National Desk, tajnews.in | Wednesday, April 15, 2026, 07:45:30 PM IST

पुणे: महाराष्ट्र की सांस्कृतिक और शैक्षिक राजधानी पुणे से एक बेहद विचलित करने वाली और खौफनाक घटना सामने आई है। दरअसल, पूरा शहर डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर की 135वीं जयंती के जश्न और भारी उत्साह में पूरी तरह से डूबा हुआ था। लोग चारों तरफ रैलियां निकाल रहे थे और खुशियां मना रहे थे। इसी बीच, शहर के विश्रांतवाडी इलाके में एक दिल दहला देने वाली हिंसक वारदात ने सबको बुरी तरह से झकझोर दिया। यहां मंगलवार मध्यरात्रि को एक 18 वर्षीय बेगुनाह युवक की बेहद क्रूर और अमानवीय तरीके से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। हमलावरों ने पहले युवक पर धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ कई जानलेवा वार किए। इसके बाद, उन्होंने भारी पत्थरों से उसका सिर बुरी तरह कुचल दिया। इस निर्मम हत्याकांड ने पूरे पुणे शहर में भारी दहशत और सनसनी फैला दी है। स्थानीय लोग इस भयावह वारदात के बाद से बहुत ज्यादा डरे और सहमे हुए हैं। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और वह कातिलों की सरगर्मी से तलाश कर रही है।
मध्यरात्रि का वह खौफनाक मंजर और दरिंदगी की हदें
यह पूरी खौफनाक घटना पुणे के विश्रांतवाडी स्थित कॉमर्स जोन परिसर के पास घटित हुई है। चश्मदीदों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, मंगलवार आधी रात के समय 18 वर्षीय पीड़ित युवक वहां से अकेला गुजर रहा था। चूंकि, शहर में जयंती का भव्य माहौल था, इसलिए सड़कों पर काफी चहल-पहल और भारी भीड़ मौजूद थी। हालांकि, इसी भीड़भाड़ के बीच 3 से 4 बदमाशों के एक हिंसक गुट ने उस युवक को अकेला पाकर उसे चारों तरफ से घेर लिया। बदमाशों के हाथ में तेज धारदार हथियार और लोहे की रॉड मौजूद थीं।
हमलावरों ने बिना कोई मौका दिए युवक पर ‘कोयते’ (हंसिया) से बेहद जानलेवा और ताबड़तोड़ हमला शुरू कर दिया। वह बेबस युवक अपनी जान बचाने के लिए जोर-जोर से चीखता और तड़पता रहा। लेकिन, दरिंदों ने उसकी एक नहीं सुनी। इसके बाद, जब युवक बुरी तरह लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़ा, तो हमलावरों ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। दरअसल, यह पूरी तरह सुनिश्चित करने के लिए कि वह जिंदा न बचे, उन्होंने पास पड़े एक भारी पत्थर से उसका सिर कई बार कुचला। इसके परिणामस्वरूप, उस 18 वर्षीय युवक ने सड़क पर तड़पते हुए ही अपना दर्दनाक दम तोड़ दिया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और पुरानी रंजिश का गहरा शक
इस वीभत्स घटना की भनक लगते ही विश्रांतवाडी पुलिस स्टेशन की टीम तुरंत भारी दलबल के साथ मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने सबसे पहले घटनास्थल पर मौजूद भीड़ को वहां से हटाया और इलाके को सील कर दिया। इसके बाद, उन्होंने खून से लथपथ और क्षत-विक्षत शव को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने पंचनामा भरने के बाद शव को पोस्टमार्टम (Postmortem) के लिए ससून अस्पताल भेज दिया है। फोरेंसिक टीम (Forensic Team) भी मौके की बहुत बारीकी से जांच कर रही है और कई अहम सुराग इकट्ठा किए गए हैं।
पुलिस के आला अधिकारियों ने इस मामले में हत्या का मुकदमा तुरंत दर्ज कर लिया है। प्रारंभिक जांच और पूछताछ के आधार पर पुलिस का स्पष्ट मानना है कि इस जघन्य हत्या के पीछे कोई बहुत पुरानी रंजिश (Old Rivalry) है। दरअसल, पीड़ित युवक और मुख्य आरोपियों के बीच पिछले कुछ समय से किसी बात को लेकर भारी और हिंसक विवाद चल रहा था। इसी विवाद का खौफनाक बदला लेने के लिए आरोपियों ने इस जानलेवा साजिश को पूरी तरह से अंजाम दिया। पुलिस ने इन फरार कातिलों को तुरंत पकड़ने के लिए अपनी कई विशेष टीमें गठित कर दी हैं।
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डॉ. अंबेडकर के शांति संदेश के बीच हिंसा का यह क्रूर रूप
पुणे शहर की यह वारदात अपने आप में कई बहुत गंभीर और बड़े सवाल खड़े करती है। गौरतलब है कि, यह हत्या ठीक उस रात हुई जब पूरा देश डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर की जयंती बेहद धूमधाम से मना रहा था। डॉ. अंबेडकर ने हमेशा पूरे भारतीय समाज को शांति, शिक्षा, समानता और अहिंसा का बेहद मजबूत संदेश दिया था। उन्होंने हमेशा युवाओं को हथियार के बजाय कलम उठाने और संगठित होकर अन्याय के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए भारी प्रेरित किया था। लेकिन, इसके बिल्कुल विपरीत, आज के युवा अपने हाथों में ‘कोयता’ और पत्थर उठाकर एक-दूसरे की बेरहमी से जान ले रहे हैं।
निश्चित रूप से, यह विकट स्थिति पूरे सभ्य समाज के लिए एक बहुत बड़े और गंभीर चिंतन का विषय है। युवाओं में बढ़ती हुई यह भारी आक्रामकता और छोटी-छोटी बातों पर हत्या कर देने की यह खतरनाक प्रवृत्ति बहुत ज्यादा विनाशकारी है। आखिर हमारे समाज का युवा वर्ग किस अंधेरी दिशा में आगे बढ़ रहा है? समाजशास्त्रियों का मानना है कि बेरोजगारी, नशे की भयंकर लत और सोशल मीडिया का गलत प्रभाव युवाओं को इस भयंकर अपराध की दुनिया में लगातार धकेल रहा है। हमें अपने भटकते युवाओं को सही रास्ता हर हाल में दिखाना ही होगा।
पुणे में बढ़ता ‘कोयता गैंग’ का खौफ और पुलिस पर सवाल
पुणे शहर को पूरे देश में शिक्षा का एक बहुत बड़ा और सबसे सुरक्षित केंद्र (Oxford of the East) माना जाता है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में यहां अपराध का ग्राफ बहुत तेजी से ऊपर की ओर चढ़ा है। खासकर, शहर के विभिन्न इलाकों में ‘कोयता गैंग’ (Koyta Gang) का भारी आतंक लगातार बढ़ता ही जा रहा है। ये बेखौफ बदमाश खुलेआम धारदार हथियार लहराते हैं और दिनदहाड़े लोगों पर जानलेवा हमले करते हैं। इस ताजा हत्याकांड ने पुणे की लचर होती कानून व्यवस्था और पुलिस की रात्रिकालीन गश्त पर भी एक बहुत बड़ा और तीखा सवालिया निशान लगा दिया है।
स्थानीय नागरिकों ने पुलिस प्रशासन से बहुत ज्यादा सख्त और त्वरित कार्रवाई की जोरदार मांग की है। लोगों का साफ कहना है कि अगर पुलिस ने इन खून के प्यासे अपराधियों के खिलाफ कड़ा एक्शन नहीं लिया, तो शहर में आम आदमी का रहना बिल्कुल असुरक्षित हो जाएगा। प्रशासन को रात के समय पुलिस गश्त (Night Patrolling) काफी ज्यादा बढ़ानी होगी। अंततः, पुलिस के आला अधिकारियों ने जनता को पूरी तरह से आश्वस्त किया है कि इस जघन्य हत्याकांड के सभी दोषियों को बहुत जल्द सलाखों के पीछे डाला जाएगा।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल और न्याय की भारी गुहार
इस मनहूस और रूह कंपा देने वाली खबर के घर पहुंचते ही, मृतक 18 वर्षीय युवक के परिवार में भयंकर कोहराम मच गया। माता-पिता और रिश्तेदारों का रो-रोकर बहुत ही बुरा हाल हो गया है। उन्होंने कभी भी सपने में यह नहीं सोचा था कि जयंती का यह खुशी भरा दिन उनके लिए जीवन भर का सबसे बड़ा और कभी न खत्म होने वाला भयंकर दुख लेकर आएगा। परिजनों ने पुलिस और राज्य सरकार से भरे हुए गले के साथ न्याय की बहुत भारी गुहार लगाई है। वे चाहते हैं कि उनके बेटे के निर्दयी कातिलों को फांसी की कड़ी सजा मिले।
समाज के कई स्थानीय नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस जघन्य हत्याकांड की बहुत कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने पुलिस कमिश्नर से मिलकर इस पूरे मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट (Fast Track Court) में चलाने की जोरदार मांग की है। निश्चित रूप से, जब तक अपराधियों के मन में कानून का भारी खौफ नहीं होगा, तब तक ऐसी दरिंदगी की हिंसक घटनाएं बिल्कुल भी नहीं रुकेंगी। अब यह देखना बहुत अहम होगा कि पुणे पुलिस कितनी जल्दी इन खूंखार हत्यारों को गिरफ्तार करके सलाखों के पीछे भेजती है। पूरे शहर की निगाहें पुलिस की अगली और त्वरित कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
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Thakur Pawan Singh
Editor in Chief, Taj News
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