लखनऊ के जवाहर भवन में भीषण अग्निकांड: चौथी मंजिल पर स्थित कैंटीन और खाद्य विभाग में मची तबाही, 2 किलोमीटर दूर तक दिखा धुएं का गुबार

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🔥 [tajnews.in] | Monday, 20 July, 2026, 11:39:00 AM IST.

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Lucknow Bureau

tajnews.in | लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सबसे संभ्रांत और संवेदनशील हजरतगंज क्षेत्र स्थित सरकारी महा-इमारत ‘जवाहर भवन’ में सोमवार की सुबह एक भीषण और भयानक अग्निकांड घटित हो गया। सरकारी दफ्तरों के खुलने के ठीक बाद ऊपरी मंजिल से अचानक आग की गगनचुंबी लपटें और गहरे काले धुएं का एक विशाल गुबार उठने लगा, जिससे समूचे प्रशासनिक अमले में हड़कंप और भगदड़ मच गई। आग की विभीषिका का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आसमान में उठता काला धुआं घटनास्थल से करीब 2 किलोमीटर दूर तक साफ तौर पर दिखाई दे रहा था। इमारत की चौथी मंजिल पर स्थित कैंटीन और खाद्य एवं रसद विभाग के कार्यालय को आग ने अपनी आगोश में ले लिया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 15 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत कार्य शुरू किया।

HIGHLIGHTS
  1. भीषण सरकारी अग्निकांड: लखनऊ के हजरतगंज स्थित जवाहर भवन की चौथी मंजिल पर सोमवार सुबह करीब 10:00 बजे भड़की आग।
  2. बड़ा प्रशासनिक रेस्क्यू: दफ्तर पहुंचे सैकड़ों राजपत्रित अधिकारियों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, कोई जनहानि नहीं।
  3. राहत कार्य के दौरान हादसा: होज पाइप से पानी की बौछारें डालने के दौरान जर्जर हो चुकी छत का एक बहुत बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे गिरा।
  4. दस्तावेज खाक होने की आशंका: खाद्य एवं रसद विभाग के दफ्तर में रखी कई अत्यंत महत्वपूर्ण सरकारी फाइलों और रिकॉर्ड्स के जलने का अनुमान।

कैंटीन के चूल्हे से शुरू हुआ लपटों का तांडव, अफरा-तफरी के बीच सुरक्षित निकाले गए कर्मचारी

फायर ब्रिगेड और प्रत्यक्षदर्शी सुरक्षाकर्मियों से प्राप्त विस्तृत विवरण के अनुसार, सोमवार सुबह लगभग 10:00 बजे जवाहर भवन की सबसे ऊपरी मंजिल पर संचालित होने वाली आधिकारिक कैंटीन से अचानक धुआं निकलना शुरू हुआ। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और बगल में ही स्थित खाद्य एवं रसद विभाग के मुख्य कार्यालय को भी अपनी चपेट में ले लिया। जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय दफ्तरों का समय होने के कारण अधिकांश सरकारी कर्मचारी और फरियादी अपनी सीटों पर बैठ चुके थे। इमारत से सायरन और चीख-पुकार की आवाजें गूंजने लगीं, जिससे पूरी बिल्डिंग में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सैकड़ों कर्मचारी अपनी जान बचाने के लिए सीढ़ियों की तरफ दौड़े और मुस्तैदी दिखाते हुए समय रहते परिसर को पूरी तरह खाली करा लिया गया, जिससे एक बहुत बड़ा हादसा होने से टल गया।

आसपास की सड़कों पर राहगीर और आम लोग ऊपरी तलों से निकलते भयानक धुएं को देखकर दंग रह गए और मदद के लिए इमारत की तरफ दौड़ पड़े। दमकल विभाग की 15 गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर मोर्चेबंदी की। अग्निशमन दल के जांबाज जवानों ने लंबी होज पाइपों के जरिए पानी को सीधे चौथी मंजिल तक पहुंचाया। इस बेहद जटिल ऑपरेशन के दौरान एक बड़ा हादसा तब टला जब आग की तपन और जर्जरता के कारण छत का एक विशाल स्लैब भरभराकर नीचे गिर गया, हालांकि नीचे कोई न होने से दमकलकर्मी बाल-बाल बच गए। काफी मशक्कत और घंटों की कड़ी मेहनत के बाद आग के मुख्य स्रोतों पर काबू पाया जा सका।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और मेयर सुषमा खर्कवाल मौके पर पहुंचे, जर्जर इमारत के विकल्प पर होगा विचार

सरकारी महकमे के इस सबसे बड़े केंद्र में आग की खबर मिलते ही सूबे के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल, जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) और पुलिस कमिश्नर सहित तमाम वरिष्ठ आला अधिकारी दलबल के साथ घटना स्थल पर पहुंच गए। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने स्वयं राहत कार्यों की कमान संभाली और अधिकारियों से पूरी स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि दमकल विभाग के त्वरित रिस्पॉन्स के कारण आग को अन्य मंजिलों पर फैलने से रोक लिया गया है। सबसे संतोषजनक बात यह है कि इस पूरे अग्निकांड में किसी भी प्रकार की जनहानि अथवा कोई व्यक्ति घायल नहीं हुआ है।

उपमुख्यमंत्री ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जवाहर भवन की यह इमारत काफी पुरानी और जर्जर अवस्था में पहुंच चुकी है, इसलिए सरकार अब इसके स्थायी विकल्प और यहां संचालित होने वाले विभागों को किसी अन्य आधुनिक परिसर में स्थानांतरित करने पर गंभीरता से विचार करेगी। दूसरी तरफ, जिला प्रशासन और फायर ऑडिट की संयुक्त टीमें इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि आग लगने की असली तकनीकी वजह क्या थी। इसके साथ ही, खाद्य एवं रसद विभाग के वरिष्ठ अधिकारी इस बात का विस्तृत वित्तीय और प्रशासनिक आकलन कर रहे हैं कि आग की लपटों में कितनी महत्वपूर्ण सरकारी फाइलें, कंप्यूटर, आवश्यक दस्तावेज और डेटा रिकॉर्ड्स जलकर खाक हुए हैं। प्रशासन का कहना है कि विस्तृत फोरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही नुकसान की सही तस्वीर साफ हो सकेगी।

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Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

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