Uttar Pradesh Desk, 🌐 tajnews.in | Friday, 3 July 2026, 12:45:10 PM IST

अयोध्या/लखनऊ: अयोध्या राम जन्मभूमि परिसर में भव्य राम मंदिर के चढ़ावे में हुई कथित चंदा चोरी और महाघोटाले को लेकर चल रही जांच के दूसरे चरण में विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी कार्रवाई को बेहद आक्रामक और तेज कर दिया है। शुक्रवार की सुबह एसआईटी की उच्चस्तरीय टीम स्थानीय गेस्ट हाउस से सीधे राम जन्मभूमि परिसर के लिए रवाना हुई। मंदिर परिसर पहुंचते ही एसआईटी के आला अफसरों ने स्टेट बैंक और संबंधित बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों व कर्मचारियों को तलब कर एक बंद कमरे में मैराथन पूछताछ शुरू कर दी है। टीम द्वारा मंदिर के बैंक खातों, वित्तीय लेनदेन के डिजिटल फुटप्रिंट और अन्य गोपनीय दस्तावेजों की बारीकी से स्क्रूटनी की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, इस पूछताछ और स्थलीय साक्ष्यों के संकलन के बाद दोषियों के विरुद्ध अत्यंत कठोर विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
ताज न्यूज़ की रपट के अनुसार, इस महाघोटाले की जांच का दायरा अब हर बीतते दिन के साथ बड़ा होता जा रहा है। इससे पहले बृहस्पतिवार को अयोध्या पहुंची एसआईटी की टीम ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों चंपत राय, अनिल मिश्रा व गोपाल राव को आमने-सामने बिठाकर करीब चार घंटे तक तीखे सवाल पूछे थे। इस दौरान टीम ने चढ़ावे और दान के ऑडिट से जुड़े तमाम महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए थे। सूत्रों से मिली बेहद पुख्ता जानकारी के अनुसार, कल की लंबी पूछताछ में ट्रस्ट के पदाधिकारियों द्वारा दिए गए कई जवाबों से एसआईटी के अधिकारी संतुष्ट नहीं दिखे। यही वजह है कि आने वाले दिनों में पूछताछ का दायरा और बढ़ाने तथा कुछ अन्य बड़े चेहरों को नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है।
विदित हो कि बीते छह जून को राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का यह बेहद संवेदनशील मामला आधिकारिक रूप से उजागर हुआ था। इसके बाद उत्तर प्रदेश शासन द्वारा तत्परता दिखाते हुए 13 जून को विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। एसआईटी ने दिन-रात एक करके महज दस दिनों के भीतर 23 जून को अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट राज्य के गृह विभाग को सौंप दी थी। अब दूसरे चरण की इस विशेष जांच में एसआईटी वित्तीय गड़बड़ियों के पूरे खेल और उसके मूल ढांचे को बेनकाब करने के लिए ट्रस्ट के पिछले पांच वर्षों के संपूर्ण ऑडिट खातों का दोबारा से री-ऑडिट कर रही है। हालांकि, एसआईटी ने ट्रस्ट से अब तक हुए ऑडिट का पूरा लेखा-जोखा मांगा था, लेकिन कुछ गोपनीय और महत्वपूर्ण ब्योरा अब भी जांच टीम को उपलब्ध नहीं कराया गया है, जिसे लेकर अधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाया है। पूरा आधिकारिक ब्योरा मिलने के बाद ही यह पूर्णतः स्पष्ट हो सकेगा कि वास्तव में कहां, कितनी और किस प्रकृति की हेराफेरी की गई है।
इस पूरे मामले में खास बात यह है कि एसआईटी के साथ-साथ उत्तर प्रदेश पुलिस की समानांतर आपराधिक विवेचना भी बेहद तेजी से आगे बढ़ रही है, जिससे आरोपियों पर दोहरा शिकंजा कस चुका है। मामले के मुख्य विवेचक और क्षेत्राधिकारी (सीओ) अयोध्या आशुतोष तिवारी अपनी विशेष टीम के साथ बृहस्पतिवार को राम मंदिर गर्भगृह और परिसर पहुंचे थे। उन्होंने वहां स्थापित भारी दान पात्रों का स्थलीय निरीक्षण किया और यह समझने का प्रयास किया कि दान पात्रों से प्रतिदिन अथवा साप्ताहिक रूप से राशि निकालने की क्या विधिक प्रक्रिया है और उसकी गणना किस प्रकार की जाती है। पुलिस टीम ने मंदिर परिसर की सुरक्षा में तैनात कैमरों के कई दिनों के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज को अपने कब्जे में लेकर फॉरेंसिक एनालिसिस के लिए भेज दिया है।
उधर, पुलिस की एक अन्य विशेष विंग ने बृहस्पतिवार की देर शाम इस मामले के मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला के प्रतापगढ़ स्थित पैतृक गांव में अचानक दबिश दी। पुलिस टीम ने आरोपी के घर की सघन तलाशी ली और उसके परिजनों व निकट संबंधियों से बंद कमरे में करीब आधे घंटे तक कड़ी पूछताछ की। इस दौरान पुलिस ने आरोपी के बैंक खातों, संपत्तियों और निवेश से जुड़े कुछ अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेज भी अपने कब्जे में ले लिए हैं। एसआईटी और पुलिस की इन संयुक्त व चौतरफा कार्रवाइयों से अयोध्या से लेकर लखनऊ के प्रशासनिक गलियारों में भारी खलबली मची हुई है और माना जा रहा है कि जल्द ही इस केस में कुछ बड़ी गिरफ्तारियां देखने को मिल सकती हैं।
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Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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