क्या चौड़ी सड़कें जाम का असली इलाज हैं? वाटरवर्क्स-भगवान टॉकीज फ्लाईओवर पर डॉ. संजय चतुर्वेदी का विशेष आलेख

आर्टिकल Desk, Taj News | Saturday, April 18, 2026, 03:00:00 AM IST

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Dr Sanjay Chaturvedi Writer
डॉ. संजय चतुर्वेदी
वरिष्ठ स्तंभकार
एवं नगर योजना विशेषज्ञ
वरिष्ठ स्तंभकार डॉ. संजय चतुर्वेदी ने अपने इस बेहद शोधपरक और विश्लेषणात्मक आलेख में आगरा के वाटरवर्क्स-भगवान टॉकीज फ्लाईओवर को 6 लेन करने की NHAI की योजना पर बहुत गहरे सवाल उठाए हैं। दरअसल, उन्होंने दुनिया भर के उदाहरण देकर बताया है कि सड़कें चौड़ी करने से ‘ट्रैफिक जाम’ खत्म नहीं होता, बल्कि वाहनों की संख्या और बढ़ जाती है (Induced Demand)। इसके अलावा, उन्होंने सार्वजनिक परिवहन और ‘ट्रैफिक इवैपोरेशन’ (Traffic Evaporation) जैसे शानदार दीर्घकालिक समाधानों पर भी बहुत बारीक रोशनी डाली है। इसलिए, बिना किसी देरी के पढ़िए यह ज्ञानवर्धक आलेख:
HIGHLIGHTS
  1. NHAI द्वारा आगरा में वाटरवर्क्स और भगवान टॉकीज फ्लाईओवर को 4 लेन से 6 लेन करने की तैयारी की जा रही है, जिसका ड्रोन सर्वे भी हो चुका है।
  2. दरअसल, दुनिया भर के शहरों का अनुभव बताता है कि सड़कें चौड़ी करना जाम का इलाज नहीं है, क्योंकि इससे सड़कों पर वाहनों की संख्या और बढ़ जाती है।
  3. इसके अलावा, असली समाधान सार्वजनिक परिवहन (बस, मेट्रो) को मज़बूत करना और भारी ‘ट्रांजिट ट्रैफिक’ को रिंग रोड के ज़रिए शहर के बाहर से निकालना है।
  4. हकीकत में, सियोल और सैन फ्रांसिस्को जैसे शहरों ने शहर के बीच से हाईवे हटाकर साबित कर दिया है कि इससे ‘ट्रैफिक इवैपोरेशन’ होता है और जाम घटता है।

Dr. Sanjay Chaturvedi Article -वाटरवर्क्स-भगवान टॉकीज फ्लाईओवर को चौड़ा करने की योजना — एक जरूरी सवाल
आगरा में NHAI वाटरवर्क्स और भगवान टॉकीज फ्लाईओवर को 4 लेन से 6 लेन करने की तैयारी में है। ड्रोन सर्वे हो चुका है, रिपोर्ट बन रही है।
लेकिन क्या चौड़ी सड़क जाम का असली इलाज है?
नहीं। यह सिर्फ कुछ समय की राहत है। जब सड़क चौड़ी होती है तो कुछ वर्षों में उस पर वाहन भी उतने ही बढ़ जाते हैं और जाम फिर वैसा ही हो जाता है।(Induced demand) दुनिया भर में यह बार-बार साबित हो चुका है।
असली समाधान क्या है?
1) सार्वजनिक यातायात को मजबूत करना। बस सेवा, मेट्रो और मिनी बस नेटवर्क इतना सुलभ और भरोसेमंद हो कि लोग निजी वाहन छोड़ें।
2) सुरक्षित पैदल पथ और साइकिल लेन बनाना ताकि छोटी दूरी पर वाहन की जरूरत ही न पड़े।
3) हाईवे को शहर के बाहर ले जाना। रिंग रोड के माध्यम से ट्रांजिट ट्रैफिक शहर से बाहर निकाला जाए ताकि शहर की आंतरिक सड़कें स्थानीय यातायात के लिए खाली रहें।
आगरा जैसे ऐतिहासिक और पर्यटन शहर को स्मार्ट ट्रैफिक प्लानिंग चाहिए, केवल चौड़ी सड़कें नहीं। NHAI और नगर प्रशासन से अपील है कि दीर्घकालिक समाधान की ओर ध्यान दें।

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“How Urban Highway Removal Is Changing Our Cities”
(Lincoln Institute of Land Policy, USA)
दुनिया भर के शहरों ने यह पाया कि शहर के बीच से गुजरने वाली हाईवे वास्तव में यातायात समस्या का समाधान नहीं, बल्कि कारण बनती हैं। इसलिए कई देशों ने साहसी कदम उठाते हुए इन हाईवे को हटाया।
प्रमुख उदाहरण:
दक्षिण कोरिया — सियोल: Cheonggyecheon एलिवेटेड हाईवे हटाई गई, उसकी जगह 5.8 किमी का सुंदर पैदल पथ और नहर बनाई गई। यातायात कम हुआ, सार्वजनिक परिवहन बढ़ा, क्षेत्र का आर्थिक विकास हुआ।
अमेरिका — सैन फ्रांसिस्को: 1989 के भूकंप के बाद Embarcadero Freeway हटाई गई। शहर का वाटरफ्रंट पुनर्जीवित हो गया और आशंका के विपरीत यातायात की समस्या नहीं बढ़ी।
मुख्य सीख: जब हाईवे हटाई जाती है और उसके स्थान पर सार्वजनिक परिवहन, पैदल पथ और साइकिल लेन बनाई जाती हैं, तो वाहनों की संख्या अपने आप कम हो जाती है। इसे “Traffic Evaporation” कहते हैं — लोग वैकल्पिक साधन अपना लेते हैं।

Pawan Singh

Pawan Singh

Chief Editor, Taj News
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