Agra Desk, tajnews.in | Tuesday, May 12, 2026, 01:05:07 AM IST

उत्तर प्रदेश के आगरा के ग्रामीण अंचलों में क्षेत्रीय सिनेमा तेजी से अपने पैर पसार रहा है। हाल ही में ‘डी एस वी’ फिल्म प्रोडक्शन के बैनर तले एक शानदार हिंदी फिल्म ‘मेरे दादू’ की शूटिंग सफलतापूर्वक पूरी हो गई है। इस फिल्म का सफल निर्देशन बृजवुड के जाने-माने सुपरस्टार दीपक शर्मा वत्स ने किया है। यह फिल्म मुख्य रूप से सन 1900 के दशक की क्रूर जमींदारी प्रथा पर एक बहुत ही कड़ा प्रहार करती है। इसके साथ ही, यह फिल्म पर्यावरण संरक्षण का एक गहरा और महत्वपूर्ण संदेश भी समाज को देती है। फिल्म के निर्माता सावन चौहान ने ही मुख्य नायक ‘बिरजू’ का दमदार किरदार निभाया है। इसके अलावा, नायिका के रूप में दिव्या सिंह ने अपने बेहतरीन अभिनय से सभी का दिल जीत लिया है। फिल्म में पूजा शर्मा एक सख्त कलेक्टर साहिबा की भूमिका में नजर आएंगी।
क्षेत्रीय सिनेमा को मिल रही नई उड़ान
उत्तर प्रदेश के आगरा में क्षेत्रीय सिनेमा और बृजवुड (Brijwood) अब लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। स्थानीय कलाकार अपनी प्रतिभा के दम पर अब बड़ी फिल्मों का निर्माण कर रहे हैं। इसी दिशा में ‘डी एस वी’ (DSV) फिल्म प्रोडक्शन ने एक बहुत ही मजबूत और सामाजिक विषय को चुना है। उन्होंने अपनी नई फिल्म ‘मेरे दादू’ का निर्माण कर एक शानदार मिसाल पेश की है। यह फिल्म केवल मनोरंजन तक ही सीमित नहीं है। बल्कि यह फिल्म समाज को एक बहुत ही गहरा और जरूरी संदेश भी देती है। ग्रामीण परिवेश पर आधारित फिल्में हमेशा से ही दर्शकों को अपनी माटी से जोड़ती रही हैं। इसलिए, फिल्म ‘मेरे दादू’ से भी दर्शकों को काफी ज्यादा उम्मीदें हैं।

इस फिल्म ने निर्माण के दौरान कई बड़ी चुनौतियों का सामना किया है। फिल्म की पूरी टीम ने उत्तर प्रदेश के आगरा के दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में दिन-रात कड़ी मेहनत की है। चिलचिलाती धूप और ग्रामीण क्षेत्रों की कठिन परिस्थितियों के बावजूद टीम का उत्साह कभी कम नहीं हुआ। फिल्म के सभी सदस्यों ने एकजुट होकर इस प्रोजेक्ट को सफल बनाया है। अब इस फिल्म की शूटिंग पूरी तरह से संपन्न हो चुकी है। यह खबर स्थानीय फिल्म उद्योग के लिए एक बहुत बड़ी और सकारात्मक उपलब्धि मानी जा रही है।
1900 के दशक की कहानी और जमींदारी प्रथा का जुल्म
फिल्म ‘मेरे दादू’ की कहानी दर्शकों को सीधे 1900 के दशक के उस काले दौर में ले जाती है। उस समय हमारे देश के गांवों में जमींदारी प्रथा का बहुत अधिक बोलबाला था। गरीब और लाचार किसान हमेशा जमींदारों के कर्ज और जुल्मों के नीचे दबे रहते थे। यह फिल्म उसी दर्दनाक दौर की बहुत ही सच्ची और हृदयविदारक तस्वीर पेश करती है। फिल्म दिखाती है कि कैसे मासूम किसानों का खून-पसीना जमींदारों की तिजोरियां भरने के काम आता था। इसके अलावा, फिल्म में किसानों के संघर्ष और उनके विद्रोह को भी बहुत ही बारीकी से दर्शाया गया है।

जमींदारी प्रथा के साथ-साथ इस फिल्म ने पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे को भी बहुत ही खूबसूरती से उठाया है। आज के समय में पर्यावरण को बचाना हम सबकी सबसे बड़ी जरूरत है। फिल्म के निर्देशक ने बड़ी ही चतुराई से एक ऐतिहासिक कहानी के बीच पर्यावरण का संदेश पिरोया है। यह फिल्म बताती है कि प्रकृति और इंसानों का रिश्ता बहुत पुराना और गहरा है। जब हम प्रकृति का सम्मान करते हैं, तो प्रकृति भी हमारी रक्षा करती है। इसलिए, यह फिल्म समाज को पेड़ों और हरियाली के महत्व के बारे में भी बहुत जागरूक करेगी।
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दीपक शर्मा वत्स का शानदार और प्रभावी निर्देशन
किसी भी फिल्म की सफलता उसके निर्देशक की दृष्टि पर ही निर्भर करती है। फिल्म ‘मेरे दादू’ के निर्देशक दीपक शर्मा वत्स ने इस जिम्मेदारी को बहुत ही बखूबी निभाया है। दीपक शर्मा वत्स बृज क्षेत्र के एक बहुत ही लोकप्रिय और माने हुए सुपरस्टार हैं। उन्होंने अपने अभिनय के साथ-साथ अब निर्देशन में भी अपनी एक अलग और खास पहचान बना ली है। उन्होंने फिल्म के हर एक दृश्य को बहुत ही जीवंत और वास्तविक बनाने का सफल प्रयास किया है। उन्होंने ग्रामीण परिवेश की छोटी-छोटी बारीकियों को कैमरे में बहुत ही शानदार तरीके से कैद किया है।
निर्देशक दीपक शर्मा ने कलाकारों से उनका सर्वश्रेष्ठ अभिनय बाहर निकालने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने 1900 के दशक का सेट तैयार करने के लिए बहुत ही गहरी रिसर्च की थी। फिल्म में किरदारों की वेशभूषा, उनकी बोली और उनके रहन-सहन को बिल्कुल उसी पुराने दौर के हिसाब से डिजाइन किया गया है। इसलिए, जब दर्शक इस फिल्म को पर्दे पर देखेंगे, तो उन्हें लगेगा जैसे वे सचमुच उस पुराने युग में पहुंच गए हैं। दीपक शर्मा का यह निर्देशन निश्चित रूप से उनके करियर में एक और बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।
सावन चौहान और दिव्या सिंह की दमदार अदाकारी
फिल्म में मुख्य नायक की भूमिका निभाना हमेशा एक बहुत बड़ी चुनौती होती है। ‘डी एस वी’ प्रोडक्शन के मालिक और फिल्म के निर्माता सावन चौहान ने खुद ‘बिरजू’ का किरदार निभाया है। बिरजू एक ऐसा साधारण युवा है जो व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाता है। सावन चौहान ने बिरजू के गुस्से, उसकी लाचारी और उसके संघर्ष को बहुत ही गहराई से पर्दे पर जिया है। उन्होंने अपने अभिनय से बिरजू के चरित्र में एक नई और सच्ची जान फूंक दी है। दर्शक उनके इस दमदार और भावपूर्ण अभिनय को लंबे समय तक याद रखेंगे।
नायक के साथ-साथ फिल्म की नायिका का किरदार भी बहुत सशक्त और महत्वपूर्ण है। जानी-मानी अभिनेत्री दिव्या सिंह ने फिल्म में नायिका की भूमिका अदा की है। दिव्या सिंह ने अपने बेहतरीन और सधे हुए अभिनय से पूरी फिल्म में एक अलग ही रंग भर दिया है। उन्होंने एक ऐसी ग्रामीण महिला का किरदार निभाया है जो जुल्म के खिलाफ डटकर खड़ी रहती है। उनकी भाव-भंगिमाएं और उनके संवाद अदायगी का तरीका बेहद प्रभावशाली है। सावन और दिव्या की पर्दे पर केमेस्ट्री दर्शकों को फिल्म से बांधे रखने में पूरी तरह सफल रहेगी।

खलनायक और सपोर्टिंग कास्ट ने भी छोड़ी गहरी छाप
किसी भी कहानी में नायक तभी उभरता है जब उसका सामना एक बेहद मजबूत और खूंखार खलनायक से होता है। फिल्म ‘मेरे दादू’ में डी के अश्वनी ने मुख्य खलनायक का किरदार निभाया है। उन्होंने एक ऐसे निर्दयी जमींदार की भूमिका अदा की है, जिसे देखकर ही दर्शकों के मन में डर और गुस्सा पैदा हो जाएगा। डी के अश्वनी ने अपनी आंखों और अपनी भारी आवाज से खलनायक के किरदार को एक नई और खौफनाक ऊंचाई दी है। उनके अभिनय ने फिल्म में एक बहुत ही जबरदस्त और रोमांचक संघर्ष पैदा किया है।
फिल्म को सफल बनाने में सपोर्टिंग कास्ट का भी बहुत बड़ा और अहम योगदान होता है। अभिनेत्री पूजा शर्मा ने फिल्म में एक सख्त और ईमानदार कलेक्टर साहिबा की भूमिका बहुत ही सफलता के साथ निभाई है। उनका किरदार फिल्म में न्याय की एक नई किरण लेकर आता है। इसके अलावा, बाल कलाकार गरिमा ने अपनी मासूमियत और अपने शानदार अभिनय से सभी को बहुत प्रभावित किया है। फिल्म में रवि शर्मा, अजय, राकेश, पिंकी गुर्जर और मिथलेश जैसे कई बेहतरीन कलाकारों ने भी अपने-अपने किरदारों के साथ पूरा न्याय किया है।
बृजवुड सिनेमा के लिए एक बड़ा और सकारात्मक कदम
फिल्म ‘मेरे दादू’ का निर्माण क्षेत्रीय सिनेमा के विकास की दिशा में एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम है। उत्तर प्रदेश के आगरा और आसपास के क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। हालांकि, उन्हें अक्सर सही मंच और अच्छे अवसर नहीं मिल पाते हैं। ‘डी एस वी’ फिल्म प्रोडक्शन ने स्थानीय कलाकारों को एक बहुत बड़ा और शानदार मंच प्रदान किया है। इस फिल्म की सफलता आने वाले समय में अन्य निर्माताओं को भी बृजवुड में निवेश करने के लिए प्रेरित करेगी। इसके परिणामस्वरूप, स्थानीय सिनेमा को एक नई और वैश्विक पहचान मिलेगी।
अब फिल्म की शूटिंग पूरी होने के बाद पोस्ट-प्रोडक्शन का काम बहुत तेजी से चल रहा है। जल्द ही इस फिल्म का ट्रेलर और इसके गाने दर्शकों के सामने पेश किए जाएंगे। फिल्म के निर्माताओं को पूरी उम्मीद है कि दर्शक इस फिल्म को अपना भरपूर प्यार और समर्थन देंगे। यह फिल्म न केवल लोगों का भरपूर मनोरंजन करेगी, बल्कि यह समाज को पर्यावरण संरक्षण का एक बहुत ही महत्वपूर्ण पाठ भी पढ़ाएगी। कुल मिलाकर, ‘मेरे दादू’ एक ऐसी फिल्म है जिसका दर्शकों को बहुत ही बेसब्री से इंतजार रहेगा।
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Thakur Pawan Singh
Editor in Chief, Taj News
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