Edited by: Pawan Singh | tajnews.in | 14 March 2026, 05:45 PM IST

जोधपुर (Jodhpur): सोनम वांगचुक रिहा हो गए हैं और इसके साथ ही उनके समर्थकों और लद्दाख वासियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। देश के जाने-माने इनोवेटर और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार दोपहर राजस्थान की जोधपुर सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया। करीब 170 दिनों की लंबी न्यायिक हिरासत के बाद केंद्र सरकार ने उनके खिलाफ लगाए गए सख्त ‘राष्ट्रीय सुरक्षा कानून’ (NSA) को तत्काल प्रभाव से हटाने का बड़ा फैसला लिया, जिसके बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो सका।

▲ 170 दिनों की लंबी हिरासत के बाद जोधपुर सेंट्रल जेल से रिहा हुए सोनम वांगचुक।
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सोनम वांगचुक रिहा: 24 सितंबर को लद्दाख प्रशासन ने लिया था हिरासत में, अब मिली बड़ी राहत
सोनम वांगचुक को पिछले साल 24 सितंबर 2025 को लद्दाख प्रशासन ने हिरासत में लिया था। वांगचुक लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने और संविधान की ‘छठी अनुसूची’ (Sixth Schedule) लागू करने की मांग को लेकर एक बड़ा आंदोलन चला रहे थे। प्रशासन का आरोप था कि वांगचुक के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन के दौरान लोगों को भड़काया गया, जिससे स्थिति हिंसक हो गई। इस भीषण हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 150 से अधिक लोग घायल हुए थे।
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हिंसा के बाद लगा था NSA, 26 सितंबर से जोधपुर सेंट्रल जेल में काट रहे थे न्यायिक हिरासत
आंदोलन के दौरान हुई हिंसा को बेहद गंभीर मानते हुए लद्दाख प्रशासन और पुलिस ने सोनम वांगचुक के खिलाफ सख्त ‘राष्ट्रीय सुरक्षा कानून’ (NSA) के तहत कार्रवाई की थी। शुरुआती पूछताछ और कानूनी कार्रवाई के बाद, सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए 26 सितंबर को उन्हें राजस्थान की जोधपुर सेंट्रल जेल में शिफ्ट कर दिया गया था। तब से लेकर आज तक वे इसी जेल में न्यायिक हिरासत में बंद थे। इस दौरान उनके समर्थकों ने देश भर में उनकी रिहाई के लिए कई शांतिपूर्ण प्रदर्शन भी किए।
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लद्दाख की बुलंद आवाज हैं वांगचुक, पत्नी के लंबे कानूनी संघर्ष के बाद केंद्र ने हटाया NSA
सोनम वांगचुक को सिर्फ देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में लद्दाख में शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए गए उनके अभूतपूर्व कामों के लिए जाना जाता है। वे लंबे समय से लद्दाख के निवासियों के मूल अधिकारों और क्षेत्रीय मांगों के लिए आवाज उठाते रहे हैं। 170 दिन की लंबी हिरासत के दौरान उनकी पत्नी ने उनकी रिहाई के लिए लगातार प्रयास किए और अदालत का भी दरवाजा खटखटाया। अंततः केंद्र सरकार को उनके खिलाफ लगाया गया NSA हटाना पड़ा।
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वांगचुक के जेल से बाहर आते ही समर्थकों में खुशी की लहर, लद्दाख में जश्न का माहौल
शनिवार को जैसे ही कागजी कार्रवाई पूरी हुई और वांगचुक जेल से बाहर आए, उनके समर्थकों ने जोरदार नारों के साथ उनका स्वागत किया। उनकी रिहाई को लद्दाख आंदोलन के लिए एक बड़ी जीत और महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) के इस फैसले के बाद अब लद्दाख में भी शांति बहाल होने की उम्मीद है। 170 दिनों के कड़े संघर्ष के बाद सोनम वांगचुक रिहा होने से एक बार फिर लद्दाख की वादियों में उनके समर्थकों का उत्साह दोगुना हो गया है।

Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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