दिल्ली से महोबा जा रही बस में करीब 30-35 यात्री थे सवार; 20-25 यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया, छह मृतकों की पहचान
उत्तर प्रदेश डेस्क | 🌐 tajnews.in | 25 सितंबर 2026 | 05:47 बजे

ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात दिल्ली से महोबा जा रही एसी स्लीपर बस में भीषण आग लगने से नौ यात्रियों की मौत हो गई। जेवर थाना क्षेत्र में एक्सप्रेसवे के करीब 33वें किलोमीटर के पास हुए इस हादसे में बस में करीब 35 यात्री सवार बताए गए हैं। 20 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
हादसे के बाद दर्ज एफआईआर में यात्रियों की ओर से बस के चालक और परिचालक पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार, यात्रियों को बस में जलने की गंध महसूस हुई थी और उन्होंने चालक व परिचालक को इसकी जानकारी देकर बस रोकने को कहा था। आरोप है कि चेतावनी के बावजूद बस तत्काल नहीं रोकी गई।
कुछ देर बाद चालक केबिन के पास आग की लपटें दिखाई देने लगीं और बस में धुआं भर गया। इसके बाद यात्रियों में अफरातफरी मच गई। कई यात्रियों ने खिड़कियों और उपलब्ध रास्तों से बाहर निकलकर जान बचाई। पुलिस और दमकल की टीमों ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान चलाया।
- यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में आग लगने से नौ यात्रियों की मौत।
- एफआईआर में यात्रियों की चेतावनी के बावजूद बस नहीं रोकने का आरोप।
- 20 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
- पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो चालक और एक परिचालक शामिल हैं।
- छह मृतकों की पहचान हो चुकी है, जबकि तीन की शिनाख्त बाकी है।
यात्रियों ने जलने की गंध की शिकायत की थी
एफआईआर में दर्ज शिकायत के अनुसार, बस में सवार यात्रियों को रास्ते में जलने की तेज गंध महसूस हुई। यात्रियों ने चालक और परिचालक को इसकी जानकारी दी और बस रोककर जांच करने की मांग की। आरोप है कि उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया और बस आगे चलती रही।
इसके कुछ ही देर बाद चालक केबिन की तरफ से धुआं और आग की लपटें दिखाई देने लगीं। आग तेजी से फैलने लगी और बस के भीतर धुआं भर गया। यात्रियों में चीख-पुकार और अफरातफरी मच गई। कुछ यात्री किसी तरह बस से बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि कई यात्री अंदर फंस गए।
एसी सिस्टम में स्पार्क से आग लगने की प्रारंभिक आशंका
मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार के अनुसार, प्रारंभिक जांच में बस के एयर-कंडीशनिंग सिस्टम में स्पार्क या ब्लास्ट के बाद इंजन के लुब्रिकेंट ऑयल में आग पकड़ने की आशंका सामने आई है। हालांकि आग लगने का वास्तविक कारण अभी अंतिम रूप से निर्धारित नहीं हुआ है।
दमकल और पुलिस टीमों ने आग पर काबू पाने के बाद बस के अंदर प्रवेश किया तो वहां नौ यात्री मृत मिले। प्रारंभिक तौर पर मौतों की वजह जलने या दम घुटने से होने की बात सामने आई है। आग लगने के कारण और उसके तेजी से फैलने की परिस्थितियों की तकनीकी जांच जारी है।
तीन लोग गिरफ्तार, दो चालक और एक परिचालक शामिल
हादसे के बाद पुलिस ने मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में दो चालक और एक परिचालक शामिल हैं। पुलिस के अनुसार आरोपियों की पहचान पवन, योगेश दीक्षित और रोहित कुमार के रूप में हुई है।
जेवर थाने में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस आग लगने के कारणों के साथ-साथ यात्रियों की ओर से लगाए गए लापरवाही के आरोपों की भी जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
छह मृतकों की पहचान, तीन की शिनाख्त बाकी
हादसे में नौ लोगों की मौत हुई है। आग में शव बुरी तरह झुलस जाने के कारण उनकी पहचान में परेशानी आ रही है। पुलिस के अनुसार छह मृतकों की पहचान हो चुकी है।
पहचाने गए मृतकों में श्रुति रावत (31), उषा देवी (65), हर शरण गुप्ता (55), देवेंद्र भारद्वाज (61), सरोज गुप्ता (52) और मयंक गुप्ता (28) शामिल हैं।
बाकी तीन मृतकों की पहचान के लिए पुलिस टिकट बुकिंग रिकॉर्ड, मोबाइल फोन, परिजनों से लिए जा रहे नमूनों और डीएनए मिलान समेत अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की मदद ले रही है।
बस की तकनीकी और दस्तावेजी जांच जारी
घटना के बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम ने बस की जांच की है। बस का पंजीकरण नंबर BR32PA8647 बताया गया है। यह बस नई दिल्ली के कश्मीरी गेट से महोबा जा रही थी और राज कल्पना ट्रेवल्स से जुड़ी बताई गई है।
जांच में बस की तकनीकी स्थिति, फिटनेस से जुड़े दस्तावेज और आग लगने से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। हादसे के दौरान बस में मौजूद यात्रियों के बयान और एफआईआर में दर्ज आरोप भी जांच का हिस्सा हैं।
20 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया
सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल और बचाव दल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के अनुसार, बचाव अभियान के दौरान 20 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। कुछ यात्रियों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। सुरक्षित बचे यात्रियों को बाद में उनके गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की गई।
आग की तीव्रता के कारण बस का बड़ा हिस्सा पूरी तरह जल गया। बचाव अभियान पूरा होने के बाद जली हुई बस को एक्सप्रेसवे से हटाया गया और यातायात व्यवस्था सामान्य कराई गई।
मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता
उत्तर प्रदेश सरकार ने हादसे में जान गंवाने वाले यात्रियों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भी प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के निकटतम परिजनों के लिए दो-दो लाख रुपये और घायलों के लिए 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की गई है।
फिलहाल पुलिस आग लगने के वास्तविक कारण, बस की तकनीकी स्थिति और यात्रियों की चेतावनी के बावजूद बस नहीं रोकने के आरोपों से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। एफआईआर में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।





