Edited by: Thakur Pawan Singh | tajnews.in | 04 March 2026, 04:20 pm IST
Taj News International & Defense Desk
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तेहरान (Tehran): इजरायल ईरान महायुद्ध अब पूरी दुनिया के लिए एक बहुत बड़ा खतरा बन चुका है। दरअसल, मिडिल ईस्ट में यह खूनी जंग आज पांचवें दिन में प्रवेश कर गई है। ताज न्यूज़ (Taj News) की इंटरनेशनल डेस्क के अनुसार, हालात अब पूरी तरह से बेकाबू हैं। इसकी शुरुआत 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों से हुई थी। इसके अलावा, इन्हीं हमलों ने ईरानी सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की जान ले ली। इसके परिणामस्वरूप, दोनों देशों ने एक-दूसरे के खिलाफ पूरी ताकत झोंक दी है। अतः, मध्य पूर्व का यह तनाव अब एक भीषण पूर्णकालिक युद्ध का भयानक रूप ले चुका है।
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी और खामेनेई की मौत
सब कुछ अचानक शुरू हुआ जब अमेरिका और इजरायल ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ लॉन्च कर दिया। सबसे पहले, अमेरिकी B-2 और इजरायली F-35 बॉम्बर्स ने ईरान के परमाणु केंद्रों पर बमबारी की। इसके अलावा, उन्होंने मिसाइल बेस और नेतृत्व के अहम ठिकानों को अपना सीधा निशाना बनाया। इसी बीच, तेहरान में खामेनेई के आवास पर एक बहुत ही भयानक मिसाइल गिरी। अंततः, इस अचूक हमले ने ईरान के सबसे बड़े नेता को हमेशा के लिए खत्म कर दिया। पहले ही दिन सैन्य कर्मियों सहित करीब 200 लोगों ने अपनी जान गंवाई।
इजरायल का लक्ष्य और हथियारों का भारी इस्तेमाल
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस पूरे सैन्य अभियान पर अपना स्पष्ट बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को पूरी तरह रोकना बेहद जरूरी था। दरअसल, इजरायल ईरान को परमाणु हथियार बनाने से हमेशा के लिए दूर रखना चाहता है। इस बड़े हमले के दौरान सेना ने GBU-28 बंकर बस्टर बमों का जमकर इस्तेमाल किया। इसके अलावा, इजरायल ने विनाशकारी टॉमहॉक मिसाइलों से 500 से अधिक टारगेट ध्वस्त कर दिए। इसलिए, ईरान का परमाणु ढांचा अब पूरी तरह से चरमरा गया है।
इजरायल ईरान महायुद्ध: ईरान का भयानक पलटवार
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने इस हमले का बहुत ही जोरदार तरीके से पलटवार किया। मुख्य रूप से, उन्होंने कतर, कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी बेस पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इसके परिणामस्वरूप, बहरीन में एक बड़े यूएस एयर बेस का पूरा कमांड सेंटर तबाह हो गया। साथ ही, ईरानी सेना ने दुबई और अबू धाबी पर भी कई खतरनाक ड्रोन हमले किए हैं। अमेरिकी सेना (US Military) ने इन हमलों को बेहद उकसावे वाली बड़ी कार्रवाई बताया है। आज बुधवार को ईरान ने इजरायल पर भी सीधे 40 घातक मिसाइलें दाग दी हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य बंद और वैश्विक तेल संकट
इस इजरायल ईरान महायुद्ध ने अब पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को गहरी खंदक में धकेल दिया है। दरअसल, ईरान ने तुरंत होर्मुज स्ट्रैट (Strait of Hormuz) को पूरी तरह बंद करने की घोषणा कर दी। यह समुद्री रास्ता दुनिया की 20% से ज्यादा तेल आपूर्ति को अकेले संभालता है। इसके विपरीत, इस नाकेबंदी से वैश्विक तेल की कीमतें $150 प्रति बैरल के पार निकल सकती हैं। अतः, दुनिया भर के शेयर बाजारों में आज भारी गिरावट साफ देखने को मिली है। अमेरिका ने इस आर्थिक नाकेबंदी का कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी और इजरायल की कार्रवाई
अमेरिकी राजनीति में भी इस युद्ध को लेकर काफी हलचल मच गई है। डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर अपने तमाम विरोधियों को जमकर घेरा। उन्होंने खुलेआम कहा कि ईरान पर एक और बहुत बड़ा हमला अभी बाकी है। दूसरी ओर, इजरायल ने तेहरान स्थित IRGC के प्रोपगैंडा सेंटर को पूरी तरह उड़ा दिया है। इसके अलावा, ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन शुक्रवार को व्हाइट हाउस में टॉप डिफेंस कॉन्ट्रैक्टर्स की बड़ी मीटिंग बुलाएगा। वे लोग देश में हथियारों का भारी प्रोडक्शन बढ़ाने पर अहम चर्चा करेंगे।
हिज्बुल्लाह पर कहर और लेबनान में खूनी स्ट्राइक्स
इजरायल ने अब लेबनान में छिपे हिज्बुल्लाह आतंकियों पर भी अपने हमले तेज कर दिए हैं। मुख्य रूप से, इजरायली सेना ने बेरूत में हिज्बुल्लाह के अल-मनार टीवी मुख्यालय को तबाह कर दिया। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि दक्षिण बेरूत में हुए हमलों में छह लोग मारे गए हैं। इसके अलावा, वहां आठ अन्य आम नागरिक भी बहुत बुरी तरह घायल हो गए। लेबनान में हुई हालिया स्ट्राइक्स में कुल 52 लोगों ने अपनी जान गंवाई है। इसलिए, लेबनान से अब हजारों आम लोग अपनी जान बचाकर पलायन कर रहे हैं।
अमेरिका का दावा: ईरान के 17 जहाज और सबमरीन नष्ट
अमेरिकी सेंट्रल फोर्स के कमांडर ने एक बहुत ही सनसनीखेज वीडियो मैसेज जारी किया है। उन्होंने बताया कि उनकी सेना ने अब तक ईरान में करीब 2,000 बड़ी स्ट्राइक की हैं। इसके अलावा, अमेरिका ने 17 ईरानी मिलिट्री जहाज और एक सबमरीन पानी में नष्ट कर दी है। उन्होंने साफ कहा कि अरब की खाड़ी या ओमान स्ट्रेट में अब कोई ईरानी जहाज नहीं बचा है। अंततः, अमेरिका इसे दशकों में अपनी सबसे बड़ी मिलिट्री तैयारी के रूप में देख रहा है।
दूतावासों पर निशाना और नागरिकों के लिए चेतावनी
ईरान ने अपना गुस्सा अब सीधे अमेरिकी दूतावासों पर उतारना शुरू कर दिया है। दरअसल, ईरान ने रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर कई घातक ड्रोन दागे हैं। इसके परिणामस्वरूप, अमेरिका ने तुरंत 14 देशों से अपने नागरिकों को निकलने की एडवाइजरी जारी कर दी। अमेरिकी अधिकारियों ने अपने नागरिकों को दुबई में वाणिज्य दूतावास परिसर से बहुत दूर रहने की सलाह दी है। साथ ही, सऊदी अरब ने भी अपनी नेशनल सिक्योरिटी को लेकर सभी ज़रूरी कदम उठाने की घोषणा की है।
ईरान के शहर कोम में हमला और नया सर्वोच्च नेता
इजरायल ने ईरान के पवित्र शहर कोम में एक अहम बिल्डिंग पर अचानक हमला कर दिया। दरअसल, वहां कई सीनियर मौलवी नया उत्तराधिकारी अपॉइंट करने के लिए इकट्ठा हुए थे। यह खास जगह असेंबली ऑफ़ एक्सपर्ट्स से सीधे तौर पर जुड़ी हुई थी। हालांकि, इस हमले में कितना भारी नुकसान हुआ, यह अभी पूरी तरह से साफ़ नहीं है। दूसरी ओर, इजरायली मीडिया ने दावा किया कि मोजतबा हुसैनी खामेनेई को ईरान का अगला सर्वोच्च नेता चुना गया है। फिर भी, ईरान ने इस नियुक्ति पर अभी कोई आधिकारिक बयान बिल्कुल नहीं दिया है।
खामेनेई का अंतिम संस्कार और मासूम बच्चियों की मौत
ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी फार्स ने सर्वोच्च नेता के अंतिम संस्कार की अहम जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि अयातुल्ला अली खामेनेई को उनके पवित्र शहर मशहद में ही दफनाया जाएगा। दरअसल, उनके पिता भी इमाम रजा तीर्थ में पहले से दफन हैं। हालांकि, उन्हें सुपुर्द-ए-खाक करने की तारीख की घोषणा अभी तक नहीं हुई है। इसी बीच, ईरान के एक स्कूल पर हुए हमले में 163 मासूम बच्चियों की दर्दनाक मौत हो गई। आज उन सभी बच्चियों को सामूहिक रूप से भारी जनसैलाब के बीच सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
भारत सरकार का सख्त एक्शन और कंट्रोल रूम की स्थापना
पश्चिम एशिया की इस मौजूदा भयानक स्थिति ने भारत की चिंता भी बढ़ा दी है। दरअसल, लाखों भारतीय नागरिक इन खाड़ी देशों में रहकर अपना काम करते हैं। इसलिए, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना भारत सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता बन गई है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में एक स्पेशल कंट्रोल रूम तुरंत बना दिया है। अधिकारी वहां फंसे सभी भारतीयों से लगातार अपना संपर्क साध रहे हैं। अतः, यह इजरायल ईरान महायुद्ध जल्द रुकना चाहिए ताकि दुनिया में शांति कायम हो सके।
Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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