रक्षाबंधन पर रोडवेज की व्यवस्था फेल: बसों के लिए तरसीं बहनें, घंटों इंतजार के बाद भी नहीं मिली सीट

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मुफ्त यात्रा का तोहफा, लेकिन बसों का इंतजाम नाकाफी; आगरा के ईदगाह बस अड्डे पर उमड़ी भारी भीड़, मथुरा से कानपुर तक के रूटों पर यात्रियों की बढ़ी परेशानी

आगरा डेस्क, 🌐 tajnews.in | शनिवार, 29 अगस्त 2026, 03:35:10 AM IST

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आगरा डेस्क

tajnews.in | आगरा: रक्षाबंधन के पावन पर्व पर भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए घरों से निकलीं हजारों बहनों को आगरा में रोडवेज की अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। सरकार की ओर से महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा का तोहफा दिए जाने के बावजूद बसों की कमी के कारण ईदगाह बस अड्डे पर महिलाओं, बच्चों और अन्य यात्रियों की भारी भीड़ जुटी रही। कई यात्रियों को घंटों इंतजार के बाद भी बस में सीट नहीं मिल सकी।

HIGHLIGHTS
  1. रक्षाबंधन पर महिलाओं को मिला मुफ्त यात्रा का तोहफा, लेकिन आगरा में बसों का टोटा।
  2. ईदगाह बस स्टैंड पर उमड़ी भारी भीड़, मथुरा, इटावा और कानपुर रूटों पर यात्रियों की बढ़ी फजीहत।
  3. भीषण धूप और गर्मी में बच्चों के साथ घंटों खड़ी रहीं बहनें, पहले से ठसाठस पहुंचीं बसें।
  4. रोडवेज बसों की कमी के चलते यात्रियों को मजबूरी में लेना पड़ा निजी व डग्गामार वाहनों का सहारा।

शुक्रवार सुबह से ही ईदगाह बस स्टैंड पर रक्षाबंधन के कारण यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ती गई। बहनों के साथ उनके बच्चे और परिवार के अन्य सदस्य भी बसों का इंतजार करते दिखाई दिए। लेकिन यात्रियों की संख्या के मुकाबले बसों की उपलब्धता कम होने से स्थिति बिगड़ती चली गई।

बस आई तो पहले से ठसाठस भरी मिली

सबसे ज्यादा परेशानी उन यात्रियों को हुई, जिन्हें आगरा से दूर-दराज के जिलों और कस्बों में जाना था। बस अड्डे पर बस का इंतजार कर रहे यात्रियों के अनुसार, जो बसें पहुंच भी रही थीं, उनमें पहले से ही भारी भीड़ थी। ऐसे में महिलाओं और बच्चों के लिए बस में चढ़ना तक मुश्किल हो रहा था।

कई यात्रियों को घंटों बस अड्डे पर खड़े रहने के बाद भी सीट नहीं मिली। कुछ महिलाएं अपने भाइयों के घर समय से पहुंचने को लेकर चिंतित दिखाई दीं। रक्षाबंधन जैसे बड़े त्योहार पर पर्याप्त संख्या में बसों की व्यवस्था नहीं होने को लेकर यात्रियों में नाराजगी भी नजर आई।

मथुरा, इटावा और कानपुर समेत प्रमुख रूटों पर बढ़ी परेशानी

आगरा से मथुरा, इटावा, कानपुर, मैनपुरी, बरेली, औरैया और फर्रुखाबाद समेत अन्य प्रमुख रूटों पर जाने वाले यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ी। इन रूटों पर बसों की मांग अधिक होने के कारण बस अड्डे पर यात्रियों की लंबी भीड़ लगी रही।

यात्रियों का कहना था कि रक्षाबंधन पर हर साल यात्रियों की संख्या बढ़ती है और बड़ी संख्या में महिलाएं अपने मायके या भाइयों के घर जाती हैं। इसके बावजूद पर्याप्त अतिरिक्त बसें उपलब्ध नहीं होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।

गर्मी और धूप में बच्चों के साथ खड़ी रहीं महिलाएं

बसों के इंतजार में कई महिलाएं बच्चों के साथ घंटों बस अड्डे पर खड़ी रहीं। भीड़ और गर्मी के बीच यात्रियों को बसों की जानकारी लेने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। बस आने की सूचना मिलते ही यात्रियों की भीड़ उस ओर दौड़ पड़ती थी।

हालात ऐसे बने कि कई यात्रियों को सीट मिलने की उम्मीद में एक के बाद एक बसों का इंतजार करना पड़ा। बसों में अत्यधिक भीड़ के कारण महिलाओं और बच्चों को यात्रा करने में भी भारी मशक्कत करनी पड़ी।

मुफ्त सफर मिला, लेकिन बस ही नहीं मिली

महिला यात्रियों के लिए रक्षाबंधन पर मुफ्त बस यात्रा की सुविधा निश्चित रूप से राहत लेकर आई, लेकिन आगरा में बसों की कमी ने इस सुविधा पर सवाल खड़े कर दिए। यात्रियों का कहना था कि यदि मुफ्त यात्रा की घोषणा की गई थी तो उसी अनुपात में अतिरिक्त बसों की व्यवस्था भी की जानी चाहिए थी।

कई महिलाओं का कहना था कि उन्हें किराए की चिंता नहीं थी, लेकिन सबसे बड़ी समस्या बस मिलने की थी। बस अड्डे पर घंटों इंतजार करने के बावजूद जब बस नहीं मिली या बस पूरी तरह भरी हुई मिली तो उनकी परेशानी बढ़ गई।

मजबूरी में निजी और डग्गामार वाहनों का सहारा

रोडवेज बसों की कमी के कारण कुछ यात्रियों को मजबूरी में निजी वाहनों और डग्गामार साधनों का सहारा लेना पड़ा। यात्रियों का कहना है कि त्योहार के दौरान निजी वाहनों में सामान्य दिनों की तुलना में अधिक किराया वसूले जाने की शिकायतें भी सामने आती हैं।

रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर परिवहन व्यवस्था को लेकर यात्रियों में यह सवाल बना रहा कि जब बड़ी संख्या में महिलाओं के यात्रा करने का पहले से अनुमान था, तो बसों की पर्याप्त व्यवस्था क्यों नहीं की गई।

त्योहार पर बेहतर योजना की जरूरत

रक्षाबंधन के मौके पर आगरा के प्रमुख बस अड्डों पर उमड़ी भीड़ ने एक बार फिर त्योहारों के दौरान सार्वजनिक परिवहन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों का कहना है कि भविष्य में ऐसे अवसरों पर प्रमुख रूटों के लिए पहले से अतिरिक्त बसों का संचालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि बहनों को अपने भाइयों तक पहुंचने के लिए घंटों बस अड्डों पर परेशान न होना पड़े।

रक्षाबंधन के दिन एक ओर बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांधने की जल्दी में थीं, वहीं दूसरी ओर आगरा के बस अड्डों पर बस के इंतजार ने उनकी खुशी और उत्साह को परेशानी में बदल दिया।

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Pawan Kumar Singh Editor in Chief Taj News

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Chief Editor, Taj News


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