फिरोजाबाद में कलयुगी बेटे की खौफनाक करतूत: बेसबॉल बैट से पीट-पीटकर पिता को उतारा मौत के घाट, हवालात में रात भर पछताता रहा हत्यारोपित बेटा

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Firozabad Desk, 🌐 [tajnews.in] | Monday, 20 July, 2026, 01:21:00 PM IST.

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tajnews.in | फिरोजाबाद: सुहागनगरी फिरोजाबाद के सिरसागंज क्षेत्र से रिश्तों का बेरहमी से कत्ल कर देने वाली एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। शराब की लत और संपत्ति विवाद के कड़े दलदल में फंसे एक कलयुगी बेटे ने अपने सगे वृद्ध पिता की बेसबॉल बैट से पीट-पीटकर निर्मम हत्या कर दी। इस खौफनाक हत्याकांड को अंजाम देने के बाद हत्यारोपित बेटा पुलिस की कस्टडी में रात भर थाने की हवालात में बैठकर अपने किए पर पछतावा व्यक्त करता रहा। उसका दावा है कि विवाद के दौरान यह कदम उसने जानबूझकर नहीं उठाया बल्कि गलती से बल्ला पिता के सिर में लग गया। परंतु, आसपास के पड़ोसियों और स्थानीय खुफिया सूत्रों ने इस थ्योरी को खारिज करते हुए पुश्तैनी दुकान को बेचने और उसके रुपयों के बंटवारे को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद को इस महा-अपराध की मुख्य वजह बताया है।

HIGHLIGHTS
  1. पारिवारिक खून-खराबा: फिरोजाबाद के सिरसागंज में बेटे उपेंद्र ने अपने 70 वर्षीय पिता राकेश बाबू को बेसबॉल बैट से पीटकर मार डाला।
  2. हवालात में हाई-ड्रामा: हत्यारोपित बेटा उपेंद्र रात भर थाने में रोता रहा, कहा— “पिताजी कुत्तों को मारने के लिए बल्ला लाए थे, गलती से सिर में लग गया।”
  3. शराब की लत ने किया बर्बाद: दिल्ली की फैक्ट्री में 70 हजार रुपये प्रति माह की नौकरी छूटी, घर लौटते ही परिवार का आर्थिक विन्यास पूरी तरह ध्वस्त हुआ।
  4. दुकान बेचने का कड़ा विवाद: राकेश बाबू की बंद पड़ी घड़ी की दुकान को बेचने और तीन हिस्सों में पैसे बांटने की बात पर राजी नहीं था आरोपित।

70 हजार की नौकरी छोड़ घर आया था शराबी बेटा, घर में आवारा कुत्तों से बचने के लिए लाया गया था बल्ला

सिरसागंज थाना पुलिस की कड़ी पूछताछ और जांच के दौरान आरोपित उपेंद्र ने अपने पारिवारिक और आर्थिक विन्यास का रो-रोकर विवरण दिया। उसने बताया कि वह पूर्व में देश की राजधानी दिल्ली की एक नामचीन औद्योगिक फैक्ट्री में काम करता था, जहां उसे प्रति माह 70 हजार रुपये का एक बहुत अच्छा वेतन मिलता था। परिवार में एकमात्र वही कमाने वाला मुख्य सदस्य था, जिसके दम पर पूरे घर की आजीविका सुचारू रूप से चलती थी। परंतु, अत्यधिक शराब पीने की लत और खराब आचरण की वजह से कुछ समय पूर्व कंपनी प्रबंधन ने उसे नौकरी से निष्कासित कर दिया। नौकरी छूटने के बाद वह वापस अपने पैतृक घर फिरोजाबाद लौट आया, जिससे पूरे परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय और बदतर हो गई।

आरोपित ने पुलिसिया बयान में बताया कि उसके बड़े भाई लालजी की पत्नी घर पर ही रहकर कपड़ों की सिलाई का छोटा-मोटा काम करती हैं। मोहल्ले और घर के आसपास आवारा खूंखार कुत्तों का कड़ा आतंक बना रहता था, जो अक्सर महिलाओं और बच्चों पर हमला करने का प्रयास करते थे। इन आवारा कुत्तों को डराकर भगाने और आत्मरक्षा के उद्देश्य से ही वृद्ध पिता राकेश बाबू कुछ दिन पूर्व बाजार से वह भारी-भरकम बेसबॉल का बल्ला खरीद कर घर लाए थे। शनिवार की रात जब घर के भीतर रुपयों और भविष्य की योजनाओं को लेकर कहासुनी शुरू हुई, तो आवेश में आकर उपेंद्र ने वही बल्ला उठा लिया और पिता के सिर पर दे मारा, जिससे बुजुर्ग राकेश बाबू लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

घड़ी की दुकान बेचने पर अड़ा था उपेंद्र, पिता के तीन हिस्सों वाले फैसले से भड़का कलयुगी बेटा

थाने की पुलिस और जांच टीम ने जब घटनास्थल के आसपास रहने वाले मोहल्लेवासियों और चश्मदीदों के बयान दर्ज किए, तो कहानी का एक दूसरा और बेहद शातिराना प्रशासनिक पहलू खुलकर सामने आया। स्थानीय लोगों ने बताया कि मृतक राकेश बाबू की पूर्व में कस्बे के भीतर एक घड़ी की पुश्तैनी दुकान थी, जो पिछले कई महीनों से पूरी तरह बंद पड़ी थी। दिल्ली से बेरोजगार होकर लौटने के बाद उपेंद्र लगातार अपने वृद्ध पिता पर उस कीमती दुकान को तत्काल बाजार में बेच देने का कड़ा दबाव बना रहा था ताकि उसे एकमुश्त मोटी रकम मिल सके।

न्यायप्रिय पिता राकेश बाबू का स्पष्ट मत था कि यदि वे इस पुश्तैनी दुकान की बिक्री करेंगे, तो उससे प्राप्त होने वाले कुल रुपयों के अनिवार्य रूप से तीन बराबर हिस्से किए जाएंगे, ताकि दोनों बेटों और परिवार का भरण-पोषण समान रूप से हो सके। उपेंद्र इस तीन हिस्सों वाले फैसले पर किसी भी कीमत पर राजी नहीं था और पूरी रकम खुद हड़पना चाहता था। शनिवार की देर रात भी इसी जायदाद के विन्यास को लेकर पिता-पुत्र में काफी देर तक तीखी नोकझोंक और गाली-गलौज हुई थी, जिसके बाद गुस्साए उपेंद्र ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए पिता पर ताबड़तोड़ प्रहार कर उन्हें मौत की नींद सुला दिया। पुलिस उपायुक्त और क्षेत्रीय क्षेत्राधिकारी ने बताया कि शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है और हत्यारोपित बेटे के खिलाफ हत्या की संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

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Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

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