National Desk, 🌐 tajnews.in | Monday, July 20, 2026, 01:23:00 PM IST.

tajnews.in | नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन देश की राजधानी दिल्ली की सड़कें भीषण राजनैतिक और सामाजिक संग्राम की गवाह बनीं। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और विख्यात सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की राष्ट्रव्यापी अपील पर आयोजित ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान जंतर-मंतर से लेकर लुटियंस दिल्ली तक भारी बवाल, तीखी झड़पें और जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। सैकड़ों की संख्या में हाथों में स्लोगन लिखे बैनर-पोस्टर लिए प्रदर्शनकारी संसद भवन का घेराव करने की जिद पर अड़े थे, जिन्हें रोकने के लिए दिल्ली पुलिस को कड़ा बल प्रयोग करना पड़ा। हालात इस कदर बेकाबू हो गए कि सुरक्षा बलों को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े। इस महा-प्रदर्शन के कारण दिल्ली की लाइफलाइन कही जाने वाली मेट्रो सेवा और यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।
सोनम वांगचुक और सीजेपी के आह्वान पर उमड़ी भीड़, बैरिकेडिंग पर हुई जबरदस्त धक्का-मुक्की
प्राप्त विस्तृत विवरण के अनुसार, सोमवार सुबह से ही जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों का जमावड़ा शुरू हो गया था। हाथों में तरह-तरह के हस्तलिखित स्लोगन, चित्रकारी किए गए पोस्टर और बड़े-बड़े बैनर लेकर आए प्रदर्शनकारी सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों का विन्यास इस कदर आक्रामक था कि वे किसी भी कीमत पर संसद भवन की ओर कूच करने की जिद पर अड़े हुए थे। दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कई स्तरों पर मजबूत लोहे के बैरिकेड्स लगा रखे थे। दोपहर होते-होते जब आक्रोशित भीड़ ने इन बैरिकेड्स को जबरन पार करने का प्रयास किया, तो पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक और गंभीर धक्का-मुक्की शुरू हो गई। स्थिति को हाथ से निकलता देख और कानून-व्यवस्था को बहाल रखने के लिए सुरक्षा बलों ने हवाई चेतावनी के बाद प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े, जिससे पूरे धरना स्थल पर अचानक भगदड़ और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।



लुटियंस जोन की रफ्तार पर लगा ब्रेक, 5 प्रमुख मेट्रो स्टेशन अगले आदेश तक पूरी तरह बंद
इस महा-आंदोलन के चलते सुरक्षा के कड़े इंतजामों के तहत दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने पुलिस के आला अधिकारियों के निर्देश पर एहतियातन एक बड़ा फैसला लिया। प्रशासन ने जनपथ, राजीव चौक, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशन को अगले आदेश तक यात्रियों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया। इन प्रमुख इंटरचेंज स्टेशनों के बंद होने के कारण दफ्तर आने-जाने वाले हजारों आम नागरिकों और यात्रियों को भीषण भीषण परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके अतिरिक्त, लुटियंस दिल्ली को जोड़ने वाले कई मुख्य मार्गों पर आम यातायात को डायवर्ट कर दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप कनॉट प्लेस और पार्लियामेंट स्ट्रीट के आसपास की सड़कों पर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं और पूरी यातायात व्यवस्था ठप होकर रह गई।



बिना अनुमति मार्च पर पुलिस की सख्त चेतावनी, उल्लंघन करने वालों पर दर्ज होगा मुकदमा
नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त ने मीडिया को संबोधित करते हुए पूरी स्थिति को स्पष्ट किया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) या किसी अन्य संगठन द्वारा आयोजित इस मार्च के लिए पुलिस प्रशासन से कोई पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी और न ही ऐसी किसी अनधिकृत गतिविधि की इजाजत दी जा सकती है। संसद के मानसून सत्र के मद्देनजर पूरे नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (पूर्ववर्ती धारा 144) पहले से ही कड़ाई से प्रभावी है। इसके तहत बिना पूर्व प्रशासनिक स्वीकृति के पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एक स्थान पर एकत्र होने, जुलूस निकालने अथवा सार्वजनिक शांति भंग करने पर पूर्ण पाबंदी है।



पुलिस ने प्रदर्शन स्थल पर लाउडस्पीकर के माध्यम से बार-बार घोषणा कर चेतावनी दी कि जो भी व्यक्ति जंतर-मंतर की निर्धारित सीमा से बाहर निकलकर संसद की तरफ बढ़ने का प्रयास करेगा, उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत सरकारी आदेशों की अवहेलना और दंगा भड़काने के जुर्म में तत्काल सख्त दंडात्मक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फिलहाल जंतर-मंतर और लुटियंस जोन के सभी संवेदनशील चौराहों पर भारी पैरामिलिट्री फोर्स मुस्तैद है और रैपिड रिस्पॉन्स टीमें किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर बनी हुई हैं।
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Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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