मुजफ्फरनगर में कुदरत का कहर: बुढ़ाना में कच्चे मकान की छत ढहने से एक ही परिवार के 5 लोगों की दर्दनाक मौत, 2 मासूम गंभीर रूप से घायल

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Uttar Pradesh Desk, 🌐 [tajnews.in] | Monday, 20 July, 2026, 09:01:00 AM IST.

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tajnews.in | मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद से एक बेहद हृदयविदारक और झकझोर देने वाले भीषण हादसे की खबर सामने आई है। रविवार की रात क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश और तेज आंधी के दौरान बुढ़ाना तहसील के फुगाना थाना क्षेत्र स्थित हबीबपुर सीकरी गांव में एक कच्चे मकान की छत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। इस भयंकर आपदा के वक्त परिवार के सदस्य भीतर बैठकर रात का खाना खा रहे थे। महज 30 सेकंड के भीतर आए इस काल के झपाटे ने हंसते-खेलते परिवार को मलबे के ढेर में तब्दील कर दिया। इस दर्दनाक हादसे में परिवार के मुखिया सहित उनके चार मासूम बच्चों की मौके पर ही दम घुटने और मलबे में दबने से दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।

HIGHLIGHTS
  1. भीषण दैवीय आपदा: मुजफ्फरनगर के हबीबपुर सीकरी गांव में भारी बारिश के चलते कच्चा मकान ढहने से 5 लोगों की मौत।
  2. एक ही झटके में उजड़ा सिंडिकेट: 58 वर्षीय मजदूर इस्लाम कस्सार और उनके 4 मासूम बच्चों की मलबे में दबकर सांसें थमीं।
  3. गंभीर रूप से घायल: मलबे से सुरक्षित निकाली गईं दो बेटियां रुकैया और सुमैया अस्पताल में वेंटिलेटर व ऑक्सीजन सपोर्ट पर।
  4. मदद की घोषणा: जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने जिला अस्पताल पहुंचकर हरसंभव सहायता का भरोसा दिया।

खाना खाते समय 30 सेकंड में भरभराकर गिरी पक्की दीवार, फिर मलबे में तब्दील हुई छत

स्थानीय आपदा प्रबंधन और फुगाना पुलिस से प्राप्त प्रारंभिक आधिकारिक विवरण के अनुसार, यह हृदयविदारक हादसा रविवार रात करीब 9:00 बजे घटित हुआ। गांव के रहने वाले निर्धन मजदूर इस्लाम (58) अपने छह बच्चों— रुखसार (10), रुकैया (6), सुमैया (7), आहद (5), अलसीबा (4) और महज एक साल के दुधमुंहे बच्चे जीशान के साथ मकान के भीतर बैठकर भोजन कर रहे थे। ग्राम प्रधान प्रमोद शर्मा के मुताबिक, इस्लाम के मकान का पीछे का हिस्सा पक्की ईंटों से बना था जबकि आगे का मुख्य ढांचा पूरी तरह कच्चा था। कई दिनों से हो रही मूसलाधार बरसात के कारण पीछे की पक्की दीवार में पानी का रिसाव हो गया था, जिससे वह अचानक भरभराकर आगे के कच्चे हिस्से पर गिर गई। दीवार गिरते ही मकान की भारी-भरकम छत भी नीचे ढह गई और भोजन कर रहा पूरा परिवार मलबे के नीचे दफन हो गया।

हादसे के वक्त जोरदार धमाके और चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी मुजस्सिर और सैकड़ों अन्य ग्रामीण लाठियां और फावड़े लेकर घटनास्थल की तरफ दौड़े। राहत और बचाव कार्य के लिए तत्काल जेसीबी (JCB) मशीन बुलाई गई। ग्रामीणों और पुलिस की संयुक्त टीम को मलबे के भारी पत्थरों को हटाकर दबे हुए लोगों तक पहुंचने में करीब आधा घंटे से अधिक का समय लग गया। मलबे से जैसे-जैसे सदस्यों को बाहर निकाला गया, उन्हें तुरंत निजी वाहनों और एम्बुलेंस के जरिए बुढ़ाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) भिजवाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक परीक्षण के बाद इस्लाम, रुखसार, आहद, अलसीबा और एक वर्षीय मासूम जीशान को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से चोटिल रुकैया और सुमैया को तत्काल जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

इस भयानक त्रासदी के बीच एक चमत्कारिक पहलू यह रहा कि इस्लाम की पत्नी जैबून अपनी 14 वर्षीय बड़ी बेटी शहजादी और बेटे शुभान के साथ हादसे से चंद मिनट पहले पड़ोस के एक मोहल्ले में किसी काम से गई हुई थीं। इसी वजह से परिवार के ये तीन सदस्य इस काल के ग्रास बनने से पूरी तरह सकुशल बच गए। 10 सदस्यों वाले इस हँसते-खेलते मजदूर परिवार में अब सिर्फ मां और दो बच्चे ही सही-सलामत बचे हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है और समूचे हबीबपुर गांव में चूल्हा तक नहीं जला है।

कमिश्नर और डीएम ने किया स्थलीय निरीक्षण, राज्यमंत्री कपिल देव पहुंचे अस्पताल

घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासनिक अमला तुरंत हरकत में आ गया। उत्तर प्रदेश सरकार के कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल देर रात सीधे स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय पहुंचे और डॉक्टरों को दोनों घायल बच्चियों का बेहतर से बेहतर इलाज करने के कड़े निर्देश दिए। राज्यमंत्री ने पीड़ित मां को ढांढस बंधाते हुए उत्तर प्रदेश आपदा राहत कोष से अनुग्रह राशि जल्द दिलाने का आश्वासन दिया। इसके साथ ही, मंडलायुक्त (कमिश्नर) डॉ. रूपेश कुमार, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) संजय वर्मा ने दलबल के साथ हबीबपुर सीकरी गांव पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से स्थलीय निरीक्षण किया।

जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने बताया कि राजस्व विभाग की टीम को नुकसान का सटीक आकलन करने और पीड़ित आश्रितों को देय मुख्यमंत्री आवास योजना व दैवीय आपदा कोष के तहत हर संभव आर्थिक व आवासीय सहायता 24 घंटे के भीतर उपलब्ध कराने के कड़े आदेश दिए गए हैं। इस भीषण हादसे पर रालोद विधानमंडल दल के नेता राजपाल बालियान, चरथावल के सपा विधायक पंकज मलिक, पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद त्यागी, डॉ. सत्येंद्र पाल और राकेश शर्मा सहित तमाम राजनैतिक दिग्गजों ने गहरी संवेदना प्रकट करते हुए इसे मुजफ्फरनगर के लिए एक अत्यंत पीड़ादायक क्षति बताया है।

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Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

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