uttar pradesh desk, 🌐 tajnews.in | Monday, 06 July, 2026, 08:31:04 AM IST.

tajnews.in | लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज शासन और नीति-निर्धारण के स्तर पर एक बेहद महत्वपूर्ण हलचल होने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को राज्य कैबिनेट की एक बेहद अहम और दूरगामी बैठक आयोजित की जाएगी। इस उच्च स्तरीय बैठक में लोक कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे से जुड़े करीब 21 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर कैबिनेट की आधिकारिक मुहर लग सकती है। इस बैठक का सबसे बड़ा और संवेदनशील आकर्षण प्रदेश के हजारों होमगार्ड स्वयंसेवकों को सामाजिक सुरक्षा का कवच प्रदान करना है। सरकार इस बैठक के माध्यम से होमगार्डों को एक बड़ी सौगात देने की तैयारी में है, जिसके तहत उन्हें गंभीर बीमारियों की स्थिति में कैशलेस इलाज की अभूतपूर्व सुविधा मुहैया कराई जाएगी। इसके अलावा युवाओं, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों और स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए कई नीतियों को धरातल पर उतारने का विधिक खाका तैयार कर लिया गया है।
प्रशासनिक सूत्रों से प्राप्त विस्तृत विवरण के अनुसार, इस कैबिनेट बैठक का मुख्य एजेंडा होमगार्ड स्वयंसेवकों के कल्याणार्थ दीर्घकालिक नीतियों को लागू करना है। गृह विभाग के इस प्रस्ताव के तहत ड्यूटी के दौरान या सामान्य दिनों में अस्वस्थ होने पर होमगार्डों को आयुष्मान भारत अथवा राज्य सरकार की विशिष्ट स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज कराने की सुविधा दी जाएगी। इससे सीधे तौर पर प्रदेश के कानून व्यवस्था में पुलिस के कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले हजारों जवानों के परिवारों को बड़ा संबल मिलेगा। इसके साथ ही, युवा एवं खेल विकास विभाग की ओर से एक अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव पेश किया जाएगा, जिसके जरिए वैश्विक खेल पटल और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश व प्रदेश के लिए स्वर्ण, रजत या कांस्य पदक जीतने वाले कुशल खिलाड़ियों की विभिन्न सरकारी विभागों में बिना किसी लिखित परीक्षा के सीधे राजपत्रित और अराजपत्रित पदों पर सीधी भर्ती सुनिश्चित की जाएगी।
राजकीय प्रशासनिक ढांचे में सुधार की दृष्टि से उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के अध्यक्ष और सम्मानित सदस्यों की सेवानिवृत्ति के पश्चात मिलने वाली पेंशन राशि में सम्मानजनक वृद्धि का प्रस्ताव भी आज विधिक मंजूरी के लिए कैबिनेट के पटल पर रखा जा रहा है। इसके अतिरिक्त, प्रदेश को देश का सबसे बड़ा डिजिटल और व्यापारिक हब बनाने के विज़न के साथ ‘नई स्टार्टअप नीति 2026’ को मंजूरी दी जानी सुनिश्चित की गई है। इस नीति के तहत राज्य के युवा उद्यमियों को अपना उद्योग अथवा तकनीकी स्टार्टअप स्थापित करने के लिए सरकार की ओर से बड़ी वित्तीय सब्सिडी, टैक्स में भारी रियायतें और आसान लोन की सुविधाएं प्रदान की जाएंगी, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें।
शिक्षा और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में भी सरकार आज कई बड़े कदम उठाने जा रही है। मदरसा शिक्षा परिषद के अंतर्गत आने वाले राज्य सरकार से अनुदानित अरबी और फारसी मदरसों के शिक्षकों के लिए एक बेहद मानवीय प्रस्ताव को मंजूरी दी जा सकती है। इसके तहत यदि किसी शिक्षक की सेवानिवृत्ति की निर्धारित आयु से पूर्व ही असामयिक मृत्यु हो जाती है, तो उनके आश्रित परिवार को देय ग्रेच्युटी के त्वरित भुगतान का वैधानिक रास्ता साफ हो जाएगा। उच्च शिक्षा के विस्तार को गति देने के उद्देश्य से कानपुर के बिल्हौर में ‘महर्षि महेश योगी इंटरनेशनल एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी’, गाजियाबाद जनपद में ‘अजय कुमार गर्ग यूनिवर्सिटी’ तथा फतेहपुर जिले में ‘ठाकुर युगराज सिंह यूनिवर्सिटी’ की स्थापना से संबंधित विधायी प्रस्तावों को भी आज कैबिनेट की अंतिम स्वीकृति मिल जाएगी, जिससे ग्रामीण अंचलों तक आधुनिक शिक्षा की पहुँच सुलभ होगी।
इन बड़े निर्णयों के साथ ही, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और ढांचागत विकास को मजबूत करने के लिए ‘मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना’ की विस्तृत कार्ययोजना को भी आज कैबिनेट की मुहर मिलेगी। इसके अंतर्गत पशुपालकों के हितों की रक्षा के लिए मवेशियों का सुगम और रियायती बीमा कराया जा सकेगा। साथ ही, उप्र अधीनस्थ (सहकारी समितियां और पंचायत) लेखा परीक्षा सेवा (प्रथम संशोधन) नियमावली तथा वेतन समिति 2016 की सिफारिशों पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति द्वारा दी गई महत्वपूर्ण वेतन विसंगति संबंधी संस्तुतियों को भी आज कैबिनेट द्वारा सहर्ष स्वीकार कर लिया जाएगा।
शहरी विकास और बुनियादी ढांचे के मोर्चे पर, गोरखपुर महानगर में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक नए 100 बेड के अत्याधुनिक अस्पताल के निर्माण के लिए चिन्हित की गई सरकारी भूमि के निशुल्क हस्तांतरण का प्रस्ताव पास होगा। इसके अलावा, नगर निगम गोरखपुर और नगर निगम मुरादाबाद के वित्तीय संसाधनों को मजबूत करने तथा विकास कार्यों के लिए धन जुटाने के उद्देश्य से उन्हें ‘म्यूनिसिपल बॉन्ड’ जारी करने की ऐतिहासिक प्रशासनिक मंजूरी दी जाएगी। धार्मिक एवं पर्यटन नगरी वाराणसी में यातायात की समस्या से निजात दिलाने के लिए चल रही ‘रोपवे पायलट परियोजना’ के अंतर्गत आवश्यक भूमि को वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) को तत्काल उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल है। अंत में, पंचायती राज विभाग की ओर से ‘स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)’ के तहत प्रदेश के गांवों में स्वच्छता परिसंपत्तियों के दीर्घकालिक संचालन एवं अनुरक्षण नीति तथा ‘उप्र परिवीक्षा अधिकारी राजपत्रित सेवा नियमावली 2026’ में आवश्यक संशोधनों को पारित कर शासन के नियमों को अधिक पारदर्शी और लोक-हितैषी बनाया जाएगा।
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Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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