4,315 मरीजों वाली ओपीडी में पर्चा, डॉक्टर, जांच और दवा के लिए घंटों इंतजार; नए ओपीडी कॉम्प्लेक्स से राहत की उम्मीद, लेकिन तत्काल व्यवस्था पर भी सवाल
आगरा डेस्क | 🌐 tajnews.in | 25 सितंबर 2026 | 05:47 बजे

आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच सोमवार को व्यवस्था पर दबाव साफ दिखाई दिया। ओपीडी में 4,315 मरीज पहुंचे, जिसके चलते पर्चा बनवाने, डॉक्टर को दिखाने, दवा लेने और जांच कराने के लिए मरीजों को कई घंटे तक कतार में खड़ा रहना पड़ा।
दोपहर तक पर्चा बनवाने के लिए गेट के बाहर तक लाइन लग गई। इसके बाद डॉक्टर को दिखाने, दवा लेने और जांच कराने के लिए भी अलग-अलग कतारों में इंतजार करना पड़ा। भीड़ के बीच धक्कामुक्की की स्थिति भी बनी। कॉलेज प्रशासन ने व्यवस्था संभालने के लिए अतिरिक्त गार्ड लगाए हैं तथा बुजुर्ग और महिला मरीजों के लिए सीटें बढ़ाने की बात कही है।
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता के अनुसार सोमवार, मंगलवार और बुधवार को मरीजों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक रहती है। इसी वजह से भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
- एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में एक दिन में 4,315 मरीज पहुंचे।
- पर्चा, डॉक्टर, दवा और जांच के लिए मरीजों को चार से पांच घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
- मरीजों की संख्या मौजूदा ओपीडी क्षमता पर लगातार दबाव बढ़ा रही है।
- करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से दो नए ओपीडी कॉम्प्लेक्स प्रस्तावित हैं।
इलाज से पहले ही लंबा इंतजार
ओपीडी में आने वाले मरीजों के लिए समस्या केवल डॉक्टर तक पहुंचने तक सीमित नहीं है। पंजीकरण के बाद परामर्श, दवा और जांच के अलग-अलग चरणों में भी कतारों का सामना करना पड़ रहा है। इससे दूर-दराज से आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों का काफी समय अस्पताल में ही बीत रहा है।
सीटों की कमी के कारण बुजुर्ग और महिला मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से इनके लिए अतिरिक्त सीटें उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
मरीजों की संख्या क्षमता पर भारी
एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में सामान्य दिनों में भी मरीजों की संख्या अधिक रहती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार रोजाना करीब 3,000 मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं, जबकि मौजूदा पंजीकरण और ओपीडी व्यवस्था की क्षमता करीब 2,000 मरीजों की बताई गई है। मरीजों की संख्या क्षमता से अधिक होने के कारण पंजीकरण और परामर्श व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
करोड़ों की योजनाएं, मौजूदा व्यवस्था पर दबाव
एसएन मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के लिए बड़े स्तर पर योजनाएं चल रही हैं। इसी क्रम में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दो नए ओपीडी कॉम्प्लेक्स तैयार किए जाने की योजना है। इन दोनों भवनों पर करीब 10 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
दो नए ओपीडी कॉम्प्लेक्स से राहत की उम्मीद
प्रस्तावित नए ओपीडी कॉम्प्लेक्स में पंजीकरण, चिकित्सकीय परामर्श और जांच से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर तरीके से व्यवस्थित करने की योजना है। नए पंजीकरण ब्लॉक में करीब 15 काउंटर बनाए जाने की योजना है, जिससे एक समय में अधिक मरीजों का पंजीकरण किया जा सके।
एक अन्य नए बहुमंजिला ओपीडी कॉम्प्लेक्स में स्त्री रोग और बाल रोग से संबंधित सुविधाएं विकसित करने की योजना है। दोनों भवनों का निर्माण पूरा होने के बाद विभागों और मरीजों की आवाजाही को नए सिरे से व्यवस्थित किया जा सकेगा।
सिर्फ भवन नहीं, व्यवस्था सुधारना भी जरूरी
नए भवन और अतिरिक्त काउंटर बढ़ते मरीजों के दबाव को संभालने में मदद कर सकते हैं, लेकिन मौजूदा व्यवस्था में भी तत्काल सुधार की जरूरत है। पंजीकरण से लेकर डॉक्टर के परामर्श, जांच और दवा वितरण तक मरीजों की पूरी प्रक्रिया को इस तरह व्यवस्थित करना जरूरी है कि एक ही मरीज को अलग-अलग चरणों में अनावश्यक रूप से लंबा इंतजार न करना पड़े।
सरकारी निवेश का असर मरीज के अनुभव में दिखना जरूरी
एसएन मेडिकल कॉलेज में बढ़ती मरीज संख्या बताती है कि अस्पताल पर चिकित्सा सेवाओं का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में नए ओपीडी कॉम्प्लेक्स और दूसरी आधारभूत सुविधाओं का विस्तार महत्वपूर्ण है, लेकिन इनका वास्तविक लाभ तभी दिखाई देगा जब मरीजों के पंजीकरण, परामर्श, जांच और दवा वितरण की पूरी प्रक्रिया भी अधिक सुचारु हो।





