द्वितीय पुण्यतिथि पर भावपूर्ण स्मरण, डॉ. राजीव पचौरी को मिला डॉ. वेद भारद्वाज सम्मान-2026; प्रो. एसपी सिंह बघेल ने उठाई पद्मश्री देने की मांग
आगरा डेस्क, 🌐 tajnews.in | बुधवार, 16 सितंबर 2026, 10:48:15 PM IST

tajnews.in | आगरा। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कुष्ठ रोग वैज्ञानिक, राष्ट्रीय जालमा कुष्ठ एवं अन्य माइकोबैक्टीरियल रोग संस्थान के पूर्व निदेशक तथा लेप्रोसी पेशेन्ट्स वेलफेयर सोसायटी के पूर्व सचिव स्वर्गीय डॉ. वेद भारद्वाज की द्वितीय पुण्यतिथि पर बुधवार शाम संजय प्लेस स्थित होटल पी.एल. पैलेस में विज्ञान व्याख्यान-माला एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में चिकित्सा विशेषज्ञों, समाजसेवियों और शहर के प्रबुद्धजनों ने डॉ. वेद भारद्वाज के चिकित्सा, शोध और कुष्ठ रोगियों की सेवा के क्षेत्र में योगदान को याद किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने कहा कि डॉ. वेद भारद्वाज कुष्ठ रोग को लेकर समाज में व्याप्त कलंक और भेदभाव को दूर करने के लिए आजीवन सक्रिय रहे। उन्होंने कहा कि कुष्ठ रोगियों के हित में शोध से लेकर सेवा तक डॉ. भारद्वाज की लंबी यात्रा उल्लेखनीय रही। प्रो. बघेल ने उनके योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री दिए जाने की मांग भी उठाई।

समारोह के अतिविशिष्ट अतिथि अभिनेता एवं पूर्व सांसद राज बब्बर ने अपने संदेश में डॉ. वेद भारद्वाज की सोच और उनकी पत्नी डॉ. मधु भारद्वाज के समर्पण को नमन किया। उन्होंने कहा कि लेप्रोसी पेशेन्ट्स वेलफेयर सोसायटी ने बिना सरकारी सहायता के मानवीय संवेदना के साथ यह संदेश दिया है कि सेवा केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान और गरिमा के साथ जीवन जीने का अधिकार दिलाना भी उसका हिस्सा है।
110 से अधिक शोधपत्रों के लेखक थे डॉ. वेद भारद्वाज
डॉ. वेद भारद्वाज के कार्यों का परिचय देते हुए उपलब्धि भारद्वाज ने बताया कि उन्होंने कुष्ठ रोग अनुसंधान के क्षेत्र में 110 से अधिक शोधपत्र लिखे। वह राष्ट्रीय जालमा कुष्ठ एवं अन्य माइकोबैक्टीरियल रोग संस्थान के निदेशक भी रहे।

उनके कार्यक्षेत्र का विस्तार आगरा से लेकर अंतरराष्ट्रीय संस्थानों तक रहा। उन्होंने एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा, टोक्यो कैंसर संस्थान और लंदन के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल रिसर्च में कार्य किया। वर्ष 1977 से वह कुष्ठ सेवा सदन, आगरा से जुड़े और कुष्ठ रोगियों की सेवा में सक्रिय रहे। उनके सेवा कार्यों के दौरान उन्हें मदर टेरेसा का आशीर्वाद भी प्राप्त हुआ।
डॉ. राजीव पचौरी को डॉ. वेद भारद्वाज सम्मान-2026
समारोह में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए वरिष्ठ नाक-कान-गला रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव पचौरी को ‘डॉ. वेद भारद्वाज सम्मान-2026’ से सम्मानित किया गया।
इससे पहले मुख्य अतिथि प्रो. एसपी सिंह बघेल और संस्था की सचिव डॉ. मधु भारद्वाज ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और स्वर्गीय डॉ. वेद भारद्वाज के चित्र पर माल्यार्पण किया तथा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. एएस सचान ने स्वागत उद्बोधन दिया। समिति की सचिव डॉ. मधु भारद्वाज ने अतिथियों का स्वागत किया। गरिमा भारद्वाज ने संस्था की गतिविधियों और कार्यों का परिचय दिया। कार्यक्रम का संचालन श्रीकृष्ण ने किया, जबकि आभार संकल्प भारद्वाज ने व्यक्त किया। जीएस मनराल, गुल मोहम्मद और शिव शंकर बघेल ने व्यवस्थाएं संभालीं।
काव्यांजलि के जरिए किया स्मरण
वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. राजेंद्र मिलन ने डॉ. वेद भारद्वाज को काव्यांजलि अर्पित की। उन्होंने अपनी पंक्तियों के माध्यम से डॉ. भारद्वाज के मानवीय सरोकारों और समाजसेवा को याद किया।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि कुष्ठ रोग के उपचार के साथ-साथ इससे जुड़े सामाजिक भ्रम और भेदभाव को दूर करना भी जरूरी है। डॉ. वेद भारद्वाज ने अपने शोध और सेवा कार्यों के माध्यम से इसी दिशा में लंबे समय तक काम किया।
स्वस्थ भारत की आधारशिला है स्वच्छता
स्वच्छता से संक्रामक बीमारियों की रोकथाम पर दिया जोर
आगरा। विज्ञान व्याख्यान-माला में ‘विभिन्न बीमारियों से बचाव में स्वच्छता की भूमिका’ विषय पर चर्चा हुई। मुख्य वक्ता डॉ. मुनीश्वर चतुर्वेदी ने कहा कि घर में शौचालय की स्वच्छता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारा शौचालय हमारे ड्राइंग रूम से बेहतर होना चाहिए।
पूर्व आईएएस शशिकांत शर्मा ने बढ़ती जनसंख्या को स्वच्छता व्यवस्था के सामने एक चुनौती बताया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और समाजसेवियों ने कहा कि अनेक संक्रामक बीमारियों से बचाव का सबसे सस्ता और प्रभावी उपाय स्वच्छता है।
वक्ताओं के अनुसार नियमित रूप से हाथ धोने, स्वच्छ पेयजल का इस्तेमाल करने और खुले में शौच से मुक्ति जैसे उपाय संक्रमण के खतरे को कम करने में सहायक हैं। व्यक्तिगत स्वच्छता के साथ सामुदायिक स्वच्छता को भी स्वस्थ समाज के लिए जरूरी बताया गया।
व्याख्यान-माला में डॉ. डीवी शर्मा, अरुण डंग, डॉ. नरेंद्र मल्होत्रा, आगरा आकाशवाणी के पूर्व केंद्र निदेशक नीरज जैन, अशोक अश्रु, डॉ. यशोयश, दीपक प्रहलाद, डॉ. गिरजा शंकर शर्मा, डॉ. भानु प्रताप सिंह और किरन शर्मा सहित अन्य वक्ताओं ने विचार रखे।
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Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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