सेंट लॉरेंस द्वीप के पास 10 डिग्री ठंडे पानी में मौत को मात; 18 फुट लंबी मछली पकड़ने वाली नाव पलटने के बाद दो दिन तक ऊपर बैठा रहा 15 वर्षीय डेरेक, अमेरिकी तटरक्षक बल ने ऐसे बचाया जीवन
अंतरराष्ट्रीय डेस्क, 🌐 tajnews.in | शनिवार, 12 सितंबर 2026, 06:39:22 AM IST

tajnews.in | अलास्का। बेरिंग सागर के बेहद ठंडे पानी में 15 वर्षीय किशोर ने करीब दो दिन तक पलटी हुई मछली पकड़ने वाली नाव के ऊपर रहकर जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष किया। समुद्र में फंसे किशोर को आखिरकार बचा लिया गया, लेकिन उसके 35 वर्षीय बड़े भाई और एक रिश्तेदार की जान नहीं बच सकी। किशोर की पहचान डेरेक पार्कर अघनांगा के रूप में हुई है। वह अलास्का के दूरदराज सेंट लॉरेंस द्वीप के सावूंगा गांव का रहने वाला है। वह अपने बड़े भाई सिडनी कुलोवियी और एक रिश्तेदार के साथ 18 फुट लंबी नाव से मछली पकड़ने निकला था। तीनों शुक्रवार को रवाना हुए थे और रविवार सुबह लौटने वाले थे, लेकिन नाव वापस नहीं आई।
शनिवार रात पलट गई नाव
अमेरिकी तटरक्षक बल के अनुसार, छोटी मछली पकड़ने वाली नाव शनिवार रात समुद्र में पलट गई। इसके बाद तीनों लोग समुद्र में फंस गए। स्थानीय रिपोर्टों में बताया गया है कि मछली पकड़ने की लाइन मोटर में उलझने के बाद नाव को नियंत्रित करना मुश्किल हो गया था। खराब मौसम के बीच नाव पलट गई। हालांकि, हादसे की पूरी आधिकारिक वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है।
नाव पलटने के बाद किशोर और उसका रिश्तेदार कुछ समय तक पलटी नाव को पकड़े रहे। बाद में रिश्तेदार पानी में फिसल गया, जबकि किशोर का भाई नाव के नीचे फंस गया। बाद में दोनों के शव बरामद कर लिए गए।
दो दिन तक पलटी नाव के ऊपर बैठा रहा किशोर
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि किशोर ने पलटी नाव को ही अपना सहारा बना लिया। वह ठंडे समुद्र के बीच नाव के ऊपर बैठा रहा और मदद का इंतजार करता रहा। समुद्र का पानी करीब 10 डिग्री सेल्सियस यानी 50 डिग्री फॉरेनहाइट था। इतनी ठंड में लंबे समय तक रहने से शरीर का तापमान खतरनाक स्तर तक गिर सकता है। बचाए जाने के समय किशोर में हाइपोथर्मिया के लक्षण दिखाई दे रहे थे।
सोमवार सुबह आसमान से दिखाई दी पलटी नाव
परिवार के तीनों सदस्यों के लापता होने की सूचना मिलने के बाद अमेरिकी तटरक्षक बल ने बड़े पैमाने पर खोज अभियान शुरू किया। खराब मौसम के कारण अभियान में मुश्किलें आईं। सोमवार को तटरक्षक बल के HC-130 Hercules विमान के चालक दल ने सेंट लॉरेंस द्वीप से करीब चार मील दूर पलटी हुई नाव को देखा। संशोधित आधिकारिक जानकारी के अनुसार, किशोर लगभग सुबह 10:30 बजे नाव के ऊपर बैठा दिखाई दिया।
विमान से किशोर के लिए एक राफ्ट और जरूरी सर्वाइवल उपकरण नीचे पहुंचाए गए। इसके बाद पास मौजूद Northwest Explorer नामक पोत को बचाव अभियान में लगाया गया।
आसमान से छोड़ी गई फ्लेयर्स, फिर पहुंचा बचाव पोत
तटरक्षक विमान को ईंधन भरने के लिए वहां से हटना पड़ा। रवाना होने से पहले चालक दल ने समुद्र में फ्लेयर्स की एक लाइन छोड़ी, ताकि Northwest Explorer के चालक दल को कठिन समुद्री परिस्थितियों में पलटी नाव तक पहुंचने में मदद मिल सके।
बचाव पोत के चालक दल ने किशोर को नाव से सुरक्षित निकाला और अपने पोत पर पहुंचाया। उसे गर्म रखने के लिए कंबल और हॉट पैक दिए गए। उस समय उसमें हाइपोथर्मिया के लक्षण थे।
बचने के बाद भी भाई की चिंता
बचाव के बाद किशोर ने पोत के कप्तान एडम व्हाइट को बताया कि उसका भाई अभी भी नाव के नीचे है। उसने यह भी बताया कि उसका रिश्तेदार पिछली रात पानी में गिर गया था। यानी खुद जिंदगी बचाने के लिए संघर्ष कर रहे किशोर को उस समय भी अपने भाई और रिश्तेदार की चिंता थी। बाद में दोनों के शव पानी से बरामद किए गए और किशोर के साथ उन्हें भी नोम ले जाया गया।
भाई को पिता जैसा मानता था किशोर
परिवार के अनुसार, किशोर का अपने बड़े भाई सिडनी कुलोवियी के साथ बेहद गहरा रिश्ता था। पिता की मृत्यु के बाद किशोर अपने बड़े भाई को पिता जैसी शख्सियत मानता था। 35 वर्षीय सिडनी व्यावसायिक मछुआरे थे और अपने गांव के लोगों की मदद करने के लिए जाने जाते थे। परिवार के लोगों ने उन्हें शांत और दूसरों की मदद करने वाला व्यक्ति बताया।
सावूंगा में मछली पकड़ना परंपरा का हिस्सा
सेंट लॉरेंस द्वीप का सावूंगा गांव बेहद दूरदराज इलाके में स्थित है। यहां मछली पकड़ना केवल रोजगार का साधन नहीं, बल्कि समुदाय की पारंपरिक जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। परिवार की रिश्तेदार कोलन वॉकर के अनुसार, लोग पकड़ी गई मछलियां परिवार और पड़ोसियों के साथ बांटते हैं। समुदाय के लोग एक-दूसरे की मदद करते हैं और पारंपरिक जीवनशैली को अब भी महत्व देते हैं।
बड़े पैमाने पर चला खोज और बचाव अभियान
अमेरिकी तटरक्षक बल के अनुसार, अभियान में दो HC-130 विमान, दो MH-60 Jayhawk हेलीकॉप्टर और अलास्का एयर नेशनल गार्ड की रेस्क्यू यूनिट से जुड़ा एक HC-130 लगाया गया था। अलास्का रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर, अलास्का स्टेट ट्रूपर्स और सावूंगा के स्थानीय अधिकारियों ने भी अभियान में सहयोग किया।
तटरक्षक बल के आर्कटिक डिस्ट्रिक्ट के कमांडर रियर एडमिरल बॉब लिटल ने दोनों मृतकों के परिवारों और समुदाय के प्रति संवेदना जताई तथा बचाव अभियान में शामिल Northwest Explorer और अन्य एजेंसियों के प्रयासों की सराहना की।
मौत के साये से लौट आया किशोर
तीन लोगों की समुद्री यात्रा का अंत बेहद दर्दनाक रहा। दो लोगों की मौत हो गई, लेकिन 15 वर्षीय किशोर ने पलटी हुई नाव को जीवनरक्षक सहारे में बदल दिया और करीब दो दिन तक ठंडे समुद्र के बीच मदद का इंतजार करता रहा। बर्फीले पानी, खराब मौसम, अंधेरी रात और समुद्र के बीच अकेलेपन के बावजूद उसका जिंदा रहना इस हादसे की सबसे असाधारण कहानी बन गया है।
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Pawan Kumar Singh
Chief Editor, Taj News
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