क्या Davos से जन्म ले रही है एक नई UN? ट्रंप, ‘बोर्ड ऑफ पीस’ और भारत की दुविधा

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Political Desk, Taj News | Updated: Saturday, 24 January 2026, 11:10 AM IST संयुक्त राष्ट्र को वर्षों तक “बेकार टॉक शॉप” कहकर उपहास उड़ाने वाले डोनाल्ड ट्रंप द्वारा Davos में प्रस्ताव 2803 की छत्रछाया में ‘बोर्ड ऑफ पीस’ जैसी नई व्यवस्था खड़ी करने की पहल को लेखक बृज खंडेलवाल वैश्विक राजनीति के गहरे विरोधाभास के … Read more

ज्ञान की गर्दन और हिंदुत्व की तलवार: विश्वविद्यालयों में विचार की घेराबंदी

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Political Desk, Taj News | Updated: Friday, 23 January 2026, 06:55 PM IST दिल्ली विश्वविद्यालय सहित देश के सार्वजनिक विश्वविद्यालयों में पाठ्यक्रमों को लेकर बढ़ते वैचारिक हस्तक्षेप और अकादमिक स्वतंत्रता पर मंडराते संकट को लेखक अपूर्वानंद अपने इस तीखे आलेख में सामने रखते हैं, जहाँ जेंडर, भेदभाव, समाज, विश्व इतिहास और आधुनिक सामाजिक विज्ञान जैसे … Read more

जब मोहब्बत जानलेवा हो जाए: शायरी से पोस्टमार्टम तक रिश्तों का पतन

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Political Desk, Taj News | Updated: Friday, 23 January 2026, 11:05 AM IST नाकाम मोहब्बत के बदलते चेहरे और प्रेम से जुड़ी बढ़ती हिंसा को लेखक बृज खंडेलवाल अपने इस विचारोत्तेजक आलेख में बेहद सख़्त सामाजिक यथार्थ के साथ रखते हैं, जहाँ कभी टूटे दिलों से शायरी और गीत जन्म लेते थे, वहीं आज प्रेम … Read more

जनतंत्र की खोखली होती नींव: चुनाव, संस्थाएं और तानाशाही की बढ़त

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Political Desk, Taj News | Updated: Thursday, 22 January 2026, 06:35 PM IST आगामी विधानसभा चुनावों से पहले चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका पर उठते गंभीर सवालों को लेखक राजेंद्र शर्मा अपने इस आलेख में सघन मतदाता पुनरीक्षण (SIR), चुनाव आयोग की निष्पक्षता और सत्ता के चुनावी दुरुपयोग के संदर्भ में सामने रखते … Read more

काहे के विश्व गुरु? जब सभ्यता, शिष्टाचार और तहज़ीब की भाषा ही लुप्त हो रही हो

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Political Desk, Taj News | Updated: Thursday, 22 January 2026, 10:55 AM IST तेज़ तकनीकी प्रगति और डिजिटल आत्मनिर्भरता के दावों के बीच समाज में घुलती जा रही बदज़ुबानी, असहिष्णुता और शिष्टाचारहीन व्यवहार को लेखक बृज खंडेलवाल अपने इस विचारप्रधान आलेख में एक गहरे सांस्कृतिक संकट के रूप में देखते हैं, जहाँ कबीर की “ऐसी … Read more

बंगाल की राजनीति को ध्रुवीकृत करने का तमाशा: चुनाव, एजेंसियां और असली मुद्दों से भटकाव

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Political Desk, Taj News | Updated: Wednesday, 21 January 2026, 07:15 PM IST चुनाव नज़दीक आते ही केंद्रीय जांच एजेंसियों की अचानक सक्रियता को लेखक मोहम्मद सलीम अपने इस आलेख में महज़ भ्रष्टाचार-रोधी कार्रवाई नहीं, बल्कि बंगाल की राजनीति को जानबूझकर ध्रुवीकृत करने की रणनीति बताते हैं, जहाँ ईडी और सीबीआई की छापेमार कार्रवाइयाँ बार-बार … Read more

सभ्यता का पतन या नैतिक थकान? क्यों धर्मग्रंथ भविष्य को लेकर चेतावनी देते हैं

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Political Desk, Taj News | Updated: Tuesday, 20 January 2026, 11:25 AM IST भविष्य को लेकर फैले भय, पतन की आशंकाओं और सभ्यता की आंतरिक थकान को लेखक बृज खंडेलवाल अपने इस विचारोत्तेजक आलेख में धार्मिक ग्रंथों और आधुनिक अनुभवों के बीच से टटोलते हैं, जहाँ रामचरितमानस से लेकर बाइबिल, क़ुरआन, बौद्ध, जैन और सिख … Read more

फासीवाद भैया तेजी से आया: मतदाता सूचियों से लोकतंत्र तक बढ़ता खतरा

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Political Desk, Taj News | Updated: Tuesday, 20 January 2026, 06:45 PM IST नए साल 2026 की शुरुआत के साथ लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर मंडराते खतरे को लेखक राजेन्द्र शर्मा अपने इस आलेख में मतदाता सूचियों के सघन पुनरीक्षण (SIR) के उदाहरण से सामने रखते हैं, जहाँ करोड़ों मतदाताओं के नाम एक झटके में सूची से … Read more

हर जगह कॉरिडोर, सौंदर्यीकरण! भारत के पवित्र तीर्थ और कंक्रीट का टकराव

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Political Desk, Taj News | Updated: Tuesday, 20 January 2026, 11:10 AM IST तीर्थ यात्रा की आत्मा और आधुनिक विकास के बीच गहराते टकराव को लेखक बृज खंडेलवाल अपने इस आलेख में बेहद संवेदनशील दृष्टि से सामने रखते हैं, जहाँ बद्रीनाथ, गोवर्धन, काशी, अयोध्या और चारधाम जैसे पवित्र स्थलों के उदाहरण यह सवाल खड़ा करते … Read more

बीज संशोधन बिल 2025: खेती, किसान और खाद्य सुरक्षा पर बढ़ता कारपोरेट नियंत्रण

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Political Desk, Taj News | Updated: Monday, 19 January 2026, 06:20 PM IST कृषि व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले बीज को लेकर लाए गए बीज संशोधन बिल-2025 को लेखक इंद्रजीत सिंह अपने आलेख में केवल एक कानूनी पहल नहीं, बल्कि खेती और किसान की सदियों पुरानी बीज-संप्रभुता पर सीधा हस्तक्षेप बताते हैं, जहाँ नव-उदारवादी … Read more

क्या बदला है भारत में? सिर्फ़ आंकड़े — विकसित भारत की चमक के नीचे थका हुआ आदमी

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Political Desk, Taj News | Published by: ठाकुर पवन सिंह | Updated: Monday, 19 January 2026, 10:30 AM IST सुबह का अलार्म बजते ही जिस भारत की GDP, ग्रोथ और ग्लोबल रैंकिंग अख़बारों की सुर्ख़ियों में चमकती है, उसी भारत का एक चेहरा लेखक बृज खंडेलवाल अपने लेख “विकसित भारत की चमक के नीचे थका … Read more

दिल्ली ही स्वर्ग है? ट्रेन देरी के बहाने सत्ता, आस्था और व्यवस्था पर व्यंग्य

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Political Desk, Taj News | Published by: ठाकुर पवन सिंह | Updated: Sunday, 18 January 2026, 04:10 PM IST देश में जब भी कोई ट्रेन बीच रास्ते रुकती है, मामला केवल तकनीकी खराबी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वह राजनीति, आस्था और सत्ता की सामूहिक कथा में बदल जाता है—इसी संदर्भ में व्यंग्यकार संजय पराते … Read more