मतदाता सूची, वोट की सुरक्षा और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर लगाए आरोप; दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों का भी किया जिक्र
नई दिल्ली डेस्क | 🌐 tajnews.in | 25 सितंबर 2026 | 02:58 बजे

नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को चुनावी व्यवस्था, मतदाता सूची और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मतदाताओं के वोट की सुरक्षा को लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया।
राहुल गांधी ने एंटी-इन्कंबेंसी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में समय के साथ सरकारों के खिलाफ असंतोष पैदा होता है और सत्ता परिवर्तन भी होता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के संदर्भ में भी सवाल उठाए। ये राहुल गांधी के राजनीतिक आरोप और विश्लेषण हैं, जिन्हें स्थापित तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।
उन्होंने कहा कि यदि मतदाता का वोट सुरक्षित नहीं रहेगा तो लोकतांत्रिक संस्थाओं पर भी सवाल उठेंगे। राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की भूमिका को मतदाता अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया से जोड़ते हुए चुनावों में कथित गड़बड़ियों की जांच और जवाबदेही की मांग की।
- राहुल गांधी ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
- चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची और वोट की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए।
- दो चुनाव आयुक्तों की 10 महीनों में 14 दर्ज आपत्तियों वाली रिपोर्ट का जिक्र किया।
- SIR और Form-6 में बदलाव को लेकर उठे सवालों का मुद्दा भी सामने आया।
दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों का मुद्दा उठा
राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस से एक दिन पहले इंडियन एक्सप्रेस ने चुनाव आयोग के भीतर विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और मतदाता सूची से जुड़े मामलों पर दो चुनाव आयुक्तों—सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी—की आपत्तियों पर एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार रिकॉर्ड पर आपत्तियां दर्ज कीं।
रिपोर्ट के अनुसार, इन आपत्तियों में नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने, मतदाता डेटा के प्रबंधन तथा SIR से जुड़े फैसले शामिल थे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि कुछ मामलों में दोनों आयुक्तों ने ऐसे फैसलों पर सवाल उठाए, जिन्हें उनके अनुसार उनकी जानकारी या सहमति के बिना लिया गया था।
Form-6 में बदलाव पर भी आपत्ति
रिपोर्ट के अनुसार, नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले Form-6 में SIR से जुड़ा एक सवाल जोड़ा गया था। इसमें आवेदक से उसके या उसके माता-पिता अथवा दादा-दादी के नाम पिछली SIR की मतदाता सूची में होने से संबंधित जानकारी मांगी गई थी।
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, चुनाव आयुक्त विवेक जोशी ने इस बदलाव पर आपत्ति दर्ज की थी और कहा था कि Form-6 में इस तरह का बदलाव करने के लिए संबंधित नियमों में संशोधन आवश्यक है। रिपोर्ट के मुताबिक सुखबीर सिंह संधू ने भी इस आपत्ति से सहमति जताई थी।
चुनाव आयोग ने आंतरिक मतभेदों पर दिया जवाब
रिपोर्ट के बाद चुनाव आयोग की ओर से कहा गया कि वह एक बहुसदस्यीय संवैधानिक संस्था है और उसके भीतर अलग-अलग टिप्पणियां, सुझाव तथा तकनीकी राय निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं। आयोग के अनुसार, सदस्यों के बीच अलग-अलग विचार होना संस्थागत विचार-विमर्श का हिस्सा है और आयोग के आदेश संविधान, कानून तथा स्थापित प्रक्रियाओं के अनुरूप होते हैं।
चुनाव आयोग के अधिकारियों ने यह भी कहा कि SIR समेत आयोग के फैसलों को तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी प्राप्त थी। इस तरह एक ओर दो चुनाव आयुक्तों की दर्ज आपत्तियों को लेकर रिपोर्ट सामने आई है, वहीं आयोग की ओर से अंतिम निर्णयों की प्रक्रिया को लेकर अपना पक्ष रखा गया है।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से पद से इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर जिम्मेदारी तय करने की बात कही और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी आरोप लगाए। इन आरोपों को राहुल गांधी के राजनीतिक बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव और विभिन्न विधानसभा चुनावों में कथित अनियमितताओं का भी मुद्दा उठाया। हालांकि, चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी या वोटों के साथ छेड़छाड़ के आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष के लिए संबंधित दस्तावेजों, प्रक्रियाओं और सक्षम संस्थाओं की जांच आवश्यक होगी।
विपक्ष की ओर से हटाने के प्रस्ताव की तैयारी की चर्चा
राहुल गांधी की मांग के बाद विपक्षी दलों की ओर से संसद में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए प्रस्ताव लाने की तैयारी की खबरें भी सामने आई हैं। रिपोर्टों के अनुसार, संयुक्त विपक्ष की ओर से दोनों सदनों में नोटिस देने के लिए प्रस्ताव तैयार किए जाने की जानकारी दी गई है।
इससे पहले भी विपक्ष की ओर से ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर नोटिस दिए जाने की खबर सामने आ चुकी है। ताजा राजनीतिक विवाद दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों से जुड़ी रिपोर्ट और SIR की प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों के बाद और तेज हुआ है।
चुनावी प्रक्रिया को लेकर बहस तेज
दो चुनाव आयुक्तों की रिकॉर्ड पर दर्ज आपत्तियों, SIR से जुड़े विवाद और राहुल गांधी के ताजा आरोपों के बाद चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। चुनाव आयोग एक बहुसदस्यीय संवैधानिक संस्था है और आयोग के भीतर मतभेद की स्थिति में निर्णय बहुमत के आधार पर लिए जाने का प्रावधान है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में ज्ञानेश कुमार ने 19 फरवरी 2025 को पदभार संभाला था। चुनाव आयोग के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी वर्तमान में चुनाव आयुक्त के रूप में कार्यरत हैं।
मौजूदा विवाद में एक तरफ विपक्ष चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर गंभीर सवाल उठा रहा है, जबकि चुनाव आयोग अपने निर्णयों और संस्थागत प्रक्रिया का बचाव कर रहा है। ऐसे में लगाए गए आरोपों और उनके जवाबों के बीच तथ्यात्मक निष्कर्ष संबंधित रिकॉर्ड, प्रक्रियाओं और सक्षम संस्थाओं की जांच के आधार पर ही तय किए जा सकते हैं।





