डिजिटल दुनिया में जरा सी चूक पड़ सकती है भारी, छात्रों को साइबर ठगी से बचाव के बताए उपाय

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साइबर सुरक्षा कार्यशाला में सोशल मीडिया, संदिग्ध लिंक, डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन उत्पीड़न से बचाव की जानकारी; विद्यार्थियों को जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने का संदेश

Agra Desk, 🌐 tajnews.in | Friday, 14 August, 2026, 8:18:00 PM IST.

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tajnews.in | आगरा: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जनहित सामाजिक सेवा संस्थान और साइबर क्राइम, उत्तर प्रदेश पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में मॉडर्न एस.एस. पब्लिक स्कूल, कर्मयोगी एन्क्लेव, कमला नगर में साइबर सुरक्षा एवं छात्र जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में विद्यार्थियों को साइबर ठगी से बचाव, सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल, निजी जानकारी की सुरक्षा और ऑनलाइन अपराधों की पहचान के संबंध में व्यावहारिक जानकारी दी गई।

HIGHLIGHTS
  1. मॉडर्न एस.एस. पब्लिक स्कूल में यूपी पुलिस व जनहित सामाजिक सेवा संस्थान द्वारा साइबर सुरक्षा कार्यशाला आयोजित।
  2. साइबर विशेषज्ञों ने छात्रों को ‘डिजिटल अरेस्ट’, संदिग्ध लिंक और ऑनलाइन ठगी से सतर्क रहने के दिए टिप्स।
  3. एंटी-बुलिंग और पॉक्सो एक्ट के साथ सोशल मीडिया के मर्यादित और सुरक्षित इस्तेमाल पर दिया गया जोर।
  4. फ्लाई इंडिया फाउंडेशन द्वारा स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में छात्र-छात्राओं को वितरित किए गए राष्ट्रीय ध्वज।

कार्यशाला में साइबर विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते समय छोटी सी लापरवाही भी नुकसान का कारण बन सकती है। उन्होंने संदिग्ध लिंक, ऑनलाइन ठगी और सोशल मीडिया से जुड़े जोखिमों के बारे में जानकारी देते हुए सतर्कता को साइबर अपराध से बचाव का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।

मॉडर्न एस.एस. पब्लिक स्कूल आगरा में साइबर सुरक्षा कार्यशाला को संबोधित करते अतिथि एवं विशेषज्ञ

संदिग्ध लिंक और ऑनलाइन ठगी से सावधान रहने की सलाह

विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि किसी अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच करें। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर निजी जानकारी साझा करते समय भी सावधानी बरतें।

📹 साइबर सुरक्षा कार्यशाला: देखें विशेष वीडियो (भाग-1)

साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों और उनसे बचने के उपायों की जानकारी देते हुए विशेषज्ञों ने वास्तविक घटनाओं और उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि साइबर अपराधी लोगों की जल्दबाजी और लापरवाही का फायदा उठाकर उन्हें निशाना बना सकते हैं।

📹 साइबर सुरक्षा कार्यशाला: देखें विशेष वीडियो (भाग-2)

‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे अपराधों की पहचान समझाई

कार्यशाला में साइबर अपराध के नए तरीकों पर भी चर्चा हुई। विद्यार्थियों को विशेष रूप से ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे मामलों की पहचान और ऐसे मामलों में धमकी या दबाव में आने से बचने के उपाय बताए गए।

📹 साइबर सुरक्षा कार्यशाला: देखें विशेष वीडियो (भाग-3)

विशेषज्ञों ने कहा कि साइबर अपराध केवल आर्थिक ठगी तक सीमित नहीं हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से धमकी, ऑनलाइन उत्पीड़न और अन्य अपराध भी सामने आ रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से किसी संदिग्ध या असामान्य ऑनलाइन गतिविधि को नजरअंदाज न करने तथा जरूरत पड़ने पर अभिभावकों और शिक्षकों को इसकी जानकारी देने की अपील की।

📹 साइबर सुरक्षा कार्यशाला: देखें विशेष वीडियो (भाग-4)

सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने की अपील

कार्यशाला में सोशल मीडिया के सुरक्षित और जिम्मेदार इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया। विद्यार्थियों को समझाया गया कि सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने से पहले उसके संभावित परिणामों पर विचार करना चाहिए।

छात्रों को साइबर सुरक्षा व पॉक्सो एक्ट की जानकारी देते साइबर सेल अधिकारी

इसके साथ ही ऑनलाइन बातचीत और डिजिटल व्यवहार में मर्यादा बनाए रखने की सलाह दी गई। विद्यार्थियों से तकनीक का इस्तेमाल शिक्षा, ज्ञान और सकारात्मक संवाद के लिए करने तथा आपत्तिजनक, धमकी भरी या उत्पीड़नकारी गतिविधियों से दूर रहने को कहा गया।

एंटी-बुलिंग और पॉक्सो एक्ट की भी दी जानकारी

कार्यशाला में विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़े अन्य विषयों पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने एंटी-बुलिंग के प्रावधानों और पॉक्सो एक्ट के संबंध में जानकारी देते हुए सुरक्षित वातावरण बनाए रखने पर जोर दिया।

फ्लाई इंडिया फाउंडेशन द्वारा छात्रों को तिरंगा वितरण एवं कार्यशाला में उपस्थित विद्यार्थी

विद्यार्थियों को बताया गया कि किसी भी प्रकार की धमकी, उत्पीड़न या असुरक्षित स्थिति को छिपाने के बजाय भरोसेमंद अभिभावक, शिक्षक या संबंधित जिम्मेदार व्यक्ति को इसकी जानकारी देना जरूरी है।

📹 साइबर सुरक्षा कार्यशाला: देखें विशेष वीडियो (भाग-5)

फ्लाई इंडिया फाउंडेशन ने विद्यार्थियों को वितरित किए तिरंगे

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में फ्लाई इंडिया फाउंडेशन की ओर से विद्यालय में मौजूद विद्यार्थियों को निःशुल्क राष्ट्रीय ध्वज वितरित किए गए। तिरंगा प्राप्त करने के बाद विद्यार्थियों में उत्साह दिखाई दिया।

📹 साइबर सुरक्षा कार्यशाला: देखें विशेष वीडियो (भाग-6)

कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को राष्ट्रप्रेम के साथ साइबर सुरक्षा के प्रति भी जागरूक रहने का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध के साथ डिजिटल दुनिया में जिम्मेदार व्यवहार भी आवश्यक है।

विशेषज्ञों से सवाल पूछकर विद्यार्थियों ने समझे साइबर सुरक्षा के उपाय

कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों से सवाल पूछे। विशेषज्ञों ने उनके प्रश्नों के जवाब देते हुए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सामने आने वाली परिस्थितियों से निपटने के व्यावहारिक तरीके समझाए।

विद्यार्थियों ने कार्यशाला को उपयोगी बताते हुए कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी उन्हें वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से मिली।

शिक्षा के साथ साइबर जागरूकता भी जरूरी : विद्यालय प्रबंधन

विद्यालय की निदेशिका सुरभि गर्ग, प्रबंधक अभिषेक गर्ग और प्रधानाचार्य रजत गर्ग ने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ साइबर जागरूकता और नैतिक मूल्यों की जानकारी देना भी जरूरी है।

उन्होंने विद्यार्थियों से तकनीक का सदुपयोग करने, अनुशासन का पालन करने तथा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों वातावरण में सुरक्षित एवं संवेदनशील व्यवहार अपनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में जनहित सामाजिक सेवा संस्थान की संस्थापक एवं महासचिव सोनी त्रिपाठी, अध्यक्ष सरिता तिवारी, फ्लाई इंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष किरन कुमार, एडवोकेट डॉ. हेमेन्द्र पाठक, साइबर क्राइम सेल के उपनिरीक्षक मयंक चौधरी, दीपिका सिरोही, रितु तथा छात्र सुरक्षा विशेषज्ञ पवन गुप्ता मौजूद रहे।

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा नियमों का पालन करने, संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों की जानकारी अभिभावकों एवं शिक्षकों को देने तथा आसपास के लोगों को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।

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Pawan Kumar Singh Editor in Chief Taj News

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