National Desk, 🌐 tajnews.in | Saturday, 04 July, 2026, 06:14:40 PM IST.

tajnews.in | पुणे: महाराष्ट्र के हाई-प्रोफाइल रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड की विधिक जांच के बीच सोशल मीडिया पर एक ऐसा सनसनीखेज डिजिटल साक्ष्य वायरल हो गया है, जिसने इस पूरे मर्डर मिस्ट्री को और अधिक उलझा दिया है। मामले की मुख्य आरोपी सिया गोयल की एक कथित स्नैपचैट बातचीत का स्क्रीनशॉट इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। इस लीक हुए स्क्रीनशॉट में जो बातें सामने आई हैं, वे सीधे तौर पर मर्डर की साजिश की क्रोनोलॉजी की तरफ इशारा करती हैं। वायरल चैट के अनुसार, आरोपी युवती ने वारदात से पहले अपने एक बेहद करीबी दोस्त को मैसेज भेजकर एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज [Aadhaar Card Redacted] की दोनों तरफ की तस्वीरें मांगी थीं, जिसका उपयोग कथित रूप से शादी के फर्जी टिकट बुक करने के नाम पर किया गया था। इस नए डिजिटल साक्ष्य के सार्वजनिक होने के बाद से पुलिसिया तफ्तीश में नए आयाम जुड़ गए हैं।
पुलिस अनुसंधान और न्यायालय की कार्यवाही के मध्य यह सनसनीखेज स्क्रीनशॉट शुक्रवार को उस समय ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर देखा गया, जब पुणे रूरल की एक प्रतिष्ठित अदालत ने 20 वर्षीय आरोपी सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी 22 वर्षीय चेतन चौधरी को 14 दिनों की न्यायिक अभिरक्षा में भेजने का आदेश पारित किया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, इन दोनों आरोपियों पर गत 18 जून को पुणे जिले के ऐतिहासिक लोहागढ़ किले की एक ऊंची चट्टान से 25 वर्षीय सफल रियल एस्टेट व्यवसायी केतन अग्रवाल को धक्का देकर निर्मम हत्या करने का संगीन आरोप है। अत्यंत चौंकाने वाला तथ्य यह भी है कि केतन और सिया की सगाई हो चुकी थी तथा आगामी नवंबर माह में दोनों का विवाह संपन्न होने वाला था। परंतु इस बीच इस खूनी साजिश ने पूरे परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया।
अदालती सुनवाई के दौरान पुलिस प्रशासन ने आरोपियों की पुलिस कस्टडी रिमांड बढ़ाने की पुरजोर मांग की थी। सरकारी अधिवक्ता राजश्री विरकुड ने कोर्ट के समक्ष दलील दी कि आरोपियों के मोबाइल फोन की शुरुआती फॉरेंसिक जांच में कोडेड भाषा (गुप्त कोड) में की गई चैट बरामद हुई है। इस चैट में कई तरह के उपनामों (निकनेम) और विशिष्ट इमोजी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया है, जिनका वास्तविक अर्थ केवल आरोपी ही समझ सकते हैं। इस कोडिंग के पीछे छिपे मर्डर के असली मोटिव को डिकोड करने के लिए दोनों का आमना-सामना कराकर कस्टोडियल इंटेरोगेशन किया जाना विधिक रूप से अत्यंत आवश्यक है। हालांकि, कोर्ट ने पुलिस की इस रिमांड अर्जी को तकनीकी आधार पर खारिज करते हुए दोनों को 16 जुलाई तक जेल भेज दिया।
इन्वेस्टिगेशन टीम ने कोर्ट को यह भी अवगत कराया कि पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए उस दुर्गम स्थान का विस्तृत पंचनामा तैयार कर लिया है, जहां आरोपी सिया ने मुंबई भागते समय रास्ते में साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से मृतक कारोबारी केतन का पासपोर्ट फेंक दिया था। इसके साथ ही, जांच अधिकारियों ने उस स्थान को भी चिन्हित कर उसका पंचनामा किया है जहां दोनों आरोपियों ने मिलकर इस खूनी वारदात की अंतिम रूपरेखा तैयार की थी। पुलिस ने आरोपी युवती के पास से एक अन्य छुपाया हुआ मोबाइल फोन भी बरामद करने में सफलता पाई है, जिसे डेटा रिकवरी और बैक-एंड एनालिसिस के लिए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेज दिया गया है ताकि डिलीट किए गए डेटा को पुन: प्राप्त किया जा सके।
दूसरी ओर, बचाव पक्ष के वकीलों ने पुलिस की इन दलीलों का कड़ा विरोध किया। सिया गोयल के अधिवक्ता विपुल दुशिंग ने कोर्ट में तर्क दिया कि उनके क्लाइंट से संबंधित सभी आवश्यक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और मोबाइल पहले ही ज़ब्त किए जा चुके हैं और वे जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं, इसलिए कस्टडी बढ़ाने का कोई औचित्य नहीं है। वहीं, सह-आरोपी चेतन चौधरी के वकील ने इसे प्रॉसिक्यूशन की “फिशिंग इंक्वायरी” करार दिया। सुनवाई की समाप्ति के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए पुणे रूरल के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने आश्वस्त किया कि पुलिस के पास इस जघन्य हत्याकांड को साबित करने के लिए पुख्ता डिजिटल और चश्मदीद गवाहों के साक्ष्य मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि वित्तीय लेन-देन और केतन द्वारा सिया को दिए गए पैसों के विवरण का भी डेटा खंगाला जा रहा है, जिसका खुलासा सही समय पर चार्जशीट के माध्यम से किया जाएगा।
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Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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