फीफा वर्ल्ड कप फाइनल में हार के बाद अर्जेंटीना में भड़का महा-दंगा: ब्यूनस आयर्स में मेसी के फैंस ने की भारी आगजनी, पुलिस पर पथराव, मैदान पर भी भिड़े खिलाड़ी

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Sports Desk, 🌐 [tajnews.in] | Monday, 20 July, 2026, 10:56:00 AM IST.

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tajnews.in | ब्यूनस आयर्स/नई दिल्ली: फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) के खिताबी मुकाबले में मिली करारी हार के बाद अर्जेंटीना की धरती पर भयंकर आक्रोश और दंगे की आग भड़क उठी है. फाइनल मैच में स्पेन ने मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर दूसरी बार वर्ल्ड कप की सुनहरी ट्रॉफी पर कब्जा जमाया, जिसके तुरंत बाद अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स पूरी तरह रणक्षेत्र में तब्दील हो गई. महान फुटबॉलर लियोनेल मेसी अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी वर्ल्ड कप खेल रहे थे, परंतु लगातार दूसरी बार खिताब से चूकने का सदमा उनके फैंस बर्दाश्त नहीं कर सके. राजधानी के ऐतिहासिक ओबेलिस्क के पास हजारों की उग्र भीड़ ने दंगा-रोधी पुलिस बलों पर भीषण पथराव किया और वाहनों में आग लगा दी, जिसके जवाब में सुरक्षा बलों को बल प्रयोग करना पड़ा है.

HIGHLIGHTS
  1. राजधानी में भारी बवाल: स्पेन से 1-0 से हारते ही अर्जेंटीना की सड़कों पर उतरी लाखों की उग्र भीड़, ओबेलिस्क के पास पुलिस पर किया पथराव.
  2. मैदान पर लात-घूंसे: मैच खत्म होते ही अर्जेंटीना के खिलाड़ी आपा खोकर स्पेनिश खिलाड़ियों से भिड़े, जमकर हुई मारपीट और गला दबाने की कोशिश.
  3. शर्मनाक खेल भावना: पोडियम पर मेडल ले रहे स्पेनिश खिलाड़ियों और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ पीठ करके खड़े रहे अर्जेंटीना के खिलाड़ी.
  4. ऐतिहासिक महा-मुकाबला: विश्व भर में लगभग 2 अरब दर्शकों ने लाइव देखा यह महा-मुकाबला, महंगी लग्जरी कारों की कीमत पर बिके फाइनल मैच के टिकट.

ओबेलिस्क पर आसमान में उठा आगजनी का धुआं, लाठियां और ढाल लेकर उतरी एंटी-रायरट पुलिस

अंतरराष्ट्रीय खेल समाचारों और प्रत्यक्षदर्शियों से प्राप्त विस्तृत विन्यास के अनुसार, मैच की आखिरी सीटी बजते ही ब्यूनस आयर्स की सड़कों पर सन्नाटा पसरा, जो कुछ ही मिनटों में भारी उपद्रव में बदल गया. लियोनेल मेसी के भावुक फैंस अपनी टीम को लगातार दूसरी बार वर्ल्ड कप चैंपियन बनते देखना चाहते थे. पराजय के दुख में हजारों की संख्या में फुटबॉल प्रेमी ओबेलिस्क स्क्वायर पर जमा हो गए और बैरिकेड्स तोड़ने लगे. स्थिति को नियंत्रित करने पहुंची दंगा-रोधी पुलिस पर उग्र भीड़ ने भारी पथराव शुरू कर दिया, जिससे बचने के लिए पुलिसकर्मियों को अपनी रक्षात्मक ढालों का सहारा लेना पड़ा. ओबेलिस्क के आसपास के पूरे क्षेत्र से काले धुएं के गुबार उठते देखे गए, जो स्पष्ट करते हैं कि भीड़ द्वारा बड़े पैमाने पर टायरों और सार्वजनिक संपत्तियों में आगजनी की गई है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों में पुलिस के जवान उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए लाठियां भांजते हुए दिखाई दे रहे हैं.

सड़कों पर मचे इस कोहराम से पहले फुटबॉल के मैदान पर भी खिलाड़ियों के बीच कड़ा और हिंसक टकराव देखने को मिला. फाइनल मुकाबले की आखिरी सीटी बजने के तुरंत बाद अर्जेंटीना के मिडफील्डर लिएंड्रो पेरेडेस अपनी टीम की हार से पूरी तरह आपा खो बैठे और उन्होंने स्पेनिश खिलाड़ियों के साथ सरेआम मारपीट शुरू कर दी. मैदान के बीचोबीच अर्जेंटीना के डिफेंडर नहुएल मोलिना ने स्पेन के एक खिलाड़ी के पेट में पूरी ताकत से मुक्का जड़ दिया. वहीं, पेरेडेस ने खेल भावना को तार-तार करते हुए स्पेनिश स्टार एरिक गार्सिया का गला पकड़कर उन्हें जोर से धक्का दिया, जिसके बाद अर्जेंटीना के मुख्य कोच स्कालोनी को बीच-बचाव के लिए मैदान पर दौड़ना पड़ा.

बार्सिलोना के गावी को जमीन पर पटका, डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदगी में की बेहद अमर्यादित हरकत

मैदान के भीतर हुए इस शर्मनाक ड्रामे का विन्यास यहीं नहीं रुका. लिएंड्रो पेरेडेस ने बार्सिलोना के 21 वर्षीय युवा मिडफील्डर गावी को बेहद हिंसक तरीके से जमीन पर पटक दिया और उनके चेहरे पर हाथ रखकर उन्हें बेरहमी से धक्का दिया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पेरेडेस ने जमीन पर गिरे खिलाड़ी की तरफ अपना बूट (जूता) भी तान दिया था. इसी दौरान डिफेंडर मोलिना ने स्पेन के कप्तान रोड्री पर भी मुक्का चलाने का प्रयास किया, जिससे गुस्साए कप्तान रोड्री ने बीच मैदान में अर्जेंटीना के डिफेंडर का कड़ा मुकाबला किया. इन हिंसक झड़पों के कारण मैच रेफरी और सुरक्षाकर्मियों को दोनों टीमों को अलग करने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी.

अर्जेंटीना की टीम पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक और शर्मनाक और अमर्यादित हरकत करने का आरोप लगा है. ‘टॉकस्पोर्ट’ की रिपोर्ट के मुताबिक, जब विजेता स्पेनिश टीम पोडियम पर अपने वर्ल्ड कप मेडल ग्रहण कर रही थी, तब अर्जेंटीना के सभी खिलाड़ी खेल भावना के विपरीत उनकी तरफ पीठ करके खड़े हो गए. इंग्लैंड के दिग्गज पूर्व फुटबॉल खिलाड़ी स्टुअर्ट पियर्स ने इस घटनाक्रम को रेखांकित करते हुए कहा कि जब स्पेन के खिलाड़ी संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हाथों अपनी ऐतिहासिक विश्व कप ट्रॉफी लेने जा रहे थे, तब अर्जेंटीना के खिलाड़ियों का ट्रॉफी समारोह की ओर पीठ फेर कर खड़े होना खेल के इतिहास की सबसे अशोभनीय घटनाओं में से एक है. गौरतलब है कि इस महा-मुकाबले को दुनिया भर में लगभग 2 अरब लोगों ने लाइव देखा और इसकी दीवानगी का स्तर यह था कि ब्लैक मार्केट में इसके फाइनल मैच के टिकटों की कीमत उतनी ही ऊंची रही, जितनी कीमत में दुनिया की सबसे महंगी कारें खरीदी जाती हैं.

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Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

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