Uttar Pradesh Desk, tajnews.in | Monday, April 20, 2026, 08:35:30 AM IST

गाजियाबाद: भारतीय समाज में मामा और भांजी के रिश्ते को बेहद पवित्र, सुरक्षित और भरोसेमंद माना जाता है। एक बच्ची अपने माता-पिता के बाद सबसे ज्यादा सुरक्षित अपने मामा की गोद में ही महसूस करती है। लेकिन, उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली और इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली वारदात सामने आई, जिसने इस पवित्र रिश्ते को खून से लहूलुहान कर दिया। टीलामोड़ थाना क्षेत्र में अपनी ही 4 वर्षीय सगी मासूम भांजी को हवस का शिकार बनाने और फिर बेरहमी से उसकी हत्या करने वाले कलयुगी मामा का अंत भी बेहद खौफनाक हुआ। रविवार, 19 अप्रैल की देर रात गाजियाबाद पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए इस दरिंदे को पुलिस मुठभेड़ (Police Encounter) में मार गिराया। बंथला नहर के पास हुई इस भीषण क्रॉस फायरिंग में दो बहादुर पुलिसकर्मी भी गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस जघन्य अपराधी के खात्मे के बाद पूरे इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली है और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। पुलिस ने आरोपी के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
11 अप्रैल की वो मनहूस दोपहर: चीज दिलाने का झांसा और मौत
इस पूरे खौफनाक और दिल दहला देने वाले घटनाक्रम की शुरुआत 11 अप्रैल 2026 की दोपहर को हुई थी। टीलामोड़ थाना क्षेत्र में रहने वाले इस दरिंदे ने अपने ही घर के आंगन में खेल रही 4 साल की मासूम भांजी पर अपनी गंदी नजर डाली। बच्ची अपनी मासूमियत में अपने कातिल को पहचान नहीं सकी। आरोपी ने बड़ी चालाकी से बच्ची को दुकान से ‘चीज’ (टॉफी-चॉकलेट) दिलाने का लालच दिया और उसे अपने साथ घर के बाहर ले गया। बच्ची हंसते-खेलते अपने मामा की उंगली पकड़कर उसके साथ चल दी, यह सोचकर कि वह उसे कुछ मीठा खिलाएगा।
लेकिन, इस कलयुगी मामा के इरादे बेहद खौफनाक थे। वह बच्ची को दुकान ले जाने के बजाय सीधे अपने एकांत कमरे में ले गया। वहां इस दरिंदे ने अपनी सारी हदें पार करते हुए उस 4 साल की फूल सी बच्ची के साथ बर्बरतापूर्वक दुष्कर्म (Rape) किया। जब दर्द और खौफ से बच्ची चीखने लगी और उसने अपने माता-पिता को बताने की कोशिश की, तो पकड़े जाने के डर से इस हैवान ने बच्ची का बेरहमी से गला दबा दिया। मासूम बच्ची ने तड़प-तड़प कर वहीं अपने दरिंदे मामा के कमरे में दम तोड़ दिया। जब बच्ची के शरीर में कोई हलचल नहीं बची, तो आरोपी को एहसास हुआ कि उसने कितना बड़ा जुर्म कर दिया है।
कंधे पर लादकर ले गया शव, कार के नीचे फेंका
हत्या के बाद आरोपी के सिर पर पुलिस का खौफ सवार हो गया। उसने बच्ची के शव को ठिकाने लगाने की एक बेहद खौफनाक योजना बनाई। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी ने बच्ची के बेजान शरीर को एक बोरे या कपड़े में लपेटा और उसे अपने कंधे पर लादकर कमरे से बाहर निकल गया। किसी को उस पर शक न हो, इसलिए वह सामान्य तरीके से चलता हुआ शालीमार गार्डन थाना क्षेत्र (Shalimar Garden Police Station) के 80 फुटा रोड तक पहुंचा। वहां उसने सन्नाटा देखकर मासूम के शव को एक खड़ी हुई कार के नीचे फेंक दिया और खुद मौके से फरार हो गया।
जब बच्ची काफी देर तक घर नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। बच्ची का कहीं अता-पता न चलने पर पुलिस को सूचना दी गई। बाद में कार के नीचे से जब बच्ची का शव बरामद हुआ, तो पूरे इलाके में मातम और भारी आक्रोश फैल गया। शव के पोस्टमार्टम (Postmortem) में जब दुष्कर्म और गला दबाने की पुष्टि हुई, तो पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद ने इसे एक बड़ी चुनौती के रूप में लिया। पुलिस की कई टीमें तुरंत कातिल की तलाश में जुट गईं। शक की सुई गायब चल रहे मामा पर ही थी।
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दिल्ली रेलवे स्टेशन की फुटेज और क्राइम ब्रांच की घेराबंदी
पुलिस को चकमा देने के लिए आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। वह जानता था कि पुलिस उसके पीछे हाथ धोकर पड़ी है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में गाजियाबाद की क्राइम ब्रांच (Crime Branch) को भी विशेष रूप से लगाया गया था। दो दिन पहले पुलिस को एक बहुत बड़ी लीड मिली। पुलिस को दिल्ली रेलवे स्टेशन (New Delhi Railway Station) के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में आरोपी कैद नजर आया। फुटेज के अनुसार, वह काफी देर तक स्टेशन पर ही मौजूद रहा, जिससे पुलिस को लगा कि वह किसी दूर राज्य में भागने की फिराक में है।
लेकिन यह आरोपी की एक शातिर चाल थी। पुलिस को भटकाने के लिए वह स्टेशन पर तो गया, लेकिन वह किसी भी ट्रेन में नहीं चढ़ा और वापस गाजियाबाद की तरफ लौट आया। क्राइम ब्रांच की टीमें लगातार उसके मोबाइल नेटवर्क, मुखबिरों और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए उसे ट्रैक कर रही थीं। रविवार, 19 अप्रैल को क्राइम ब्रांच को अपने विश्वस्त मुखबिरों से एक बेहद पुख्ता सूचना मिली। सूचना यह थी कि आरोपी रात के अंधेरे में बंथला नहर (Banthla Canal) के पास किसी व्यक्ति से मिलने आने वाला है, संभवतः वह वहां से पैसे लेकर हमेशा के लिए शहर छोड़ने की फिराक में था। इस सूचना के मिलते ही टीलामोड़ थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच ने बंथला नहर के आसपास अपना जाल बिछा दिया और सघन चेकिंग शुरू कर दी।
बंथला नहर के पास भीषण मुठभेड़, पुलिस पर चलाईं गोलियां
देर रात का सन्नाटा था। पुलिस की टीमें हर गुजरने वाले व्यक्ति और वाहन पर पैनी नजर रखे हुए थीं। इसी दौरान, पुलिस ने देखा कि एक संदिग्ध व्यक्ति छुपते-छुपाते नहर के रास्ते आ रहा है। हुलिया मैच होने पर पुलिस ने उसे रुकने की कड़ी चेतावनी दी। अपने सामने भारी पुलिस बल को देखकर आरोपी घबरा गया। पुलिस के सामने सरेंडर (Surrender) करने के बजाय, उसने अपनी पिस्तौल निकाल ली और पुलिस टीम पर सीधी फायरिंग शुरू कर दी।
अंधेरे में हुई इस अचानक फायरिंग से पुलिस टीम बाल-बाल बची, लेकिन दो पुलिसकर्मियों को गोलियां लग गईं और वे घायल होकर गिर पड़े। अपने साथियों को घायल होता देख और आरोपी के दुस्साहस का जवाब देने के लिए, पुलिस टीम ने भी सेल्फ डिफेंस (Self Defense) में पोजिशन ली और जवाबी फायरिंग (Retaliatory Firing) शुरू कर दी। पुलिस की सटीक गोलीबारी में आरोपी के पैरों और शरीर में गोलियां लगीं और वह चीखता हुआ जमीन पर गिर पड़ा। फायरिंग रुकने के बाद पुलिस ने सतर्कता से आगे बढ़कर आरोपी के हथियार को दूर किया और उसे अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने तुरंत घायल आरोपी और अपने दोनों घायल पुलिसकर्मियों को पुलिस जीप में लादा और तेजी से पास के अस्पताल की तरफ भागे।
अस्पताल में चिकित्सकों ने तुरंत आरोपी का इलाज शुरू किया और उसकी जान बचाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की गोलियों से वह बुरी तरह छलनी हो चुका था। कुछ ही देर में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया (Declared Dead)। मुठभेड़ के दौरान घायल हुए दोनों पुलिसकर्मियों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। गाजियाबाद के शालीमार गार्डन क्षेत्र के एसीपी (ACP) अतुल कुमार सिंह ने इस पूरे ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी कलयुगी मामा से पुलिस की सीधी मुठभेड़ हुई, जिसमें वह ढेर हो गया है। उन्होंने यह भी राहत भरी खबर दी कि घायल पुलिस कर्मियों की हालत अब पूरी तरह से खतरे से बाहर है। उत्तर प्रदेश पुलिस की इस ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति ने एक बार फिर यह कड़ा संदेश दिया है कि बेटियों के साथ दरिंदगी करने वालों का अंजाम बेहद खौफनाक होगा।
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Thakur Pawan Singh
Editor in Chief, Taj News
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