चढ़ावा चोरी कांड में चंपत राय से तीन घंटे तक हुई सघन पूछताछ: बोले- हेरफेर में मेरी कोई भूमिका नहीं, टिन्नू यादव ऐसा करेगा उम्मीद नहीं थी

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Uttar Pradesh Desk, 🌐 tajnews.in | Tuesday, 30 June 2026, 07:15:10 AM IST

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अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस और विशेष जांच दल (SIT) ने कार्रवाई तेज कर दी है। सोमवार को पुलिस ने राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय से करीब तीन घंटे तक कड़ाई से पूछताछ की और उनका आधिकारिक बयान दर्ज किया। इस दौरान पुलिस ने प्रशासनिक निर्णयों, चढ़ावा प्रबंधन प्रणाली, कर्मचारियों की जवाबदेही और पूर्व में मिली शिकायतों के निस्तारण से जुड़े कई तीखे सवाल पूछे। पूछताछ के दौरान चंपत राय ने चढ़ावा चोरी में अपनी किसी भी प्रकार की संलिप्तता से साफ इनकार किया, हालांकि उन्होंने यह स्वीकार किया कि मंदिर परिसर में किसी भी वित्तीय हेरफेर को रोकना उनकी प्रशासनिक जिम्मेदारी थी। उन्होंने पुलिस से कहा कि मुख्य आरोपी टिन्नू यादव बहुत लंबे समय से ट्रस्ट से जुड़ा हुआ था और वह ऐसी घिनौनी हरकत करेगा, इसकी उन्हें कतई उम्मीद नहीं थी।

HIGHLIGHTS
  1. मैराथन पूछताछ: राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय से पुलिस ने प्रशासनिक व वित्तीय प्रबंधन के बिंदुओं पर 3 घंटे तक दर्ज किया बयान।
  2. बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई: सुरक्षा और काउंटिंग रूम के 1,600 सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के जिम्मेदार रेडियो ऑपरेशन अधिकारी अर्जुन देव को हटाकर गोरखपुर भेजा गया।
  3. वकीलों का ऐतिहासिक बहिष्कार: फैजाबाद बार एसोसिएशन ने आरोपियों का केस न लड़ने का लिया निर्णय, नियम तोड़ने वाले वकील पर लगेगा 5 लाख रुपये का जुर्माना।
  4. हिरासत बढ़ी: मुख्य आरोपी टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्रा और लवकुश मिश्रा समेत 8 आरोपियों की न्यायिक हिरासत कोर्ट ने 14 दिनों के लिए और बढ़ाई।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस महाघोटाले की परतें खोलने के लिए पुलिस टीम भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की अयोध्या धाम शाखा भी पहुँची। वहाँ बैंक मैनेजर और पांच अन्य बैंक कर्मियों से करीब दो घंटे तक पूछताछ की गई। पुलिस ने बैंक प्रबंधन से राम मंदिर के वित्तीय खातों से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज़, आरोपियों के बैंक खातों का विस्तृत विवरण और पिछले पांच वर्षों का वित्तीय स्टेटमेंट मांगा है। इसके साथ ही, ट्रस्ट के पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा और पदाधिकारी गोपाल राव समेत करीब 70 अन्य सेवादारों व कर्मचारियों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी 140 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज करने की तैयारी कर रही है और संदिग्धों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाले जा रहे हैं।

पूछताछ के दौरान जब पुलिस ने चंपत राय से रिश्तेदारों और करीबियों को ट्रस्ट में अवैध तरीके से नियुक्त करने को लेकर सवाल पूछा, तो उन्होंने इसका ठीकरा पूरे ट्रस्ट पर फोड़ते हुए कहा कि जरूरतमंदों को काम देने के निर्णय में केवल वे अकेले शामिल नहीं थे, बल्कि ट्रस्ट के अन्य सदस्यों की भी इसमें सामूहिक भूमिका रही है। दूसरी तरफ, कोर्ट ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किए गए आरोपी टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्रा, करुणेश, अवनीश और सुभाष श्रीवास्तव को राहत न देते हुए उनकी न्यायिक हिरासत 14 दिनों के लिए और बढ़ा दी है।

इस बीच, फैजाबाद बार एसोसिएशन ने इस मामले पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने घोषणा की है कि अयोध्या की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाले इन आठों आरोपियों का पक्ष अदालत में कोई भी स्थानीय वकील नहीं रखेगा। यदि किसी अधिवक्ता ने इस सामूहिक निर्णय का उल्लंघन किया, तो उस पर पांच लाख रुपये का दंडात्मक जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही अधिवक्ताओं ने मांग की है कि जांच प्रभावित न हो, इसके लिए चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को तत्काल अयोध्या छोड़ देना चाहिए। कड़े सुरक्षा चक्र के बीच हुई इस चढ़ावा चोरी ने मंदिर के आंतरिक निगरानी तंत्र की पोल खोल दी है, जिसके चलते वर्ष 2009 से अयोध्या में जमे रेडियो ऑपरेशन अधिकारी (RMO) अर्जुन देव को हटाकर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।

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Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

Thakur Pawan Singh

Chief Editor, Taj News


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