बिजनौर मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का आरोप, जूनियर छात्र का सिर मुंडवाने की शिकायत; NMC ने मांगी रिपोर्ट

छात्र के पिता ने 10 से 13 सीनियर विद्यार्थियों पर लगाया मानसिक उत्पीड़न और धमकी देने का आरोप; प्राचार्या ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट भेजने की बात कही

🌐 tajnews.in | गुरुवार, 29 अक्टूबर, 2026, 10:11 PM IST.

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उत्तर प्रदेश डेस्क

बिजनौर। महात्मा विदुर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के बॉयज हॉस्टल में एमबीबीएस के जूनियर छात्र के साथ कथित रैगिंग और मानसिक उत्पीड़न का मामला सामने आया है। एक छात्र के पिता ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) से शिकायत कर आरोप लगाया है कि सीनियर छात्रों ने उनके बेटे का सिर मुंडवा दिया। शिकायत में हॉस्टल में नियमित रूप से रैगिंग, अभद्रता और धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं।

शिकायत के बाद NMC ने मामले का संज्ञान लेते हुए कॉलेज की प्राचार्या से 24 घंटे के भीतर कार्रवाई संबंधी रिपोर्ट मांगी। शिकायतकर्ता ने हॉस्टल प्रशासन पर मामले को गंभीरता से नहीं लेने और शिकायत के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं करने का आरोप भी लगाया है। हालांकि, आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच के अंतिम निष्कर्ष उपलब्ध नहीं हैं।

हाइलाइट्स
  • बिजनौर के महात्मा विदुर मेडिकल कॉलेज में जूनियर छात्र का सिर मुंडवाने और रैगिंग का आरोप।
  • पीड़ित छात्र के पिता ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) से की लिखित शिकायत।
  • एनएमसी ने मामले का संज्ञान लेकर कॉलेज प्राचार्या से 24 घंटे में मांगी एक्शन रिपोर्ट।
  • प्राचार्या डॉ. ललिता चौधरी ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट भेजने और अभिभावकों को बुलाने की बात कही।

शाम पांच से सात बजे के बीच रैगिंग किए जाने का आरोप

NMC को दी गई शिकायत के अनुसार, कॉलेज के बॉयज हॉस्टल में जूनियर एमबीबीएस विद्यार्थियों के साथ कथित तौर पर रोजाना शाम पांच से सात बजे के बीच रैगिंग की जाती थी। शिकायतकर्ता ने वर्ष 2024 बैच के सीनियर छात्रों को इसके लिए जिम्मेदार बताया है। शिकायत में 10 से 13 विद्यार्थियों के नाम और उनके कमरों के नंबरों का उल्लेख किए जाने की बात कही गई है।

छात्र के पिता का आरोप है कि कथित रैगिंग और मानसिक उत्पीड़न के कारण उनका बेटा परेशान है और इससे उसकी पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और संबंधित साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।

हॉस्टल वार्डन पर भी कार्रवाई नहीं करने का आरोप

शिकायतकर्ता के मुताबिक, पीड़ित छात्र ने हॉस्टल वार्डन से भी मामले की शिकायत की थी, लेकिन इसके बावजूद निष्पक्ष जांच और ठोस कार्रवाई नहीं हुई। NMC के एंटी-रैगिंग सेल ने मामले में 11 बिंदुओं पर स्पष्ट जवाब मांगा है।

इस मामले में कॉलेज प्रशासन की ओर से अब तक क्या कदम उठाए गए हैं, इसकी विस्तृत जानकारी आधिकारिक जांच रिपोर्ट और संबंधित रिकॉर्ड से ही स्पष्ट हो सकेगी।

अप्रैल में भी 11 छात्रों पर हुई थी अनुशासनात्मक कार्रवाई

कॉलेज में इससे पहले अप्रैल 2026 में भी रैगिंग का मामला सामने आया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उस प्रकरण में 11 छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई थी।

बताया गया है कि एक छात्र पर 10 हजार रुपये जुर्माना और छह सप्ताह का निलंबन, दूसरे पर 10 हजार रुपये जुर्माना और चार सप्ताह का निलंबन तथा तीसरे पर पांच हजार रुपये जुर्माना और दो सप्ताह का निलंबन लगाया गया था। इसके अलावा आठ छात्रों को दो-दो सप्ताह के लिए निलंबित किया गया था।

वर्तमान शिकायत में जिन विद्यार्थियों के नाम सामने आने का दावा किया गया है, उनमें चार ऐसे छात्र भी शामिल बताए गए हैं जिनका नाम अप्रैल के मामले में आया था। हालांकि, दोनों मामलों के विद्यार्थियों के बीच इस कथित समानता की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

एंटी-रैगिंग कमेटी की भूमिका पर भी सवाल

कॉलेज में रैगिंग रोकने के लिए 19 सदस्यीय एंटी-रैगिंग कमेटी गठित होने की जानकारी दी गई है। इसमें प्राचार्या अध्यक्ष, 10 फैकल्टी सदस्य और आठ विद्यार्थी शामिल बताए गए हैं। नई शिकायत सामने आने के बाद कमेटी की निगरानी व्यवस्था और रैगिंग रोकने के उपायों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी में कमेटी की कार्यप्रणाली को लेकर किसी स्वतंत्र जांच का निष्कर्ष सामने नहीं आया है। इसलिए कमेटी की भूमिका पर अंतिम निष्कर्ष निकालने से पहले जांच के परिणामों और कॉलेज की कार्रवाई का विवरण देखना जरूरी होगा।

प्राचार्या ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट भेजने की बात कही

कॉलेज की प्राचार्या डॉ. ललिता चौधरी ने बताया कि रैगिंग के मामले में प्रारंभिक जांच कर NMC को रिपोर्ट भेज दी गई है। उनके अनुसार, जिन सीनियर छात्रों के नाम सामने आए हैं, उनके अभिभावकों को बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि चेतावनी के बाद भी सुधार नहीं होने पर संबंधित छात्रों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल, वर्तमान शिकायत में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय या दंडात्मक कार्रवाई की पुष्टि उपलब्ध नहीं है। मामले में आगे की स्थिति NMC की समीक्षा, कॉलेज की जांच और प्रशासन की कार्रवाई से स्पष्ट होगी।

पवन सिंह

पवन सिंह

प्रधान संपादक
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