Agra Desk, 🌐 tajnews.in | Updated: Saturday, 30 May 2026, 07:15:22 PM IST
आगरा: ताजनगरी के फतेहाबाद रोड स्थित ताज प्रेस क्लब में हिंदी पत्रकारिता दिवस की 200वीं ऐतिहासिक जयंती के पावन अवसर पर एक भव्य समारोह और राष्ट्रीय वैचारिकी संगोष्ठी का आयोजन किया गया। “बदलती पत्रकारिता, बदलती जिम्मेदारी” विषय पर आयोजित इस संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने देश के लोकतांत्रिक ढांचे में media की भूमिका पर बेबाक विचार रखे। केंद्रीय मंत्री ने प्रबुद्ध पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में हिंदी पत्रकारिता के समक्ष नित नई वैचारिक चुनौतियां खड़ी हो रही हैं। आज के दौर में अनभिज्ञ और गैर-पेशेवर लोग भी इस पवित्र क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं, जिन्हें खुद पत्रकार संगठनों को पहचान कर मुख्यधारा से दूर करना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंदी पत्रकारिता के गौरव, विश्वसनीयता और सामाजिक सरोकारों को स्वयं कायम रखना आज के समय की सबसे बड़ी and महत्वपूर्ण चुनौती बन चुकी है।
समारोह को आगे बढ़ाते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने बदलते तकनीकी दौर में प्रिंट मीडिया के शाश्वत महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया भले ही आज के समय में तात्कालिक सूचनाओं और व्यक्तिगत प्रचार का एक तीव्र माध्यम बन चुका हो, लेकिन जब इतिहास में किसी तथ्य का प्रामाणिक रिकॉर्ड या साक्ष्य रखना हो, तो आज भी मुद्रित समाचार पत्र (अखबार) ही सबसे विश्वसनीय और उपयोगी माध्यम साबित होते हैं। राजनेताओं और मीडिया के अंतर्संबंधों पर चुटकी लेते हुए उन्होंने बेहद अनौपचारिक लहजे में कहा कि राजनेताओं और पत्रकारों का आपसी रिश्ता ननद और भौजाई जैसा होता है, जहाँ दोनों एक-दूसरे से मीठी शिकायतें भी करते हैं और भीतर से अगाध प्रेम व सम्मान भी बना रहता है। उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए याद दिलाया कि देश को आज़ादी दिलाने वाले और शुरुआती दौर के जितने भी महान और शीर्ष राजनेता हुए, वे सभी मूल रूप से पत्रकार ही थे। पत्रकारिता की अद्वितीय शक्ति और राष्ट्र निर्माण में इसके अभूतपूर्व योगदान को देखते हुए ही महान समाजवादी चिंतक राममनोहर लोहिया ने हिंदी पत्रकारों और इस विधा को लोकतंत्र का “चौथा स्तंभ” कहकर पुकारा था।
प्रो. एसपी सिंह बघेल ने सार्वजनिक मंच से स्वीकार किया कि उनके राजनीतिक जीवन के सफर में पत्रकारों का हमेशा सकारात्मक और रचनात्मक सहयोग मिला है। उन्होंने कहा कि यदि राजनीतिक नेतृत्व समाज कल्याण के लिए दो कदम आगे बढ़ता है, तो पत्रकार अपनी कलम के माध्यम से चार कदम साथ चलकर उस चेतना को जन-जन तक पहुँचाते हैं। ताज प्रेस क्लब के भव्य और आधुनिक स्वरूप की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए उन्होंने भवन परिसर में अत्याधुनिक सोलर पावर सिस्टम (सौर ऊर्जा प्लांट) लगवाने के अपने पुराने शासकीय आश्वासन को पूरी प्रतिबद्धता के साथ दोहराया। उन्होंने गर्व से कहा कि यह प्रेस क्लब इतना शानदार और सर्वसुविधायुक्त बन चुका है कि हम पूरे देश में किसी भी मंच पर खड़े होकर सीना ठोककर यह कह सकते हैं कि हमारी ताजनगरी आगरा में देश का सबसे बेहतरीन ताज प्रेस क्लब क्रियाशील है।
समारोह के विशिष्ट अतिथि और उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने वैचारिक सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि देश के स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आज तक हिंदी पत्रकारिता का स्थान हमेशा सर्वोपरि और अत्यंत गौरवशाली रहा है। परंतु अत्यंत चिंता का विषय यह है कि जिस प्रकार आज के दौर में जीवन के अन्य सामाजिक, राजनीतिक और प्रशासनिक क्षेत्रों में नैतिक मूल्यों में भारी गिरावट देखने को मिल रही है, दुर्भाग्यवश उसका आंशिक असर पत्रकारिता के पवित्र क्षेत्र में भी दिखाई देने लगा है। चूंकि पत्रकार को भारतीय समाज का सच्चा दर्पण माना जाता है, इसलिए लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए पत्रकारों को अपने समृद्ध और तपस्यापूर्ण अतीत को सदैव स्मरण रखना होगा और हर हाल में पत्रकारिता की गरिमा व साख को बनाए रखना आवश्यक है। उच्च शिक्षा मंत्री ने इस पावन स्मृति को चिरस्थायी बनाने और क्लब की गतिविधियों के संचालन हेतु अपनी ऐच्छिक निधि से 11 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की सहर्ष घोषणा की।
विशिष्ट वक्ता के रूप में उपस्थित क्षेत्रीय विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने भी वैचारिक संगोष्ठी में मीडिया के समक्ष मौजूद आंतरिक खतरों की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि सच्ची पत्रकारिता से ही एक आदर्श और समतामूलक समाज का विकास संभव है। परंतु आज पत्रकारों को अपने बीच में घुस आए उन छद्म और गैर-पत्रकारों की पहचान करनी होगी, जो अपने निजी स्वार्थों के लिए इस पावन पेशे का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे तत्व समाज के साथ-साथ स्वयं संपूर्ण पत्रकारिता जगत का भारी अहित कर रहे हैं। इस शुद्धिकरण के कार्य में ताज प्रेस क्लब जैसे शीर्ष और अनुशासित संगठन की बहुत बड़ी और नैतिक जिम्मेदारी बनती है। कार्यक्रम में दिल्ली से पधारे आगरा के मूल निवासी वरिष्ठ पत्रकार राकेश आर्य ने क्लब के उन्नयन के लिए 51 हजार रुपये की बड़ी धनराशि देने की घोषणा कर सभी का दिल जीत लिया। वहीं, आगरा की पत्रकारिता के भीष्म पितामह कहे जाने वाले वरिष्ठ पत्रकार नेबिल स्मिथ ने अस्वस्थता के कारण समारोह में न आ पाने पर अपना लिखित संदेश भेजा और क्लब की आधुनिक लाइब्रेरी के लिए एक सर्वसुविधायुक्त अलमारी भेंट करने की घोषणा की।
इस ऐतिहासिक द्विशताब्दी समारोह का भव्य शुभारंभ मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल और ताज प्रेस क्लब के अध्यक्ष मनोज मिश्र द्वारा माँ सरस्वती के चित्र के सम्मुख वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन करके किया गया। इसके उपरांत मुख्य वक्ताओं और बाहर से आए विशिष्ट अतिथियों का स्वागत ताज प्रेस क्लब के अध्यक्ष मनोज मिश्रा ने पारंपरिक साफा, भव्य दुशाला, पुष्पगुच्छ एवं क्लब का विशेष प्रतीक स्मृति चिह्न भेंट कर किया। संगोष्ठी में उपस्थित मीडिया विशेषज्ञों ने हिंदी पत्रकारिता के उद्भव (30 मई 1826 को पंडित जुगलकिशोर शुक्ल द्वारा उद्दन्त मार्तण्ड के प्रकाशन) से लेकर आज तक की 200 वर्षों की लंबी और गौरवमयी यात्रा के विभिन्न पड़ावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि प्रिंट मीडिया के प्रारंभिक दौर से निकलकर आज जब हम डिजिटल, पोर्टल और सोशल मीडिया के हाइपर-इन्формация युग में प्रवेश कर चुके हैं, तब भ्रामक खबरों (फेक न्यूज) को रोकना और निष्पक्षता बनाए रखना समकालीन मीडिया की सबसे बड़ी परीक्षा है।
ताज प्रेस क्लब के अध्यक्ष मनोज मिश्रा ने समारोह के अंत में अपना अध्यक्षीय उद्बोद्धन देते हुए नौजवान न्यू-कमर्स पत्रकारों को एक बेहद महत्वपूर्ण तकनीकी संदेश दिया। उन्होंने कहा कि केवल हाथ में एक स्मार्टफोन या मोबाइल रख लेने मात्र से कोई व्यक्ति पत्रकार नहीं बन जाता। पत्रकारिता के लिए विचारों में गहराई, विधिक समझ और नैतिक जिम्मेदारी का होना बेहद अनिवार्य है क्योंकि आपके द्वारा लिखी और प्रसारित की गई खबरों पर देश के लाखों-करोड़ों लोग आंख बंद करके विश्वास करते हैं। उन्होंने नए दौर के पत्रकारों को समाचार संकलन का मूल मंत्र समझाते हुए कहा कि हर खबर में “5-W” (कहां, कब, क्यों, कैसे और किसलिए) का होना अनिवार्य है, यही किसी भी समाचार की वास्तविक आत्मा होती है। डिजिटल और चैटजीपीटी व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस दौर में न्यू-कमर्स को किसी भी सामग्री को ग्राही करने से पहले स्वयं उसकी सत्यता की गहन जांच और परख करनी चाहिए ताकि पत्रकारिता की निष्पक्षता अक्षुण्ण बनी रहे।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर ताज प्रेस क्लब के बदले हुए आधुनिक और भव्य भौतिक स्वरूप की भी चहुंओर जमकर सराहना की गई। समारोह में पहुंचे वरिष्ठ पत्रकारों ने अध्यक्ष मनोज मिश्र के कुशल नेतृत्व में पूरी ऊर्जावान कार्यकारिणी द्वारा किए गए कायाकल्प कार्यों को खूब सराहा। क्लब का मुख्य हॉल अब पूरी तरह से कड़ाई से वातानुकूलित (फुल्ली एयर-कंडीशंड) हो चुका है, जिसकी आंतरिक साज-सज्जा और लाइटिंग को किसी अत्याधुनिक मीडिया सेंटर की तरह अपग्रेड किया गया है। ताज प्रेस क्लब के सचिव आलोक द्विवेदी ने इस ऐतिहासिक द्विशताब्दी अवसर पर सभी पत्रकार साथियों को शुभकामनाएं देते हुए अतीत की यादें साझा कीं। उन्होंने कहा कि हमने वह दौर भी देखा है जब हमारे पत्रकार भाई हाथ से स्क्रिप्ट लिखते थे, कंप्यूटर पर कंपोजिंग होती थी और उसके बाद अखबार के पन्नों की पेस्टिंग की जाती थी। आज लैपटॉप और सोशल मीडिया के हाइपर-एक्टिव दौर में भ्रामक खबरों से बचना और समाज में मीडिया के अटूट विश्वास को बचाए रखना ही हमारी सबसे बड़ी और सामूहिक जिम्मेदारी है।
समारोह के समापन सत्र में अध्यक्ष मनोज मिश्रा ने आश्वस्त किया कि ताज प्रेस क्लब केवल एक भवन नहीं है, बल्कि यह पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा, उनके कल्याण और उनके पेशेवर कौशल को निखारने के लिए निरंतर कार्य करने वाली एक जीवंत संस्था है। उन्होंने देश के कोने-कोने से आए पत्रकारों और शहर के प्रबुद्ध अतिथियों का इस गरिमापूर्ण उपस्थिति के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का अत्यंत सफल, सारगर्भित और प्रभावी संचालन क्लब के कर्मठ महासचिव विवेक जैन ने अपनी चिरपरिचित साहित्यिक शैली में किया। समारोह में दिल्ली से आए वरिष्ठ पत्रकार राज कुमार सिंह, डॉ. प्रतीक मिश्र, राकेश आर्य, आशु सक्सेना, प्रांतीय राजधानी लखनऊ से पधारे गोलेश स्वामी और गुलाबी नगरी जयपुर से आए मीडिया विशेषज्ञ अभिषेक मेहरोत्रा का पूरी कार्यकारिणी द्वारा मंच पर विशिष्ट अतिथि के रूप में भव्य नागरिक अभिनंदन किया गया। इसके साथ ही, ताजनगरी में दशकों से अपनी लेखनी के माध्यम से समाज को दिशा दे रहे press क्लब के लगभग 100 से अधिक वयोवृद्ध और वरिष्ठ पत्रकारों को शॉल ओढ़ाकर और सम्मान पत्र भेंट कर उनकी सेवाओं को नमन किया गया। इन सभी विभूतियों का सम्मान क्लब की प्रबंध कार्यकारिणी के सम्मानित सदस्यों ने पूरी श्रद्धा के साथ किया।
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Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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