लॉरेंस गैंग का इंटरनेशनल नेटवर्क ध्वस्त: अमेरिका, कनाडा और यूरोप में ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ का कहर, 24 शूटर गिरफ्तार

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International Desk, 🌐 tajnews.in | Wednesday, 08 July, 2026, 06:58:10 AM IST.

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tajnews.in | वाशिंगटन/ओटावा: सात समंदर पार भारत के सबसे खतरनाक गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके सिंडिकेट पर वैश्विक जांच एजेंसियों ने अब तक का सबसे बड़ा और विनाशकारी प्रहार किया है। अमेरिका की संघीय ग्रैंड जूरी, एफबीआई (FBI) और रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस सहित कई देशों की सुरक्षा एजेंसियों ने एक अत्यंत गोपनीय और संयुक्त महाअभियान ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ को अंजाम दिया है। इस अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई के तहत अमेरिका, कनाडा और यूरोप के विभिन्न देशों में एक साथ छापेमारी कर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग के 24 कुख्यात गुर्गों को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है। अमेरिकी अभियोजकों ने अदालत में नौ गंभीर आरोपों वाला अभियोग पत्र दाखिल करते हुए सनसनीखेज दावा किया है कि लॉरेंस बिश्नोई भारत की अति सुरक्षित जेल में बंद रहते हुए भी कई देशों में फैले इस खूनी साम्राज्य को चला रहा था। इस कार्रवाई से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पल रहे भारत विरोधी अपराधियों की कमर पूरी तरह टूट गई है।

HIGHLIGHTS
  1. ऑपरेशन हार्ड बॉल: एफबीआई और कैनेडियन पुलिस की संयुक्त छापेमारी में तीन भारतीय आपराधिक गिरोहों के 24 गुर्गे धरे गए।
  2. निज्जर मर्डर कनेक्शन: अमेरिकी आरोप-पत्र में दावा- जेल में बंद लॉरेंस और गोल्डी बराड़ ने ही दी थी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की सुपारी।
  3. भारी मात्रा में जब्ती: अंतरराष्ट्रीय ठिकानों से 1,000 किलो कोकीन, हथियार और भारी मात्रा में विदेशी नगदी बरामद, 10 आरोपी अब भी फरार।
  4. विहिप व प्रतिद्वंद्वी ढेर: लॉरेंस के साथ-साथ उसके धुर विरोधी जग्गू भगवानपुरिया और रविंदर सिंह ढांडा सिंडिकेट पर भी कानून का शिकंजा कसा।

वैश्विक स्तर पर संचालित इस महाअभियान के दौरान जांच एजेंसियों ने अपराधियों के ठिकानों से करीब 1,000 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली कोकीन, एक किलोग्राम हेरोइन, 40,000 अमेरिकी डॉलर नगद और करीब एक दर्जन से अधिक अत्याधुनिक अवैध हथियार जब्त किए हैं। लॉस एंजिल्स पुलिस और अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो (FBI) के शीर्ष अधिकारियों ने प्रेस वार्ता में बताया कि इस पूरे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए तीन अलग-अलग आरोपपत्र दायर किए गए हैं, जिनमें कुल 37 शातिरों को नामजद किया गया है। अब तक हुई कार्रवाई में कैलिफोर्निया से 11 अपराधियों को दबोचा गया है, जबकि अन्य गिरफ्तारियां इंडियाना, जॉर्जिया, कनाडा और स्पेन के विभिन्न शहरों से अमल में लाई गई हैं। इस सिंडिकेट के 10 अन्य मुख्य आरोपी अभी भी कानून की गिरफ्त से दूर हैं, जिनकी तलाश में सर्विलांस टीमें लगी हुई हैं। इस कार्रवाई में केवल बिश्नोई-बराड़ गैंग ही नहीं, बल्कि उसके प्रतिद्वंद्वी जग्गू भगवानपुरिया और कनाडा में ट्रकों के जरिए ड्रग्स की बड़ी तस्करी करने वाले रविंदर सिंह ढांडा गिरोह को भी पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया गया है।

इस पूरे अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम में सबसे बड़ा और हैरान करने वाला कानूनी खुलासा खालिस्तान समर्थक चरमपंथी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की साजिश को लेकर हुआ है। जून 2023 में ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में दो अज्ञात बंदूकधारियों ने निज्जर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय द्वारा दाखिल विधिक दस्तावेजों के अनुसार, भारत की जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई और उसके अमेरिकी सहयोगी सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ ने ही इस हत्याकांड का सीधा निर्देश जारी किया था। कैलिफोर्निया के केंद्रीय जिले के अटॉर्नी कार्यालय ने साफ किया है कि आरोप-पत्र में पंजाब के एक प्रमुख राजनीतिक और धार्मिक नेता की हत्या की साजिश का जो जिक्र है, विधिक दस्तावेजों में उसकी स्पष्ट पहचान निज्जर के तौर पर ही की गई है। इस खुलासे के बाद भारत और कनाडा के बीच लंबे समय से चल रहे राजनयिक और कूटनीतिक तनाव को एक नया कानूनी मोड़ मिल गया है।

कनाडा सरकार ने इस गैंग की हिंसक और अवैध हरकतों को देखते हुए सितंबर 2025 में ही बिश्नोई गैंग को आधिकारिक तौर पर एक आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया था। इस सिंडिकेट पर कैलिफोर्निया और कनाडा में रहने वाले अमीर भारतीय प्रवासियों से करोड़ों की जबरन वसूली (रंगदारी) करने, लॉस एंजिल्स में प्रतिद्वंद्वी ड्रग तस्करों से सैकड़ों किलो कोकीन लूटने और भारतीय मूल के मशहूर कलाकारों को जान से मारने की धमकियां देने के संगीन आरोप दर्ज हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि लॉरेंस बिश्नोई ने पूर्व में कनाडा में रहने वाले एक बेहद मशहूर भारतीय मूल के अभिनेता और गायक के घर पर हुई अंधाधुंध गोलीबारी की जिम्मेदारी भी खुद सोशल मीडिया पर ली थी। अमेरिकी फर्स्ट असिस्टेंट अटॉर्नी बिल एसेली ने कड़े शब्दों में कहा कि ये अंतरराष्ट्रीय गिरोह विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदाय के भीतर खौफ, डर और हिंसा का माहौल पैदा कर रहे थे, जिन्हें अब विधिक रूप से उम्रकैद की सजा भुगतनी होगी।

इस ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की मांग भारत सरकार काफी लंबे समय से वैश्विक मंचों पर उठाती रही है। भारतीय विदेश मंत्रालय और खुफिया एजेंसियों का हमेशा से यह बेहद कड़ा पक्ष रहा है कि कनाडाई प्रशासन अपनी धरती पर पल रहे खालिस्तान-समर्थक चरमपंथियों और भारतीय मूल के खूंखार आपराधिक गैंगस्टरों के खिलाफ सख्त विधिक कदम उठाने में पूरी तरह नाकाम रहा है। इसी लचर सुरक्षा व्यवस्था के कारण इन अपराधियों को भारतीय राजनयिकों को खुलेआम प्रताड़ित करने, भारतीय समुदाय के व्यापारियों को धमकाने और अपने विरोधियों को सरेआम मौत के घाट उतारने की खुली छूट मिली हुई थी। एफबीआई और अंतरराष्ट्रीय ताकतों द्वारा अपराधियों के खिलाफ की गई इस अभूतपूर्व और चौतरफा सर्जिकल स्ट्राइक से निश्चित रूप से वैश्विक पटल पर भारत की बड़ी चिंताओं को कम करने और विदेशी धरती पर रह रहे भारतीय प्रवासियों को सुरक्षा का माहौल देने में बहुत बड़ी मदद मिलेगी।

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Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

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