दूसरे बंदी के धागे से आत्महत्या का प्रयास, चार साल से केंद्रीय कारागार में बंद है विशाल; घटना के बाद सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल
आगरा डेस्क, 🌐 tajnews.in | बुधवार, 2 सितंबर 2026, 06:21:44 AM IST

tajnews.in | आगरा: केंद्रीय कारागार की हाई सिक्योरिटी सेल में सोमवार को एक बंदी ने आत्महत्या का प्रयास कर दिया। बंदी ने दूसरे कैदी के धागे से अपने गले में फंदा कस लिया। साथी बंदियों ने उसकी हालत देखी तो शोर मचाया, जिसके बाद बंदी रक्षक मौके पर पहुंचे और समय रहते उसे बचा लिया। हालत बिगड़ने पर पहले जेल अस्पताल में उपचार कराया गया और बाद में उसे एसएन मेडिकल कॉलेज भेजा गया।
आत्महत्या का प्रयास करने वाले बंदी की पहचान विशाल के रूप में हुई है। बताया गया कि वह करीब चार साल से केंद्रीय कारागार में बंद है और हाई सिक्योरिटी सेल में रखा गया था।
साथी बंदियों ने शोर मचाया, रक्षकों ने खोला फंदा
सोमवार को विशाल ने कथित तौर पर दूसरे बंदी के धागे का इस्तेमाल कर गले में फंदा कस लिया। उसकी हालत बिगड़ती देख सेल में मौजूद अन्य बंदियों ने शोर मचाया।
सूचना मिलते ही बंदी रक्षक मौके पर पहुंचे और विशाल को तत्काल फंदे से मुक्त कराया। इसके बाद उसे जेल अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद भी उसकी स्थिति को देखते हुए चिकित्सकीय जांच और उपचार के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज भेजा गया।
बताया गया कि एसएन मेडिकल कॉलेज में जांच के बाद उसकी हालत सामान्य पाए जाने पर उसे वापस केंद्रीय कारागार भेज दिया गया।
मारपीट के मामले में हुई थी 10 साल की सजा
जेल प्रशासन के अनुसार, विशाल को पूर्व में मारपीट के एक मामले में 10 वर्ष की सजा सुनाई गई थी। वह करीब चार साल से केंद्रीय कारागार में बंद है।
उसका भाई भी जेल में बंद बताया गया है। हालांकि विशाल ने आत्महत्या का प्रयास किन परिस्थितियों में किया, इसे लेकर जेल प्रशासन जांच कर रहा है।
हाई सिक्योरिटी सेल में धागा पहुंचने पर सवाल
घटना के बाद केंद्रीय कारागार प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि हाई सिक्योरिटी सेल में बंद विशाल तक वह धागा कैसे पहुंचा, जिसका इस्तेमाल उसने कथित तौर पर आत्महत्या के प्रयास में किया।
जेल प्रशासन यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि घटना के समय बंदी की निगरानी किस स्तर पर थी और उसने आत्महत्या का प्रयास करने का कदम क्यों उठाया।
सुरक्षा के साथ मानसिक स्थिति की जांच भी अहम
हाई सिक्योरिटी सेल में बंदी द्वारा आत्महत्या का प्रयास केवल सुरक्षा व्यवस्था का सवाल नहीं उठाता, बल्कि बंदियों की लगातार निगरानी और उनकी मानसिक स्थिति पर नजर रखने की व्यवस्था को भी महत्वपूर्ण बनाता है।
फिलहाल विशाल को जेल वापस भेज दिया गया है और प्रशासन घटना के कारणों तथा सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की जांच कर रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि विशेष निगरानी वाली हाई सिक्योरिटी सेल में बंद एक कैदी तक ऐसा धागा कैसे पहुंचा और आत्महत्या के प्रयास की स्थिति बनने से पहले इसकी भनक सुरक्षा कर्मियों को क्यों नहीं लग सकी? अब जेल प्रशासन की जांच से इन सवालों के जवाब सामने आने کی उम्मीद है।
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Pawan Kumar Singh
Chief Editor, Taj News
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