उद्यमी लगाएंगे पूंजी
फिल्म का निर्माण ब्रिटेन में ‘पेपर क्वीन’ के नाम से विख्यात भारतीय मूल की उद्योगपति पूनम गुप्ता ओबीई और ऑस्टिन (अमेरिका) के रियल एस्टेट व आईटी उद्यमी विकल्प पालीवाल कर रहे हैं। निर्माण ओजस फिल्म्स के बैनर तले हो रहा है, जो एस्ट्रोसेज एआई की मूल सॉफ्टवेयर कंपनी ओजस सॉफ्टेक की सहयोगी इकाई है। कंपनी के संस्थापक पुनीत पांडे मूल रूप से आगरा के निवासी हैं।
वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत होगी भारतीय आध्यात्मिक धरोहर
निर्माता पूनम गुप्ता के अनुसार, देवराहा बाबा का जीवन सिर्फ आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके भीतर गहरा मानवीय और ऐतिहासिक फलक मौजूद है। वहीं विकल्प पालीवाल का कहना है कि फिल्म की आत्मा पूरी तरह भारतीय परंपरा से जुड़ी है, लेकिन इसका सिनेमाई शिल्प वैश्विक स्तर का होगा ताकि दुनिया भर के दर्शक इसे समझ सकें।
फिलहाल फिल्म प्री-प्रोडक्शन और गहन शोध के दौर से गुजर रही है। तत्कालीन दस्तावेजों, प्रत्यक्षदर्शियों के संस्मरणों और ब्रज क्षेत्र के ऐतिहासिक साक्ष्यों को जोड़कर इसे सिर्फ चमत्कारों की गाथा न बनाकर इतिहास, राजनीति और आस्था के त्रिकोण पर आधारित एक प्रामाणिक सिनेमाई दस्तावेज के रूप में 2027 में पेश किया जाएगा।
‘हनुमान अंश’ की बॉक्स ऑफिस पर सफलता: कैसे भारतीय संतों की जीवन गाथा वैश्विक स्तर पर खींच रही है दर्शक
नीब करौरी बाबा की साधना, पश्चिमी देशों में बढ़ता प्रभाव और सिनेमाई कैनवास पर अध्यात्म की नई लहर।
पूरी खबर पढ़ें →वृंदावन में देवराहा बाबा का मचान: यमुना तट पर दशकों तक संतों और सत्ता के केंद्र रहे स्थल का इतिहास
यमुना के पावन तट पर बाबा के अंतिम दिनों की स्मृति और आज भी जीवंत आध्यात्मिक ऊर्जा का विश्लेषण।
पूरी खबर पढ़ें →जब संतों की चौखट पर पहुंचे देश के दिग्गज प्रधानमंत्री: 1977 का चुनावी दौर और बाबा का वह फैसला
इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और देवराहा बाबा के बीच हुए दुर्लभ संवादों के ऐतिहासिक दस्तावेज।
पूरी खबर पढ़ें →
7579990777




