नर्सिंग और एमबीबीएस छात्रों ने नाटिका के जरिए बयां किया विभाजन का दर्द, दो मिनट का मौन रखकर दी श्रद्धांजलि
Agra Desk, 🌐 tajnews.in | Friday, 14 August, 2026, 7:45:00 PM IST.

tajnews.in | आगरा: सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एसएनएमसी), आगरा में शुक्रवार को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ श्रद्धापूर्ण वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वर्ष 1947 के विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले, विस्थापित होने वाले और पीड़ा झेलने वाले लोगों को स्मरण करना तथा नई पीढ़ी को उस दौर के मानवीय पक्ष से परिचित कराना रहा।
कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज के नर्सिंग और एमबीबीएस छात्र-छात्राओं ने नाटिका प्रस्तुत कर विभाजन के दौरान हुए विस्थापन, परिवारों के बिछड़ने और घर-बार छोड़ने की पीड़ा को प्रभावशाली ढंग से सामने रखा। विद्यार्थियों की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मौजूद चिकित्सकों, शिक्षकों और छात्र-छात्राओं को भावुक कर दिया।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद विद्यार्थियों ने नाटिका के माध्यम से विभाजन के दौरान आम नागरिकों के सामने आई परिस्थितियों को प्रस्तुत किया। नाटिका में घर-बार छोड़ने को मजबूर हुए लोगों, परिवारों के बिछड़ने और विस्थापन की त्रासदी को केंद्र में रखा गया।

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम में उपस्थित चिकित्सक, शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं।
आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम का उद्देश्य इतिहास के इस अध्याय को याद करने के साथ नई पीढ़ी को उस दौर की मानवीय पीड़ा और उससे जुड़ी सीख से परिचित कराना भी रहा।
प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने साझा किया प्रधानमंत्री का संदेश
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं डीन डॉ. प्रशांत गुप्ता ने चिकित्सकों, संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश को सभा के समक्ष साझा किया।
डॉ. प्रशांत गुप्ता ने कहा कि विभाजन भारतीय इतिहास का अत्यंत पीड़ादायक अध्याय रहा, जिसने बड़ी संख्या में लोगों के जीवन को प्रभावित किया। परिवार उजड़े, लोग अपने घरों से विस्थापित हुए और अनेक लोगों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद लोगों ने संघर्ष करते हुए अपने जीवन को दोबारा खड़ा किया और देश के विकास में योगदान दिया।
उन्होंने कहा कि विभाजन की त्रासदी को याद करने का उद्देश्य नफरत या भेदभाव को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि इतिहास से सीख लेकर एकता, सामाजिक सद्भाव, भाईचारे और राष्ट्रीय अखंडता को मजबूत करना है।
उन्होंने विद्यार्थियों से इतिहास के इस अध्याय से सीख लेकर देश की एकता और प्रगति में सकारात्मक भूमिका निभाने तथा विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

दो मिनट का मौन रखकर दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के दौरान विभाजन में जान गंवाने वाले निर्दोष नागरिकों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखा गया। चिकित्सकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने मौन रखकर विभाजन की त्रासदी में जान गंवाने वाले लोगों को सामूहिक श्रद्धांजलि दी।
इस दौरान सभागार में भावुक वातावरण रहा। विद्यार्थियों ने प्रस्तुति के माध्यम से सामाजिक एकता और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने का संदेश दिया।
विद्यार्थियों ने प्रस्तुत की नाटिका
नर्सिंग और एमबीबीएस विद्यार्थियों ने नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से विभाजन के समय लोगों के सामने आई परिस्थितियों को दर्शाया। प्रस्तुतियों में विस्थापन, परिवारों से बिछड़ने और घर-परिवार से दूर होने की पीड़ा को प्रमुखता से दिखाया गया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों की भागीदारी ने इतिहास के इस अध्याय को केवल पुस्तकीय जानकारी के बजाय उसके मानवीय पक्ष के साथ समझने का अवसर दिया।
‘वंदे मातरम’ के सामूहिक गान से हुआ समापन
कार्यक्रम के समापन पर मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों ने ‘वंदे मातरम’ का सामूहिक गान प्रस्तुत किया। इसके साथ सभागार में राष्ट्रभक्ति का वातावरण बना रहा।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने देश की एकता, शांति, सामाजिक सद्भाव और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने की भावना को दोहराया।
चिकित्सकों और विद्यार्थियों की रही सहभागिता
कार्यक्रम में एसएन मेडिकल कॉलेज के उप-प्राचार्य डॉ. टीपी सिंह, सीएमएस डॉ. जीवी सिंह, डॉ. शिखा सिंह, डॉ. राजेश गुप्ता, डॉ. अतिहर्ष, डॉ. गीतू सिंह सहित अन्य चिकित्सक, रेजिडेंट डॉक्टर, संकाय सदस्य तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन एसपीएम विभाग के डॉ. हिमालय सिंह ने किया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को विभाजन की ऐतिहासिक त्रासदी के साथ उससे जुड़ी सामाजिक और मानवीय सीख पर विचार करने का अवसर मिला।
एसएन मेडिकल कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम ने इतिहास के दुखद अध्यायों को स्मरण करने के साथ आने वाली पीढ़ियों को संवेदनशील, एकजुट और मानवीय समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया।
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Pawan Kumar Singh
Chief Editor, Taj News
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