Agra Desk, 🌐 tajnews.in | Tuesday, 21 Jul, 2026, 03:45:10 PM IST.

tajnews.in | आगरा: मानसूनी सीजन में जहां आसमान से अमृत बरस रहा है, वहीं ताजनगरी के सरकारी स्कूलों में भूगर्भ जलस्तर सुधारने का प्लान पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। करीब तीन साल पहले 20 करोड़ रुपये की लागत से जिले के 1915 प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में लगाए गए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम आज शो-पीस बनकर रह गए हैं। देखरेख के अभाव में कहीं पाइप टूट चुके हैं तो कहीं सिस्टम के गड्ढे पूरी तरह कचरे से चोक हैं। हालत यह है कि बारिश का पानी जमीन के भीतर जाने के बजाय खुले में बहकर बर्बाद हो रहा है, लेकिन शिकायत दर्ज होने के बाद भी सिस्टम को ठीक करने की सुध नहीं ली गई।
डार्क जोन में घटिया पाइपों ने खोली पोल, प्रधानों ने नहीं दिया ध्यान
भूजल स्तर की गंभीर समस्या से जूझ रहे डार्क जोन ब्लॉक के स्कूलों में बारिश का पानी सहेजने के लिए 5-5 फीट गहरे पिट खोदे गए थे। छतों से पानी को पिट तक पहुंचाने के लिए प्लास्टिक पाइप लगाए गए थे, लेकिन तीन साल पहले हुए इस काम में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया। सैंया ब्लॉक के 126 परिषदीय स्कूलों और अछनेरा ब्लॉक के 146 स्कूलों में अधिकांश जगह पाइप टूट गए हैं या फिर गायब हो चुके हैं। फतेहाबाद के पूठपुरा स्थित स्कूल के प्रधानाध्यापक भोला सिंह यादव ने बताया कि निर्माण के महज चार महीने भीतर ही घटिया पाइप टूट गए। शिक्षकों ने ग्राम प्रधानों से लेकर विभागीय अधिकारियों को समस्या बताई, लेकिन किसी ने सफाई या मरम्मत की सुध नहीं ली।
जिलाधिकारी से समन्वय कर जल्द दुरुस्त कराया जाएगा सिस्टम
पूरे मामले में विभागीय लापरवाही उजागर होने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राकेश सिंह ने संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि विद्यालयों में बंद पड़े और क्षतिग्रस्त रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की सूची तैयार कराई जा रही है। संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर इन्हें जल्द से जल्द दुरुस्त कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी को मामले से अवगत कराया जा रहा है ताकि बजट का प्रावधान कर बारिश के पानी को सहेजने वाले इन सिस्टमों को दोबारा चालू किया जा सके।
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Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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