National Desk, 🌐 tajnews.in | Tuesday, 21 July, 2026, 10:45:00 AM IST.

tajnews.in | गंगटोक/नामची: पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच एक बड़ा और हृदयविदारक हादसा सामने आया है। राज्य के नामची जिले के समरडुंग क्षेत्र में स्थित निर्माणाधीन तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की मुख्य सुरंग (टैप टनल) भीषण भूस्खलन की चपेट में आ गई। पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में मलबे और चट्टानों के गिरने से सुरंग का मुख्य द्वार पूरी तरह बंद हो गया, जिससे अंदर काम कर रहे करीब 27 श्रमिक फंस गए। इस भीषण हादसे में अब तक 8 मजदूरों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 19 अन्य लोगों के अभी भी सुरंग के भीतर फंसे होने की आशंका है। घटना के बाद पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। भारी बारिश और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन की टीमें बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।
अचानक गिरी चट्टानें और बंद हुआ मुहाना, 3 किमी अंदर फंसे हैं श्रमिक
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना के अंतर्गत सुरंग निर्माण का कार्य जोर-शोर से चल रहा था। इसी दौरान क्षेत्र में कई घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते ऊपरी पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा ढह गया। टनों वजनी मिट्टी, पत्थर और मलबे का विशाल सैलाब सीधे सुरंग के मुहाने पर आकर गिरा, जिससे अंदर आने-जाने का एकमात्र रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों और परियोजना अधिकारियों के मुताबिक, हादसे के वक्त सुरंग के अंदर दैनिक शिफ्ट के दर्जनों तकनीकी कर्मचारी और मजदूर काम कर रहे थे। मलबे के अचानक गिरने से किसी को भी बाहर निकलने का मौका नहीं मिला।
बताया जा रहा है कि फंसे हुए श्रमिकों में से कई लोग सुरंग के मुहाने से लगभग तीन किलोमीटर की गहराई में कार्य में लगे हुए थे। गहराई अधिक होने के कारण अंदर ऑक्सीजन की आपूर्ति बनाए रखना और मजदूरों से संपर्क स्थापित करना बचाव टीमों के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग के साथ-साथ राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की विशेष टीमें अत्याधुनिक हैवी अर्थ मूवर्स और लाइफ डिटेक्टर्स के साथ मौके पर पहुंच गईं।
बारिश और फिसलन से रेस्क्यू में बाधा, मुख्यमंत्री कर रहे निगरानी
सिक्किम के पर्वतीय इलाकों में लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के खतरे ने राहत व बचाव कार्य की रफ्तार को धीमा कर दिया है। पहाड़ से रुक-रुक कर गिर रहे छोटे-छोटे पत्थरों और दलदली मिट्टी के कारण बचाव कर्मियों को भी भारी जोखिम उठाकर काम करना पड़ रहा है। आपातकालीन टीमें विशालकाय बोरिंग मशीनों और भारी मलबे को हटाने के उपकरणों के माध्यम से सुरंग के द्वार को साफ करने में जुटी हैं। अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिकता सुरंग के भीतर फंसे 19 श्रमिकों तक जल्द से जल्द पहुंचने और अंदर पाइपलाइनों के जरिए हवा व आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की है।
इस अत्यंत दुखद घटना पर सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने गहरा शोक और चिंता व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने घटना का संज्ञान लेते हुए राज्य के सभी उच्च अधिकारियों को राहत अभियान में पूरी ताकत झोंकने के कड़े निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री स्वयं राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और जिला प्रशासन के अधिकारियों से सीधे संपर्क में हैं और पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की पल-पल की रिपोर्ट ले रहे हैं। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों के शोकाकुल परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं और आश्वासन दिया कि सिक्किम सरकार संकट की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है तथा हर संभव सहायता प्रदान करेगी।
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Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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