तमिलनाडु एक्सप्रेस की जनरल बोगी में मिले लाल ट्रॉली बैग से खुला हयातुन निशा हत्याकांड का राज; 18 टुकड़ों में काटा था शव, पति-पत्नी मणिपुर के जिरीबाम से गिरफ्तार
आगरा डेस्क, 🌐 tajnews.in | बुधवार, 2 सितंबर 2026, 02:44:09 AM IST

tajnews.in | आगरा: आगरा कैंट स्टेशन पर तमिलनाडु एक्सप्रेस की जनरल बोगी में मिले लाल ट्रॉली बैग से शुरू हुई हत्या की गुत्थी ने पुलिस को आगरा से चेन्नई और फिर मणिपुर तक पहुंचा दिया। करीब 350 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, मोबाइल डेटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 38 वर्षीय हयातुन निशा हत्याकांड का खुलासा करने का दावा کیا ہے। इस मामले में पुलिस ने 22 वर्षीय माणिक उद्दीन लस्कर और उसकी 21 वर्षीय पत्नी भगवती माझी کو गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, निशा की हत्या उसके और माणिक के बीच कथित प्रेम संबंध को लेकर पैदा हुए विवाद کے बाद की गई। जांच में सामने आया है कि हत्या के बाद शव के टुकड़े किए गए और कुछ हिस्सों को लाल ट्रॉली बैग में भरकर चेन्नई से नई दिल्ली जा रही तमिलनाडु एक्सप्रेस की जनरल बोगी में रख दिया गया।
मामला 5 अगस्त को सामने आया था, जब आगरा कैंट स्टेशन पहुंची तमिलनाडु एक्सप्रेस की जनरल बोगी में रखे लावारिस लाल ट्रॉली बैग से दुर्गंध आने लगी। सूचना पर जांच की गई तो बैग में मानव अवशेष मिले। उस समय न तो मृतका की पहचान स्पष्ट थी और न ही यह पता था कि बैग ट्रेन में किसने रखा था।
छह महीने के रिश्ते के बाद बढ़ा विवाद
पुलिस के अनुसार, 38 वर्षीय हयातुन निशा और 22 वर्षीय माणिक उद्दीन लस्कर के बीच करीब छह महीने से संबंध थे। निशा मूल रूप से ओडिशा की रहने वाली थी और चेन्नई के गुडुवांचेरी क्षेत्र में एक निजी कंपनी में काम करती थी।
माणिक पहले से विवाहित था। पुलिस जांच के अनुसार, उसकी पत्नी भगवती माझी को निशा और माणिक के संबंध की जानकारी ہونے के बाद विवाद बढ़ने लगा। पूछताछ में यह भी सामने आया कि निशा माणिक पर विवाह के लिए दबाव बना रही थी। हालांकि पुलिस इस संबंध में मिले बयानों और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
एक ही किराए के मकान से मिली जांच की अहम कड़ी
जांच के दौरान पुलिस गुडुवांचेरी स्थित उस किराए के मकान तक पहुंची, जहां निशा और आरोपी रह रहे थे। तलाशी के दौरान वहां से अतिरिक्त मानव अवशेष मिलने की जानकारी सामने आई।
इसके बाद पुलिस ने हत्या से लेकर शव को ठिकाने लगाने तक کی घटनाओं की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं। मामले में मृतका के शरीर के कुछ हिस्सों की बरामदगी और पहचान से जुड़े पहलुओं की जांच आगे भी जारी है।
शव के 18 टुकड़े करने का आरोप
पुलिस जांच में सामने आया है कि निशा के शव को 18 टुकड़ों में काटा गया था। आरोप है कि शरीर के कुछ हिस्सों को अलग-अलग बर्तनों में रखा गया, जबकि अन्य हिस्सों को लाल रंग के ट्रॉली बैग में भरकर ट्रेन में छोड़ दिया गया।
जांच में कुछ मानव अवशेषों के साथ अत्यंत अमानवीय तरीके से छेड़छाड़ किए जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों और इसके उद्देश्य की जांच कर रही है।
लाल ट्रॉली बैग से शुरू हुई थी जांच
5 अगस्त को चेन्नई से नई दिल्ली जा रही तमिलनाडु एक्सप्रेस आगरा कैंट स्टेशन पहुंची थी। जनरल बोगी में रखा लाल ट्रॉली बैग लंबे समय से लावारिस पड़ा था और उससे दुर्गंध आने लगी थी।
यात्रियों की सूचना के बाद रेलवे अधिकारियों और पुलिस نے बैग की जांच की। उसमें क्षत-विक्षत मानव अवशेष मिलने کے बाद मामला गंभीर हो गया। इसके बाद जीआरपी और संबंधित जांच एजेंसियों के सामने मृतका की पहचान करने और बैग रखने वाले व्यक्ति तक पहुंचने की चुनौती थी।
350 CCTV कैमरों और मोबाइल डेटा से खुला रास्ता
आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने चेन्नई रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों में लगे करीब 350 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालें।
फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच की कड़ियां जुड़ती गईं। पुलिस को संदिग्धों की गतिविधियों के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिले। इसके बाद मोबाइल डेटा और यात्रा से जुड़े अन्य तथ्यों की मदद سے आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की गई।
जांच आगे बढ़ते-बढ़ते चेन्नई से निकलकर पूर्वोत्तर भारत तक पहुंच गई।
आगरा से चेन्नई और फिर मणिपुर तक पहुंची पुलिस
हत्या के बाद आरोपी फरार होकर पूर्वोत्तर भारत की ओर चले गए थे। पुलिस ने अंतरराज्यीय समन्वय और तकनीकी निगरानी के आधार पर दोनों आरोपियों को मणिपुर के जिरीबाम क्षेत्र से गिरफ्तार किया।
बाद में दोनों को पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए चेन्नई लाया गया। आगरा कैंट स्टेशन पर मिले एक ट्रॉली बैग से शुरू हुई जांच चेन्नई और फिर 2,000 किलोमीटर से अधिक दूर मणिपुर तक पहुंची।
प्रेम प्रसंग के अलावा दूसरे पहलुओं की भी जांच
पुलिस फिलहाल हत्या के मामले को केवल प्रेम संबंध और आपसी विवाद तक सीमित नहीं रख रही है। वारदात की पूरी योजना, हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने की तैयारी और किसी अन्य व्यक्ति की संभावित भूमिका की भी जांच کی जा रही है।
पुलिस के सामने अभी कई सवाल हैं। हत्या की योजना कब और कैसे बनाई गई? शव को ठिकाने लगाने का तरीका किसने तय किया? और क्या गिरफ्तार दंपती के अलावा किसी अन्य व्यक्ति ने भी वारदात या साक्ष्य मिटाने में मदद की?
आगरा कैंट स्टेशन पर मिले एक लाल ट्रॉली बैग से शुरू हुई जांच अब 2,000 किलोमीटर से अधिक लंबे पुलिस अभियान के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी तक पहुंच चुकी है। हालांकि हत्या की पूरी साजिश और मामले से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण सवालों के जवाब کے लिए जांच अभी जारी है।
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Pawan Kumar Singh
Chief Editor, Taj News
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