दशहरा मेला देखकर लौट रहे बीरू सिंह भदौरिया पर हमले का दावा; CCTV फुटेज सामने आने की रिपोर्ट, पुरानी रंजिश के आरोपों के बीच पुलिस तलाश में जुटी
आगरा डेस्क | 🌐 tajnews.in | बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 | शाम 7 बजे के आसपास

कानपुर में 37 वर्षीय बीरू सिंह भदौरिया की मौत के मामले में उनके परिजनों ने मारपीट और कार से कुचलने के गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का दावा है कि दशहरा मेला देखकर लौट रहे बीरू को कथित तौर पर पहले पीटा गया और फिर कार की छत पर फंसाकर करीब डेढ़ किलोमीटर तक वाहन दौड़ाया गया। घायल अवस्था में अस्पताल ले जाए जाने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना मंगलवार रात कानपुर के हनुमंत विहार क्षेत्र में होने की जानकारी सामने आई है। बुधवार को शव घर पहुंचने के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने विरोध जताते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। घटना से जुड़े CCTV फुटेज सामने आने का भी दावा किया गया है। आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों से होनी बाकी है।
- 37 वर्षीय बीरू सिंह भदौरिया की अस्पताल में मौत; परिवार ने हमले का आरोप लगाया।
- परिजनों का दावा है कि युवक को कार की छत पर फंसाकर करीब डेढ़ किलोमीटर तक वाहन दौड़ाया गया।
- घटना से संबंधित CCTV फुटेज सामने आने की बात कही गई है।
- पुरानी रंजिश के आरोपों के बीच पुलिस की कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
पुरानी रंजिश में हमले का आरोप
बीरू सिंह भदौरिया अर्रा क्षेत्र के निवासी थे और खाद्य उत्पाद बनाने वाली एक कंपनी में सेल्समैन के रूप में काम करते थे। उनके परिवार में पत्नी रीना और तीन बच्चे हैं।
मृतक के पिता राम शंकर सिंह के मुताबिक, कुछ दिन पहले बीरू का खाड़ेपुर नई बस्ती निवासी राजवीर और मेवालाल से विवाद हुआ था। परिवार को आशंका है कि इसी पुरानी रंजिश के चलते उन पर हमला किया गया। यह आरोप जांच के अधीन है।
परिजनों के अनुसार, मंगलवार रात दशहरा मेला देखकर लौटते समय मेवालाल की बताई जा रही कार वहां पहुंची। आरोप है कि कार में राजवीर और तीन अन्य लोग भी मौजूद थे। परिवार का कहना है कि बीरू को रोककर पीटा गया। उनके बचकर भागने की कोशिश करने पर कार से टक्कर मारने का आरोप भी लगाया गया है।
परिवार का दावा है कि इसके बाद बीरू को कार की छत पर फंसा दिया गया और उनके हाथ खिड़कियों में फंसाकर शीशे बंद कर दिए गए। आरोप है कि कार को गलियों में दौड़ाया गया और राजेंद्र नगर में अश्वनी ट्रेडिंग कंपनी के पास उन्हें नीचे फेंक दिया गया। इसके बाद उनके ऊपर कार चढ़ाने का भी आरोप है। इन घटनाक्रमों की पुष्टि जांच और साक्ष्यों के आधार पर होनी है।
अस्पताल में मृत घोषित, परिवार में शोक
परिजनों के अनुसार, घटनास्थल के पास से गुजर रहे देवेंद्र सिंह चौहान ने बीरू को पहचानकर उनके परिवार को सूचना दी। परिवार उन्हें पहले एक निजी अस्पताल और फिर हैलट अस्पताल ले गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का कहना है कि बीरू के शरीर पर कई चोटें थीं और उनकी उंगलियों में भी गंभीर चोटें आई थीं। मौत के बाद परिवार में शोक और आक्रोश का माहौल है। परिजन मामले में जल्द कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
CCTV फुटेज को लेकर परिवार ने उठाए सवाल
परिवार का दावा है कि घटनास्थल और आसपास लगे दो दर्जन से अधिक CCTV कैमरों में घटना रिकॉर्ड हुई। परिजनों ने पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर असंतोष जताया और आरोप लगाया कि उनकी शिकायत पर अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए। शव घर पहुंचने के बाद परिवार और स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया।
हालांकि, उपलब्ध विवरण से यह स्पष्ट नहीं है कि पुलिस ने सभी संबंधित फुटेज आधिकारिक तौर पर हासिल कर उनकी जांच पूरी कर ली है या नहीं। FIR की स्थिति, दर्ज धाराओं और पुलिस की कार्रवाई पर आधिकारिक पुष्टि भी जरूरी है।
जहानाबाद में कार की लोकेशन मिलने की बात
कथित घटना में इस्तेमाल कार मेवालाल की बताई गई है। वाहन के नंबर और आरोपियों के मोबाइल फोन की लोकेशन की जांच के दौरान फतेहपुर जिले के जहानाबाद में लोकेशन मिलने की जानकारी दी गई है। इस विवरण की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
जांच में CCTV फुटेज, वाहन की पहचान, मोबाइल लोकेशन और अन्य साक्ष्य अहम हो सकते हैं। इनकी जांच से ही घटना में शामिल लोगों की भूमिका और परिजनों के आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।
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फिलहाल, बीरू सिंह भदौरिया के परिजन न्याय और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। मामले में आरोपों की पुष्टि, FIR की स्थिति और पुलिस की आगे की कार्रवाई स्पष्ट होने के बाद ही घटनाक्रम की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।





