लकवाग्रस्त होने के कारण घर से नहीं निकल सके विनय बोस, भाई का मोबाइल 26 अगस्त से बंद; पुलिस सीडीआर के जरिए परिवार तक पहुंचने में जुटी
आगरा डेस्क, 🌐 tajnews.in | मंगलवार, 1 सितंबर 2026, 09:45:00 AM IST

tajnews.in | आगरा: आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर-10 में रविवार सुबह घर में लगी आग में 68 वर्षीय कोचिंग संचालक विनय बोस की मौत हो गई। आग के समय वह घर में अकेले थे और लकवाग्रस्त होने के कारण बाहर नहीं निकल सके। आग की चपेट में आने से उनकी जान चली गई।
घटना के बाद पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती मृतक के परिजनों तक पहुंचने की है। घटनास्थल से मिले आधार कार्ड में दर्ज छत्तीसगढ़ के पते से भी परिवार का कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका है। वहीं, विनय बोस के साथ रहने वाले उनके भाई सुनील बोस का मोबाइल 26 अगस्त से बंद बताया जा रहा है। पुलिस अब दोनों भाइयों के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगाल रही है।
फरवरी से किराये के मकान में रह रहे थे दोनों भाई
पुलिस के अनुसार, विनय बोस अपने भाई सुनील बोस के साथ सेक्टर-10 में कृपाल सिंह के मकान में फरवरी से किराये पर रह रहे थे। दोनों कोचिंग संचालित करते थे।
बताया गया कि विनय बोस लकवाग्रस्त थे। घटना के समय सुनील बोस घर पर मौजूद नहीं थे। वह रक्षाबंधन के अवसर पर कहीं गए हुए थे, जबकि विनय घर में अकेले थे। इसी दौरान रविवार सुबह अचानक मकान में आग लग गई।
शारीरिक असहायता बनी जान बचाने में सबसे बड़ी बाधा
विनय बोस की शारीरिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह आग लगने के बाद तेजी से घर से बाहर निकल सकें। आग फैलने के दौरान वह अंदर ही फंस गए और उनकी मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, मौत के वास्तविक कारण की स्थिति जांच और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के बाद स्पष्ट होगी। प्रारंभिक स्तर पर आग और धुएं के कारण दम घुटने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।
आधार कार्ड पर छत्तीसगढ़ का पता, फिर भी नहीं मिला परिवार का सुराग
पुलिस को घटनास्थल से विनय बोस का आधार कार्ड मिला है। इसमें उनका पता मोदी कॉम्प्लेक्स, कार्मल स्कूल के निकट, जगतपुर, छत्तीसगढ़ दर्ज है।
पुलिस ने आधार कार्ड पर दर्ज पते और नाम के आधार पर छत्तीसगढ़ पुलिस से भी संपर्क किया, लेकिन अब तक मृतक के परिवार या अन्य करीबी परिचितों के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी है।
भाई का मोबाइल 26 अगस्त से बंद
डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास के अनुसार, पुलिस ने विनय बोस के भाई सुनील बोस से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उसका मोबाइल 26 अगस्त से बंद मिला।
ऐसे में पुलिस अब विनय और सुनील दोनों के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल खंगाल रही है। जांच का उद्देश्य उन लोगों तक पहुंचना है, जिनसे दोनों भाइयों की नियमित बातचीत होती थी और जिनके माध्यम से उनके परिवार या रिश्तेदारों का पता लगाया जा सके।
मौत के बाद परिवार तक पहुंचना बनी पुलिस की सबसे बड़ी चुनौती
आग में एक बुजुर्ग और लकवाग्रस्त व्यक्ति की मौत کے बाद मामला केवल हादसे की जांच तक सीमित नहीं रह गया है। मृतक के साथ रहने वाला भाई लापता है, उसका मोबाइल कई दिनों से बंद है और आधार कार्ड पर दर्ज पते से भी परिवार का कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिल पाया है।
अब पुलिस की जांच का मुख्य फोकस विनय बोस और उनके भाई सुनील बोस के संपर्कों को खंगालकर परिजनों तक पहुंचना है। सीडीआर और अन्य उपलब्ध रिकॉर्ड से मिलने वाला कोई भी संपर्क इस मामले की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकता है।
यह भी पढ़ें

Pawan Kumar Singh
Chief Editor, Taj News
7579990777




