प्रयागराज: सिविल लाइंस के विट्ठल होटल में भीषण अग्निकांड, 12 से अधिक लोग फंसे

खबर शेयर कीजिए

UP News Desk, tajnews.in | Monday, May 18, 2026, 07:35:00 PM IST

Taj News
UP News Desk | State Alerts & Mishaps

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज शहर से एक बहुत ही डरावनी और बड़ी खबर सामने आई है। यहां के पॉश और अति व्यस्त सिविल लाइंस इलाके में एक भारी अग्निकांड हो गया है। इलाके में स्थित मशहूर विट्ठल होटल में सोमवार दोपहर अचानक भीषण आग लग गई। इस अचानक लगी आग ने पूरे इलाके में भारी हड़कंप मचा दिया है। आग की तेज लपटों और धुएं ने स्थानीय लोगों को बुरी तरह डरा दिया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंच गईं। राहत और बचाव दल ने आग पर काबू पाने की जोरदार कोशिश शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, होटल के अंदर अभी भी लगभग 12 से ज्यादा लोग फंसे हुए हैं। प्रशासन इन सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एक बड़ा और सघन रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहा है।

अग्निकांड के मुख्य बिंदु
  • विट्ठल होटल में लगी आग: प्रयागराज के पॉश सिविल लाइंस इलाके में स्थित विट्ठल होटल में सोमवार दोपहर अचानक आग भड़क उठी।
  • 12 से ज्यादा लोग फंसे: आग की तेज लपटों और धुएं के बीच होटल की ऊपरी मंजिलों पर महिलाओं और बच्चों समेत 12 से अधिक लोग फंस गए।
  • रेस्क्यू ऑपरेशन जारी: फायर ब्रिगेड और पुलिस की कई टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और तेजी से बचाव अभियान शुरू कर दिया।
  • ट्रांसफार्मर में हुआ विस्फोट: स्थानीय चश्मदीदों ने बताया कि पास लगे बिजली के ट्रांसफार्मर में विस्फोट के बाद ही आग होटल तक फैली।

सोमवार दोपहर अचानक भड़की खौफनाक आग

सोमवार दोपहर करीब 2 बजे का समय था। लोग अपने दैनिक कामकाज में पूरी तरह व्यस्त थे। तभी अचानक विट्ठल होटल के निचले हिस्से से धुएं का भारी गुबार उठने लगा। देखते ही देखते इस आग ने बहुत ही भयानक और डरावना रूप धारण कर लिया। आग की तेज लपटें होटल की ऊपरी मंजिलों की तरफ बहुत तेजी से बढ़ने लगीं। आसपास की घनी इमारतों में भी आग फैलने का भारी खतरा एकदम से पैदा हो गया। होटल के अंदर मौजूद कर्मचारियों और मेहमानों में भारी दहशत पूरी तरह फैल गई। लोगों के बीच जान बचाने के लिए चीख-पुकार और भारी भगदड़ मच गई।

हर कोई अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर सुरक्षित रास्तों की तरफ भागने लगा। इस अचानक हुए खौफनाक हादसे ने पूरे सिविल लाइंस इलाके की तेज रफ्तार को पूरी तरह रोक दिया। लोगों को बिल्कुल समझ नहीं आ रहा था कि वे इस आग से कैसे बचें। होटल के अंदर धुएं के कारण कुछ भी साफ दिखाई नहीं दे रहा था। इस भारी अफरा-तफरी ने स्थिति को और भी ज्यादा गंभीर बना दिया। सड़क पर चलने वाले राहगीर भी इस डरावने दृश्य को देखकर पूरी तरह सहम गए। धुएं का काला बादल शहर के आसमान पर काफी ऊंचाई तक फैल गया था।

पुलिस और दमकल विभाग ने तुरंत संभाला मोर्चा

स्थानीय लोगों ने बिना कोई देरी किए पुलिस को तुरंत फोन किया। उन्होंने फायर ब्रिगेड को भी इस भीषण आग की त्वरित सूचना दी। सूचना मिलते ही सिविल लाइंस थाना पुलिस भारी दलबल के साथ तुरंत मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने सबसे पहले घटनास्थल के आस-पास मौजूद भारी भीड़ को सुरक्षित दूरी तक पीछे किया। पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से पूरे इलाके की बहुत सख्त घेराबंदी कर दी है। यातायात पुलिस ने उस रास्ते से गुजरने वाले सभी वाहनों का रूट तुरंत डायवर्ट कर दिया। प्रशासन ने किसी भी बाहरी व्यक्ति के अंदर जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी है।

चंद मिनटों के भीतर दमकल विभाग की कई गाड़ियां भी सायरन बजाते हुए घटनास्थल पर पहुंच गईं। दमकल कर्मियों ने आते ही आग बुझाने का अपना बहुत बड़ा और तेज अभियान शुरू कर दिया। पानी की भारी बौछार से आग की तेज लपटों को कम करने की जोरदार कोशिश की गई। दमकल कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर तुरंत होटल के अंदर प्रवेश किया। धुएं से निपटने के लिए उन्होंने ऑक्सीजन मास्क और विशेष उपकरणों का भारी इस्तेमाल किया। पूरे इलाके में हर तरफ केवल दमकल गाड़ियों के तेज सायरन की आवाजें ही गूंज रही थीं।

ऊपरी मंजिलों पर फंसे कई बेबस लोग

होटल के अंदर की वर्तमान स्थिति बहुत ही ज्यादा खतरनाक और डरावनी बनी हुई है। पुलिस के मुताबिक, होटल के अंदर 12 से अधिक लोग अभी भी फंसे हुए हैं। इन फंसे हुए लोगों में कई महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। धुएं के कारण अंदर फंसे लोगों को सांस लेने में भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। दमकल विभाग की एक विशेष टीम होटल की ऊपरी मंजिलों तक पहुंचने की भारी कोशिश कर रही है। बचाव दल ने ऊंची सीढ़ियों और क्रेन की मदद से अपने रेस्क्यू ऑपरेशन को काफी ज्यादा तेज कर दिया है।

हर एक गुजरता पल अंदर फंसे लोगों के लिए बहुत ही कीमती और नाजुक है। बाहर खड़े लोगों की नजरें बस सुरक्षित रेस्क्यू पर पूरी तरह टिकी हुई हैं। दमकल कर्मी होटल की खिड़कियों के शीशे तोड़कर धुएं को बाहर निकालने का प्रयास कर रहे हैं। फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हर मुमकिन और आधुनिक तरीका अपनाया जा रहा है। अधिकारियों ने लाउडस्पीकर के जरिए अंदर फंसे लोगों को हिम्मत बनाए रखने का लगातार संदेश दिया। यह समय प्रशासन और फंसे हुए लोगों के लिए एक बहुत बड़ी और सीधी अग्निपरीक्षा का है।

यह भी पढ़ें (प्रदेश की अन्य बड़ी खबरें)

ट्रांसफार्मर विस्फोट या फिर शॉर्ट सर्किट का शक

आग लगने का असली और मुख्य कारण अभी तक पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस और प्रशासन फिलहाल आग लगने के कारणों की बहुत ही सघन और तकनीकी जांच कर रहे हैं। हालांकि, घटनास्थल पर मौजूद कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को एक बहुत ही अहम और बड़ी जानकारी दी है। उनका कहना है कि होटल के पास ही बिजली का एक बहुत बड़ा ट्रांसफार्मर लगा हुआ है। इस ट्रांसफार्मर में दोपहर के समय अचानक एक बहुत तेज और भयानक विस्फोट हुआ था। ट्रांसफार्मर के विस्फोट से उठी आग की चिंगारियों ने तुरंत होटल को अपनी चपेट में ले लिया।

आग धीरे-धीरे भड़की और पूरे विट्ठल होटल तक बहुत तेजी से फैल गई। इसके अलावा, पुलिस होटल के अंदर शॉर्ट सर्किट होने की भारी संभावना को भी पूरी तरह नकार नहीं रही है। प्रशासन ने साफ कहा है कि फिलहाल हर एंगल से इस बड़े मामले की गहनता से जांच की जा रही है। फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंचकर सबूत इकट्ठा करने की पूरी तैयारी कर चुकी है। असली कारण का पता आग पूरी तरह बुझने और प्राथमिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। तब तक बचाव कार्य ही पुलिस की एकमात्र प्राथमिकता बना हुआ है।

बड़े अधिकारी मौके पर, मेडिकल टीमें पूरी तरह अलर्ट

घटना की भारी गंभीरता को देखते हुए कई बड़े प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए हैं। पुलिस और अग्निशमन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने राहत मोर्चे को खुद ही संभाल लिया है। प्रयागराज के मुख्य अग्निशमन अधिकारी चंद्र मोहन शर्मा भी अपने पूरे दल के साथ मौके पर डटे हुए हैं। चंद्र मोहन शर्मा ने इस राहत और बचाव अभियान की बहुत ही कड़ी और सीधी निगरानी शुरू कर दी है। उन्होंने वहां मौजूद मीडिया को बताया कि आग पर काबू पाने के लिए कई टीमें एक साथ लगातार काम कर रही हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन की सबसे पहली और बड़ी प्राथमिकता लोगों की कीमती जान बचाना है। होटल में फंसे हर एक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना ही उनका एकमात्र लक्ष्य है। इसके अलावा, जिला स्वास्थ्य विभाग ने भी अपनी पूरी तैयारी कर ली है। घटनास्थल के पास कई एंबुलेंस को तुरंत तैनात कर दिया गया है। शहर के सभी बड़े सरकारी और निजी अस्पतालों को भी पूरी तरह अलर्ट पर रखा गया है। धुएं से दम घुटने वाले मरीजों के लिए ऑक्सीजन की पूरी व्यवस्था कर ली गई है। पुलिस ने एंबुलेंस के लिए एक विशेष और सुरक्षित ग्रीन कॉरिडोर भी बना दिया है।

होटलों के सुरक्षा मानकों पर फिर उठे कई गंभीर सवाल

इस बड़े अग्निकांड ने शहर के होटलों के सुरक्षा मानकों पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के बीचों-बीच इतने बड़े होटल में आग बुझाने के पर्याप्त और पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं थे? यह सवाल अब हर आम नागरिक प्रशासन से पूछ रहा है। नियमों की अनदेखी के कारण ही ऐसी भयानक दुर्घटनाएं बार-बार होती हैं। प्रशासन को शहर के सभी होटलों का बहुत ही सख्त और अचानक फायर सेफ्टी ऑडिट कराना चाहिए। बिना वैध फायर एनओसी के चल रहे होटलों पर तुरंत कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। जनता के जान-माल की सुरक्षा के साथ कोई भी समझौता नहीं किया जा सकता।

लोगों की जान के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यापारी या व्यक्ति को बिल्कुल बख्शा नहीं जाना चाहिए। इस भारी घटना के बाद जिला प्रशासन ने अन्य होटलों की जांच के भी सख्त आदेश तुरंत दे दिए हैं। मुख्यमंत्री ने भी इस भीषण अग्निकांड का तुरंत संज्ञान लिया है। उन्होंने प्रयागराज के सभी आला अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचने का सख्त निर्देश दिया है। सरकार इस पूरी स्थिति पर लखनऊ से सीधे नजर बनाए हुए है। राहत कार्यों में किसी भी तरह की ढिलाई को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार ने पीड़ितों को हर संभव मदद देने का पूरा भरोसा दिया है।

Trending Tags

Prayagraj Fire News, Vitthal Hotel Fire, Civil Lines Prayagraj, UP News, Taj News Rescue Operation, Fire Brigade Action, CFO Chandra Mohan Sharma, Fire Safety Audit
Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

Thakur Pawan Singh

Chief Editor, Taj News


खबर शेयर कीजिए

Leave a Comment