सूडान में सोने की खदान ढहने से 82 लोगों की मौत, दर्जनों अब भी लापता; सीमित संसाधनों के बीच रेस्क्यू जारी

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पश्चिम कोर्डोफान के अल-जारा में 30 मीटर गहरी सुरंगें ढहने से भीषण त्रासदी; 50 से अधिक घायल, भारी मशीनरी के अभाव में हाथ से मलबा हटा रहे खनिक

विदेश डेस्क, 🌐 tajnews.in | गुरुवार, 17 सितंबर 2026, 12:51:25 AM IST

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tajnews.in | नुहुद/सूडान। सूडान के पश्चिम कोर्डोफान क्षेत्र में अल-जारा की अनौपचारिक सोने की खदान ढहने से बड़ा हादसा हो गया। अब तक 82 लोगों के शव बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है, जबकि दर्जनों लोग अब भी लापता हैं और उनके मलबे में फंसे होने की आशंका है। सीमित संसाधनों के बीच स्थानीय बचावकर्मी और साथी खनिक मलबा हटाकर लोगों की तलाश में जुटे हैं।

हादसा पश्चिम कोर्डोफान प्रांत के नुहुद शहर के पास स्थित अल-जारा सोने की खदान में हुआ। शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 60 से अधिक बताई गई थी। बाद में Sudan Doctors Network ने 67 शव बरामद होने की जानकारी दी, जबकि एक स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी ने 82 शव निकाले जाने की पुष्टि की। अलग-अलग समय पर सामने आए इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि बचाव अभियान आगे बढ़ने के साथ मृतकों की संख्या बदलती रही है।

HIGHLIGHTS
  • सूडान के पश्चिम कोर्डोफान प्रांत में अल-जारा सोने की खदान ढहने से 82 खनिकों की मौत।
  • 30 मीटर से अधिक गहराई में धंसी सुरंगें, 50 से अधिक घायल और दर्जनों मजदूर अभी भी लापता।
  • मशीनों के अभाव में साथी खनिक साधारण औजारों से हाथ से मलबा हटाने को मजबूर।
  • रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) के प्रभाव वाले क्षेत्र में सिविल वॉर के कारण राहत कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण।

कई खनन सुरंगें एक साथ ढहीं

रिपोर्टों के अनुसार, खदान में कई आपस में जुड़ी सुरंगें और शाफ्ट थे। एक हिस्से के ढहने के बाद मलबा अन्य हिस्सों तक फैल गया। खदान का क्षेत्र एक किलोमीटर से अधिक हिस्से में फैला होने और जमीन के ढीले तथा अस्थिर होने की जानकारी भी सामने आई है।

हादसे के बाद स्थानीय लोगों और साथी खनिकों ने रातभर अपने स्तर पर बचाव अभियान चलाया। लेकिन भारी मलबा हटाने के लिए पर्याप्त मशीनरी उपलब्ध नहीं है। यही वजह है कि गहरी सुरंगों में फंसे लोगों तक पहुंचना बचाव दल के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।

30 मीटर से अधिक गहराई में पहुंचना मुश्किल

बचाव अभियान में शामिल लोगों के सामने मलबे की गहराई और अस्थिर जमीन बड़ी समस्या है। रिपोर्टों के मुताबिक कुछ हिस्से 30 मीटर से अधिक गहराई में हैं। उपलब्ध मशीनरी बेहद सीमित है और एक रिपोर्ट के अनुसार बचाव अभियान में केवल एक निजी फोर्कलिफ्ट उपलब्ध होने की बात सामने आई है।

एक स्थानीय अधिकारी ने AFP को बताया कि करीब 50 लोग घायल भी हुए हैं, जबकि मलबे के नीचे अब भी कितने लोग फंसे हैं, इसकी सटीक संख्या स्पष्ट नहीं है। स्थानीय लोग और खनिक हाथ में उपलब्ध साधारण उपकरणों से मलबा हटाने की कोशिश कर रहे हैं। परिवारों की चिंता इसलिए भी बढ़ी हुई है क्योंकि कई कामगारों की स्थिति की अभी पुष्टि नहीं हो सकी है।

अनौपचारिक खनन ने बढ़ाई सुरक्षा की चिंता

अल-जारा खदान सूडान के हजारों छोटे और अनौपचारिक खनन स्थलों में से एक है। ऐसे स्थानों पर सुरक्षा मानकों, सुरक्षात्मक उपकरणों और आपातकालीन बचाव व्यवस्था की कमी लंबे समय से चिंता का विषय रही है।

Sudan Doctors Network ने भी खदान में बुनियादी सुरक्षा और सुरक्षात्मक उपकरणों की कमी की ओर ध्यान दिलाया है। सूडान के आर्टिसनल गोल्ड सेक्टर में 20 लाख से अधिक लोगों के काम करने और देश के कुल सोना उत्पादन में इसके 80 प्रतिशत से अधिक योगदान की जानकारी सामने आई है। सोने का अनौपचारिक खनन बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका का साधन है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था कमजोर होने के कारण ऐसे क्षेत्रों में खदान ढहने जैसी दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।

युद्ध प्रभावित क्षेत्र में बचाव अभियान की चुनौती

अल-जारा खदान जिस क्षेत्र में स्थित है, वह अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) के नियंत्रण में बताया गया है। RSF और सूडानी सेना के बीच अप्रैल 2023 से संघर्ष जारी है। युद्ध के कारण देश के कई हिस्सों में प्रशासनिक और मानवीय सहायता व्यवस्था प्रभावित हुई है। ऐसे में दूरदराज के खनन क्षेत्र में बड़े हादसे के बाद विशेषज्ञ बचाव दल, भारी मशीनरी और अन्य जरूरी संसाधनों को पहुंचाना और भी मुश्किल हो जाता है।

सूडान में पहले भी हो चुके हैं खदान हादसे

सूडान में अनौपचारिक सोने की खदानों में हादसे पहले भी होते रहे हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार 2023 में एक खदान हादसे में 14 खनिकों की मौत हुई थी, जबकि 2021 के एक हादसे में 38 लोगों की जान गई थी। लगातार होने वाली ऐसी दुर्घटनाएं देश के अनौपचारिक खनन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों, निगरानी और आपातकालीन बचाव क्षमता की चुनौती को सामने लाती हैं।

मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका

अल-जारा खदान हादसे में बचाव अभियान अभी जारी है। 82 शव बरामद होने का आंकड़ा फिलहाल उपलब्ध नवीनतम आंकड़ा है, लेकिन इसे अंतिम मृतक संख्या नहीं माना जा सकता। मलबे के नीचे अभी भी लोगों के फंसे होने की आशंका है। बचावकर्मी लगातार मलबा हटाकर लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं। अभियान पूरा होने और सभी लापता लोगों की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही हादसे में हुई कुल मौतों और नुकसान की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।

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Pawan Kumar Singh Editor in Chief Taj News

Thakur Pawan Singh

Chief Editor, Taj News


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