आगरा में पुलिस से बचकर भागा 17 वर्षीय शिवम, 40 घंटे बाद चौकी के पास नाले में मिला शव

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धनौली में जन्मदिन की पार्टी के दौरान पुलिस पर युवकों को दौड़ाने का आरोप; परिजन बोले- शिवम घायल था और उसे इलाज नहीं मिला, पोस्टमार्टम में डूबने से मौत की बात; वसूली के आरोपों की भी जांच

आगरा डेस्क, 🌐 tajnews.in | गुरुवार, 17 सितंबर 2026, 06:35:14 PM IST

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आगरा डेस्क

tajnews.in | आगरा। मलपुरा थाना क्षेत्र के धनौली में 17 वर्षीय शिवम का शव पुलिस चौकी के पास नाले में मिलने के बाद पूरे घटनाक्रम को लेकर सवाल उठ रहे हैं। शिवम 14 सितंबर की रात दोस्त की जन्मदिन पार्टी में शामिल होने गया था। 16 सितंबर को उसका शव धनौली पुलिस चौकी के पास नाले में मिला। अलग-अलग रिपोर्टों में शव मिलने का अंतराल करीब 36 से 40 घंटे बताया गया है।

परिजनों का आरोप है कि जन्मदिन की पार्टी के दौरान पुलिसकर्मियों ने युवकों को दौड़ाया था। इसी दौरान शिवम भागते समय घायल हो गया। परिवार का कहना है कि घायल होने के बावजूद उसे इलाज नहीं मिला और इसके बाद वह लापता हो गया। वहीं पुलिस का कहना है कि युवकों को पूछताछ के लिए चौकी लाया गया था और शिवम भी उनके पीछे आ रहा था, लेकिन इसके बाद वह कहां चला गया, इसकी जानकारी नहीं हो सकी।

मामले में युवकों को चौकी से छोड़ने के बदले करीब 32 हजार रुपये लिए जाने का आरोप भी लगाया गया है। पुलिस अधिकारियों ने इस आरोप की पुष्टि नहीं की है। पूरे मामले की जांच एसीपी सैंया को सौंपी गई है।

HIGHLIGHTS
  • धनौली चौकी के पास नाले में मिला 17 वर्षीय शिवम का शव, 40 घंटे से था लापता।
  • जन्मदिन पार्टी में पुलिस द्वारा दौड़ाने और घायल होने के बाद इलाज न मिलने का गंभीर आरोप।
  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत की पुष्टि, परिजनों ने सिर पर चोट के निशान का किया दावा।
  • युवकों को छोड़ने के नाम पर 32 हजार रुपये वसूली के आरोपों की एसीपी सैंया करेंगे जांच।

14 सितंबर की रात जन्मदिन की पार्टी में जुटे थे युवक

उपलब्ध जानकारी के अनुसार सदर थाना क्षेत्र के नगला प्यारे निवासी वरुण का 14 सितंबर को जन्मदिन था। करीब 30 से 35 युवक मलपुरा क्षेत्र के धनौली स्थित कंचनपुर केएल गार्डन के पास सड़क पर केक काटकर जन्मदिन मना रहे थे।

इसी दौरान सड़क पर शोर-शराबे की सूचना पर धनौली चौकी से पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। आरोप है कि पुलिस को देखकर युवक अलग-अलग दिशाओं में भागने लगे और पुलिसकर्मियों ने उनका पीछा किया।

शिवम के घायल होने का परिजनों का दावा

परिजनों का कहना है कि पुलिस से बचकर भागते समय शिवम सड़क पर गिरकर घायल हो गया था। परिवार का आरोप है कि इसके बावजूद पुलिसकर्मियों ने उसे दोबारा दौड़ाया और उसे तत्काल चिकित्सा सहायता नहीं मिली।

इसके बाद शिवम घर नहीं पहुंचा। उसके पिता प्रेमपाल के अनुसार, 14 सितंबर की रात घर नहीं लौटने पर परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। अगले दिन 15 सितंबर को थाना सदर में उसकी गुमशुदगी/अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।

16 सितंबर को चौकी के पास नाले में मिला शव

शिवम का शव 16 सितंबर को धनौली पुलिस चौकी के पास नाले में मिला। उपलब्ध रिपोर्टों में नाला चौकी से करीब 30 मीटर की दूरी पर बताया गया है। नाले के ऊपर कवर और आसपास खोखे होने की बात भी सामने आई है।

इसी वजह से परिवार यह सवाल उठा रहा है कि यदि शिवम भागते समय नाले में गिरा था तो वह ढके हुए नाले तक कैसे पहुंचा और करीब 40 घंटे तक उसका पता क्यों नहीं चल सका।

परिजनों ने शिवम के सिर पर चोट के निशान होने की बात भी कही है। हालांकि इन चोटों की प्रकृति और उनका घटना से संबंध जांच का विषय है।

पोस्टमार्टम में डूबने से मौत की बात

डीसीपी पश्चिमी जोन आदित्य कुमार के अनुसार, पोस्टमार्टम में मौत का कारण डूबना सामने आया है। हालांकि पोस्टमार्टम में डूबने की बात सामने आने से यह अपने आप तय नहीं होता कि शिवम नाले में किन परिस्थितियों में पहुंचा।

शिवम वहां कैसे पहुंचा, घटना के समय आसपास कौन मौजूद था और पुलिस की कार्रवाई तथा उसकी मौत के बीच कोई प्रत्यक्ष संबंध था या नहीं, इन सवालों की जांच अभी बाकी है।

नौ युवकों को चौकी ले जाने और 32 हजार रुपये लेने का आरोप

परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस करीब नौ युवकों को पकड़कर धनौली चौकी ले गई थी। आरोप है कि उन्हें छोड़ने के लिए कुल करीब 32 हजार रुपये लिए गए।

एक युवक सुनील कुमार ने पुलिस की मौजूदगी में कथित तौर पर कहा कि उसके भतीजे को छोड़ने के लिए 6 हजार रुपये लिए गए। हालांकि यह आरोप अभी स्वतंत्र रूप से प्रमाणित नहीं है और पुलिस अधिकारियों ने वसूली के आरोपों की पुष्टि नहीं की है।

पुलिस का पक्ष क्या है?

डीसीपी पश्चिमी जोन आदित्य कुमार के अनुसार, युवकों को पूछताछ के लिए चौकी लाया गया था। पुलिस का कहना है कि शिवम भी उनके पीछे आ रहा था, लेकिन उसके बाद वह कहां चला गया, इसकी जानकारी नहीं हो सकी।

पुलिस के अनुसार पकड़े गए युवक नाबालिग थे और उन्हें उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया। वसूली के आरोपों की फिलहाल पुष्टि नहीं हुई है।

जांच एसीपी सैंया को सौंपी गई

पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच एसीपी सैंया को सौंपी गई है। जांच में यह देखा जाएगा कि जन्मदिन की पार्टी के दौरान वास्तव में क्या हुआ, पुलिसकर्मियों ने युवकों के साथ क्या कार्रवाई की, शिवम किस समय और किस दिशा में गया तथा नाले तक पहुंचने की परिस्थितियां क्या थीं।

चौकी पर मौजूद पुलिसकर्मियों की भूमिका और वसूली के आरोपों की भी जांच की जाएगी।

CCTV फुटेज से मिल सकते हैं अहम जवाब

परिजनों ने धनौली चौकी और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज सुरक्षित कराने की मांग की है। जांच में यह फुटेज महत्वपूर्ण हो सकती है।

CCTV और अन्य तकनीकी साक्ष्यों से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि पुलिसकर्मी कब पार्टी स्थल पर पहुंचे, कितने युवकों को पकड़ा गया, किन युवकों को चौकी ले जाया गया और शिवम आखिरी बार कहां और किस स्थिति में दिखाई दिया।

इसके अलावा चौकी से युवकों को कब और किस तरीके से छोड़ा गया, यह भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है।

अब जांच के केंद्र में ये सवाल

• शिवम के नाले तक पहुंचने की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं?
• क्या वह पुलिस से बचकर भागते समय नाले में गिरा?
• क्या उसके घायल होने की जानकारी पुलिसकर्मियों को थी?
• घटना के समय वहां कौन-कौन पुलिसकर्मी मौजूद थे?
• चौकी पर कितने युवकों को लाया गया और क्या उनकी एंट्री जनरल डायरी में दर्ज की गई थी?
• 32 हजार रुपये वसूले जाने का आरोप सही है या नहीं?
• चौकी और आसपास की CCTV फुटेज में क्या रिकॉर्ड हुआ?

इन सवालों के जवाब पुलिस जांच, CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और उपलब्ध दस्तावेजी व तकनीकी साक्ष्यों से मिलने की उम्मीद है।

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Thakur Pawan Singh

Chief Editor, Taj News


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