प्यार से मानेंगे तो ठीक वरना… सड़क पर नमाज पढ़ने को लेकर योगी की दो टूक

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UP Politics Desk, tajnews.in | Monday, May 18, 2026, 06:45:10 PM IST

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बहुत बड़ा और सख्त बयान दिया है। उन्होंने सड़कों पर नमाज पढ़ने का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने साफ कहा है कि प्रदेश में किसी को भी सड़क पर नमाज पढ़ने की इजाजत बिल्कुल नहीं मिलेगी। सड़क आम जनता के चलने के लिए होती है। यह बीमार लोगों और व्यापारियों के काम आती है। कानून सबके लिए पूरी तरह से एक समान है। अगर लोगों की संख्या ज्यादा है, तो वे शिफ्ट में नमाज पढ़ सकते हैं। वे अपने तय धार्मिक स्थलों पर ही इबादत करें। सरकार किसी भी कीमत पर सड़कों पर अराजकता नहीं फैलने देगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों से पुलिस बहुत सख्ती से निपटेगी।

बयान के मुख्य बिंदु
  • सड़क पर नमाज नामंजूर: मुख्यमंत्री योगी ने साफ कहा है कि सड़कों पर नमाज पढ़ने की अनुमति किसी को भी नहीं दी जाएगी।
  • शिफ्ट में पढ़ें नमाज: जगह कम होने पर लोगों को शिफ्ट में अपने धार्मिक स्थल के अंदर ही नमाज पढ़ने की हिदायत दी गई है।
  • यातायात बाधित न करें: आम नागरिकों, बीमारों और व्यापारियों को परेशानी से बचाने के लिए सड़कों को पूरी तरह खाली रखना होगा।
  • कड़ी कार्रवाई की चेतावनी: प्यार और संवाद से न मानने वालों के खिलाफ सरकार अब दूसरा और बहुत ही कड़ा तरीका अपनाएगी।

सड़कों पर नमाज कतई बर्दाश्त नहीं करेगी सरकार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार का रुख एकदम स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने नमाज पढ़ने के तरीके और जगह को लेकर बहुत ही बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा कि सड़क किसी की निजी संपत्ति बिल्कुल नहीं है। इसका इस्तेमाल केवल यातायात और आवागमन के लिए होना चाहिए। कोई भी व्यक्ति चौराहे पर आकर अपना तमाशा नहीं बना सकता है। योगी ने बहुत कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि लोग प्यार से मानेंगे तो बहुत अच्छा होगा। अगर वे नहीं मानेंगे, तो सरकार दूसरा और कड़ा तरीका अपनाएगी। पुलिस प्रशासन ऐसे लोगों से बहुत सख्ती से निपटेगा।

उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मुद्दे पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना ली है। सरकार ने साफ किया है कि धार्मिक स्वतंत्रता के नाम पर सार्वजनिक व्यवस्था भंग नहीं की जा सकती। सड़कों को बाधित करने से पूरे शहर का सिस्टम पूरी तरह चरमरा जाता है। सरकार किसी भी एक समुदाय को कानून हाथ में लेने की छूट बिल्कुल नहीं देगी। ताज न्यूज़ की रपट के अनुसार, मुख्यमंत्री के इस कड़े रुख से पूरे प्रशासन में भारी हलचल मच गई है। पुलिस अधिकारियों ने भी अपने-अपने जिलों में इस आदेश को तुरंत लागू कर दिया है।

कानून सभी नागरिकों के लिए पूरी तरह एक समान

उत्तर प्रदेश में कानून का राज पूरी तरह से स्थापित है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि कानून सभी नागरिकों के लिए समान रूप से लागू होता है। इसमें किसी भी धर्म या जाति के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होगा। कुछ लोग कानून को अपने हाथ में लेने की लगातार कोशिश करते हैं। सरकार ऐसे लोगों को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगी। सड़क पर नमाज पढ़ने से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। शहर में भयानक ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाएं भी बुरी तरह फंस जाती हैं।

योगी आदित्यनाथ ने बताया कि नियम तोड़ना किसी भी सभ्य समाज की निशानी नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति नियम तोड़ता है, तो पुलिस उस पर सख्त एक्शन लेगी। सरकार का नियम पूरी तरह से सार्वभौम है। यह हर अमीर, गरीब, हिंदू या मुस्लिम पर बराबर रूप से लागू होता है। उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि किसी के साथ कोई अन्याय नहीं होगा। लेकिन अनुशासनहीनता को भी किसी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। कानून का डर हर अपराधी और नियम तोड़ने वाले के मन में होना ही चाहिए।

शिफ्ट में पढ़ें नमाज, व्यवस्था पूरी तरह बनाए रखें

मुख्यमंत्री ने नमाजियों को एक बहुत ही व्यावहारिक और सटीक सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि अगर मस्जिद में जगह कम है, तो लोग शिफ्ट में नमाज पढ़ें। एक समूह के नमाज पढ़ने के बाद दूसरा समूह अंदर जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अपनी संख्या को पूरी तरह नियंत्रित करना चाहिए। बिना वजह भीड़ बढ़ाने का कोई औचित्य नहीं है। प्रशासन किसी को भी उसके धार्मिक स्थल के अंदर नमाज पढ़ने से कभी नहीं रोकेगा। लेकिन सड़क पर कब्जा करने की इजाजत किसी भी हाल में नहीं दी जाएगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि तुम्हारे घर में रहने की जगह नहीं है, तो अपनी संख्या कम रखो। उन्होंने सवाल पूछा कि बिना सामर्थ्य के बेकार में संख्या क्यों बढ़ाई जा रही है। यह सीधा संदेश उन लोगों के लिए है जो जानबूझकर सड़कों पर भीड़ इकट्ठा करते हैं। मस्जिद के अंदर नमाज पढ़ने पर सरकार को कोई आपत्ति बिल्कुल नहीं है। लोग शांति से अपनी इबादत कर सकते हैं। लेकिन उन्हें यह भी ध्यान रखना होगा कि उनके इस काम से किसी दूसरे व्यक्ति को कोई तकलीफ न हो।

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यातायात बाधित करने का किसी को कोई अधिकार नहीं

मुख्यमंत्री योगी ने एक बहुत ही वाजिब और सीधा सवाल उठाया है। उन्होंने पूछा कि यातायात बाधित करने का कौन सा अधिकार किसी के पास है। सड़क पर हर आम और खास आदमी का बराबर का हक होता है। कोई भी गुट या समुदाय अपनी मर्जी से सड़क को बंद नहीं कर सकता है। त्योहारों के नाम पर भी सार्वजनिक रास्तों पर कब्जा नहीं किया जा सकता है। सरकार ने साफ कर दिया है कि यातायात को सुचारू रूप से चलाना पुलिस की मुख्य जिम्मेदारी है।

अगर कोई भी व्यक्ति सड़क पर बैठकर नमाज पढ़ता है, तो वह सीधा कानून तोड़ता है। ऐसे लोगों पर पुलिस वीडियो ग्राफी के जरिए सीधी नजर रखेगी। उनकी पहचान करके उन पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर उन्हें गिरफ्तार भी किया जा सकता है। योगी सरकार ने पिछले कई सालों में इस नियम को बहुत कड़ाई से लागू किया है। इसी का नतीजा है कि आज यूपी में लोग सड़कों पर नमाज पढ़ने से पूरी तरह कतराते हैं।

आम जनता को नहीं होने देंगे कोई भारी परेशानी

आम जनता की सुविधा योगी सरकार की सबसे पहली और बड़ी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक बीमार व्यक्ति को अस्पताल समय पर पहुंचना होता है। एक कर्मचारी को अपने दफ्तर समय से जाना होता है। एक व्यापारी को अपने व्यापार के लिए समय पर पहुंचना बहुत जरूरी होता है। सड़क बाधित होने से इन सभी लोगों का बहुत भारी नुकसान होता है। कई बार जाम में फंसकर एंबुलेंस में ही मरीज की दर्दनाक मौत हो जाती है। सरकार किसी एक वर्ग की जिद के आगे बिल्कुल नहीं झुकेगी।

पुलिस को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे सड़कों को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त रखें। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर तुरंत एफआईआर दर्ज की जाएगी। जनता को भी सरकार के इस बड़े फैसले से काफी राहत मिली है। वे अब बिना किसी जाम और परेशानी के अपना सफर तय कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम किसी को भी सड़क बाधित नहीं करने देंगे। यह सरकार का पक्का और अंतिम वादा है।

उत्तर प्रदेश में खत्म हुई सड़कों पर नमाज

योगी आदित्यनाथ ने अपने शानदार शासनकाल की एक बड़ी और अहम उपलब्धि भी गिनाई। उन्होंने कहा कि लोग अक्सर उनसे सवाल पूछते हैं। वे पूछते हैं कि क्या सच में यूपी में सड़कों पर नमाज नहीं होती है। योगी ने पूरे आत्मविश्वास और गर्व के साथ इसका जवाब दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कहीं भी सड़क पर नमाज कतई नहीं होती है। कोई भी व्यक्ति किसी भी शहर में जाकर इस सच्चाई को खुद अपनी आंखों से देख सकता है।

यह सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति का ही सीधा परिणाम है। पहले की सरकारों में ऐसा करना लगभग नामुमकिन माना जाता था। तब सड़कों पर नमाज पढ़ना एक आम बात हुआ करती थी। लेकिन योगी सरकार ने इस पुरानी और गलत परंपरा को पूरी तरह से खत्म कर दिया है। ताज न्यूज़ की रपट के अनुसार, इस कड़े फैसले का जनता ने भारी स्वागत किया है। लोगों का मानना है कि इससे शहरों में अनुशासन पूरी तरह वापस लौट आया है।

सिस्टम के साथ चलना सीखना ही होगा

मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से व्यवस्था और सिस्टम का पूरा सम्मान करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अगर आपको इस सिस्टम के साथ रहना है, तो नियम मानने ही पड़ेंगे। कानूनों का पालन करना हर एक नागरिक का पहला और सबसे बड़ा कर्तव्य है। धार्मिक स्वतंत्रता का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप दूसरों की आजादी पूरी तरह छीन लें। सरकार सभी धर्मों का पूरा सम्मान करती है।

लेकिन सार्वजनिक स्थानों का अतिक्रमण किसी भी धर्म के नाम पर स्वीकार नहीं होगा। यह स्पष्ट संदेश उन सभी लोगों के लिए है जो कानून को बहुत हल्का समझते हैं। सरकार ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी दबाव में बिल्कुल नहीं आएगी। सभी को एक दायरे और अनुशासन के अंदर ही रहना होगा। यही एक सभ्य समाज की सबसे बड़ी और अहम पहचान होती है।

विपक्ष पर साधा बहुत ही कड़ा निशाना

इस कड़े बयान के जरिए योगी ने विपक्षी दलों पर भी बड़ा और तीखा निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने तुष्टीकरण की राजनीति के चलते ऐसे गलत कामों को खूब बढ़ावा दिया था। वे वोट बैंक के भारी लालच में आम जनता की परेशानियों को पूरी तरह नजरअंदाज करते थे। लेकिन वर्तमान सरकार केवल विकास और सुशासन की साफ राजनीति करती है। सरकार के लिए प्रदेश का हर नागरिक पूरी तरह समान है।

योगी का यह बयान आने वाले चुनावों में भी एक बहुत बड़ा मुद्दा बन सकता है। जनता को सरकार का यह सख्त और स्पष्ट रवैया काफी ज्यादा पसंद आ रहा है। विपक्ष के पास योगी के इस तार्किक और सख्त फैसले का कोई भी ठोस जवाब नहीं है। सरकार ने अपनी नीति और नीयत को पूरी तरह से जनता के सामने शीशे की तरह साफ कर दिया है।

पुलिस प्रशासन हुआ पूरी तरह से मुस्तैद

मुख्यमंत्री के इस सख्त आदेश के बाद पुलिस महकमा पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। सभी जिलों के पुलिस कप्तानों को गश्त बढ़ाने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। जुमे की नमाज और अन्य बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान विशेष और कड़ी निगरानी रखी जाएगी। पुलिस ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी की मदद से भी पल-पल की नजर रखेगी। अगर कहीं भी सड़क बाधित करने की कोशिश हुई, तो तुरंत पुलिस कड़ा एक्शन लेगी।

सरकार ने साफ कर दिया है कि किसी भी तरह की ढिलाई को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों की जवाबदेही भी पूरी तरह तय कर दी गई है। अगर किसी क्षेत्र में सड़क पर नमाज पढ़ी गई, तो वहां के थाना प्रभारी पर सीधी गाज गिरेगी। इस डर से पुलिस अधिकारी भी अब पूरी तरह से सतर्क और चौकन्ने हो गए हैं।

शांति और आपसी भाईचारा बढ़ाना मुख्य लक्ष्य

सरकार का मुख्य उद्देश्य समाज में पूरी तरह शांति और सौहार्द स्थापित करना है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नियमों के पालन से समाज में भाईचारा भी तेजी से बढ़ता है। जब कोई एक वर्ग दूसरे की सुविधा का ध्यान रखता है, तो आपसी तनाव काफी कम होता है। सड़कों का खाली रहना सभी वर्गों के लिए बहुत ज्यादा फायदेमंद है। इससे शहर की परिवहन व्यवस्था बहुत सुचारू रूप से चलती है।

सरकार की इस नीति ने प्रदेश की छवि को राष्ट्रीय स्तर पर काफी सुधारा है। यूपी अब कानून व्यवस्था के मामले में एक मॉडल राज्य बन चुका है। देश के अन्य राज्य भी अब योगी सरकार के इस सफल मॉडल को अपनाने की कोशिश कर रहे हैं। शांति और सुरक्षा ही किसी भी प्रदेश के विकास की सबसे पहली सीढ़ी होती है। योगी सरकार इस दिशा में बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है।

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