कजरी पर्व पर जौ की जरई विसर्जित करने गई थीं पांचों किशोरियां; प्रयागराज के मांडा में दर्दनाक हादसा, ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालकर बचाईं तीन जानें
उत्तर प्रदेश डेस्क, 🌐 tajnews.in | मंगलवार, 1 सितंबर 2026, 08:30:00 AM IST

tajnews.in | प्रयागराज: मांडा क्षेत्र में कजरी पर्व के दौरान कर्णावती नदी में जौ की जरई विसर्जित करने गई पांच किशोरियां तेज बहाव की चपेट में आ गईं। एक किशोरी को डूबता देख उसे बचाने के लिए आगे बढ़ीं उसकी चार सहेलियां भी नदी की धारा में फंस गईं। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालकर तीन किशोरियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि दो किशोरियां तेज बहाव में बह गईं। देर शाम तक उनका कोई पता नहीं चल सका था। पीएसी की बाढ़ राहत टीम नदी में दोनों की तलाश में जुटी रही।
घटना सोमवार सुबह करीब 11 बजे मांडा क्षेत्र के सुरवां दलापुर गांव के पास, रामपुर सीरिया गांव के निकट हुई। पांचों किशोरियां कजरी पर्व की परंपरा के तहत घरों में बोई गई जौ की जरई कर्णावती नदी में प्रवाहित करने पहुंची थीं।
हादसे में सुरवां दलापुर निवासी शैलेन्द्र मिश्र की बेटी शुभी मिश्रा (14), राजेश तिवारी उर्फ बबोले की बेटियां अर्पिता उर्फ अंकिता तिवारी (14) और अर्चिता उर्फ गुल्लू (12), श्यामशंकर मिश्र की बेटी प्राप्ति मिश्रा (11) तथा रविंद्र की बेटी राबी (13) नदी के तेज बहाव की चपेट में आ गईं।
बताया गया कि जरई विसर्जित करने के दौरान सबसे पहले प्राप्ति नदी में डूबने लगी। उसे बचाने के लिए शुभी, अंकिता, गुल्लू और राबी आगे बढ़ीं, लेकिन कुछ ही क्षणों में पांचों किशोरियां तेज धारा में फंस गईं।
तीन युवकों ने नदी में छलांग लगाकर बचाईं तीन जानें
किशोरियों की चीख-पुकार सुनकर नदी के ऊपर बने पुल पर मौजूद हरिओम, आशुतोष और सूचित तिवारी ने बिना देर किए नदी में छलांग लगा दी। तीनों युवकों ने जान जोखिम में डालकर प्राप्ति, गुल्लू और राबी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
हालांकि, शुभी मिश्रा और अंकिता तिवारी तेज बहाव में बह गईं। दोनों के लापता होने की सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी और परिजनों में कोहराम मच गया।
तेज बहाव के बीच चला तलाश अभियान
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। दोपहर बाद गोताखोरों को बुलाकर नदी में तलाश अभियान शुरू कराया गया, लेकिन तेज बहाव के कारण राहत और बचाव कार्य में लगातार कठिनाई आती रही।
शाम करीब पांच बजे पीएसी की बाढ़ राहत टीम नाव के साथ मौके पर पहुंची और दोनों लापता किशोरियों की तलाश तेज की गई। अंधेरा होने तक शुभी और अंकिता का कोई सुराग नहीं मिल सका था।
एक को बचाने की कोशिश में पांचों की जान पर बन आई
यह हादसा बताता है कि तेज बहाव वाली नदियों में कुछ ही क्षणों में स्थिति कितनी भयावह हो सकती है। धार्मिक परंपरा निभाने के लिए नदी किनारे पहुंचीं पांच किशोरियां अचानक ऐसे संकट में फंस गईं, जहां एक सहेली को बचाने की स्वाभाविक कोशिश में बाकी चार की जान भी खतरे में पड़ गई।
मौके पर मौजूद तीन युवकों की तत्परता और साहस ने तीन किशोरियों की जान बचा ली, लेकिन दो बेटियों के तेज बहाव में लापता होने से गांव में मातम पसरा रहा। नदी किनारे परिजन उनकी सलामती की उम्मीद लगाए देर तक इंतजार करते रहे।
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Pawan Kumar Singh
Chief Editor, Taj News
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