अयोध्या में अखिलेश की योगी को चुनौती, डिप्टी सीएम मौर्य-पाठक का पलटवार; राम मंदिर दर्शन को लेकर भी घेरा

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अखिलेश बोले- मुख्यमंत्री अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाएं; केशव मौर्य ने रामभक्ति पर सवाल उठाया, ब्रजेश पाठक ने तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप लगाया

लखनऊ/अयोध्या डेस्क 🌐 tajnews.in | गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026, 09:42 PM IS

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लखनऊ/अयोध्या डेस्क

अयोध्या। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले अयोध्या को लेकर सियासी बयानबाजी गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरुवार को अयोध्या पहुंचकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आगामी विधानसभा चुनाव अयोध्या सीट से लड़ने की खुली चुनौती दी। इसके तुरंत बाद प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्रियों केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने अलग-अलग बयानों में सपा प्रमुख पर तीखा पलटवार किया।

HIGHLIGHTS
  • अखिलेश यादव की मुख्यमंत्री को चुनौती—हिम्मत है तो अयोध्या सीट से लड़ें 2027 का चुनाव।
  • सपा ने पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय को घोषित किया है अपना उम्मीदवार।
  • डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने राम मंदिर न जाने पर अखिलेश की आस्था पर उठाए सवाल।
  • डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने लगाया तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति का आरोप।

अखिलेश यादव गुरुवार को पूर्व मंत्री एवं पूर्व अयोध्या विधायक तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय के पैतृक गांव कृष्णापुर-खानपुर रसूलाबाद पहुंचे। यहां आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में शामिल होने के बाद उन्होंने भाजपा और राज्य सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी द्वारा अयोध्या से अपना प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद भाजपा लगातार आंतरिक सर्वे करा रही है और इन सर्वे में सत्ताधारी दल पीछे दिखाई दे रहा है। अखिलेश ने कहा कि भाजपा को अयोध्या से कोई नया मजबूत प्रत्याशी नहीं मिल पा रहा है।

अखिलेश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यदि अयोध्या के विकास और अपनी लोकप्रियता को लेकर इतने आश्वस्त हैं, तो उन्हें स्वयं अयोध्या विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतरना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव में जनता दावों और जमीनी हकीकत का पूरा हिसाब-किताब करेगी। यह बयान आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर दोनों प्रमुख राजनीतिक खेमों के बीच बढ़ती चुनावी सरगर्मी का स्पष्ट संकेत है।

अयोध्या के विकास और स्थानीय हितों पर अखिलेश के वादे

अखिलेश यादव ने अयोध्या के विकास कार्यों को लेकर भी सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शहर में बड़े पैमाने पर विकास परियोजनाओं की बातें की जा रही हैं, लेकिन इन परियोजनाओं का सीधा और वास्तविक लाभ स्थानीय निवासियों व व्यापारियों को मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर अयोध्या के विकास को नई दिशा दी जाएगी और स्थानीय लोगों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलेगी।

सपा प्रमुख ने अयोध्या को केवल पर्यटन केंद्र के बजाय विश्वस्तरीय तीर्थनगरी के रूप में स्थापित करने की बात कही। इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय लोगों के आवास और दुकानों पर हो रही कार्रवाई पर रुख स्पष्ट करते हुए वादा किया कि सपा सरकार बनने पर किसी भी गरीब का आशियाना या रोजगार नहीं उजाड़ा जाएगा। चुनावी वादों की कड़ी में उन्होंने महिलाओं को सालाना 40 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने और युवाओं के लिए नौकरियों के अवसर बढ़ाने की भी घोषणा की।

केशव मौर्य ने राम मंदिर दर्शन को लेकर साधा निशाना

अखिलेश यादव के दौरे के तुरंत बाद उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने उनके राम मंदिर नहीं जाने के फैसले को लेकर कड़ा प्रहार किया। मौर्य ने कहा कि अयोध्या पहुंचने के बावजूद रामलला के दर्शन नहीं करने से अखिलेश यादव की रामभक्ति और निष्ठा पर सवाल उठना लाजिमी है। उन्होंने अखिलेश के उस पुराने बयान का भी हवाला दिया जिसमें सपा अध्यक्ष ने राम और कृष्ण को एक ही बताया था।

केशव प्रसाद मौर्य ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि यदि अखिलेश यादव वास्तव में राम और कृष्ण को एक मानते हैं, तो उन्हें कृष्ण जन्मभूमि, राम जन्मभूमि और काशी विश्वनाथ जाने में कोई संकोच नहीं होना चाहिए। मौर्य ने उनके इस कदम को विशुद्ध रूप से वोट बैंक और तुष्टीकरण की राजनीति से प्रेरित करार दिया।

ब्रजेश पाठक का भी तीखा हमला: ‘तुष्टीकरण में डूबी है सपा’

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे को लेकर सपा पर जोरदार निशाना साधा। पाठक ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी हमेशा से तुष्टीकरण और एकतरफा वोट बैंक की राजनीति करती रही है और इसी संकीर्ण मानसिकता के कारण अखिलेश यादव अयोध्या आकर भी रामलला के दरबार में मत्था टेकने से बचते रहे।

पाठक ने अतीत का जिक्र करते हुए कहा कि रामभक्तों और कारसेवकों के साथ सपा का जो इतिहास रहा है, उसी के चलते आज भी इनके नेता राम मंदिर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। इसके अलावा चुनाव आयोग पर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर भी पाठक ने आड़े हाथों लिया और कहा कि जब विपक्ष जीतता है तो सब ठीक रहता है, लेकिन हारते ही संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े करने लगता है।

अयोध्या सीट पर सियासी बिसात और 2027 की लड़ाई

अयोध्या विधानसभा सीट को लेकर समाजवादी पार्टी पहले ही अपने पत्ते खोल चुकी है और पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय को 2027 का प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। अखिलेश यादव का यह दौरा मूल रूप से पवन पांडेय के पैतृक गांव में आयोजित धार्मिक कथा में शामिल होने का था, जो अयोध्या धाम से करीब 12 किलोमीटर दूर स्थित है।

2024 के लोकसभा चुनाव में फैजाबाद सीट पर सपा की जीत के बाद से ही अयोध्या राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में बनी हुई है। अब अखिलेश यादव द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की सीधी चुनौती और भाजपा नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया ने 2027 की चुनावी जंग को समय से पहले ही बेहद आक्रामक और दिलचस्प बना दिया है।

Pawan Singh Chief Editor Taj News

Pawan Singh

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