करीब एक हजार आवेदन जांच में निरस्त, सरकारी आर्थिक सहायता हासिल करने के लिए दोबारा विवाह की तैयारी के मामले सामने आए
Agra Desk, 🌐 tajnews.in | Wednesday, 12 August, 2026, 1:53:00 AM IST.

tajnews.in | आगरा: मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लाभ लेने के लिए आगरा में बड़ी संख्या में ऐसे आवेदन सामने आए हैं, जिनमें आवेदक पहले से ही विवाहित पाए गए। जांच और सत्यापन के दौरान करीब एक हजार आवेदन निरस्त किए गए हैं। इनमें कुछ ऐसी महिलाएं भी शामिल थीं, जिनकी शादी कुछ महीने पहले ही हो चुकी थी, लेकिन सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए उन्होंने दोबारा सामूहिक विवाह समारोह में शामिल होने के लिए आवेदन किया था।
योजना के लाभ के लिए दोबारा विवाह की तैयारी
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत पात्र जोड़ों को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी जाती है। इसी आर्थिक लाभ का फायदा उठाने के लिए कुछ अपात्र आवेदकों द्वारा योजना में आवेदन किए जाने का मामला सामने आया है। जांच के दौरान कई ऐसे आवेदन मिले, जिनमें आवेदक पहले से विवाहित पाए गए।
सत्यापन में सामने आए पहले से विवाहित आवेदक
योजना के तहत प्राप्त आवेदनों की जांच और सत्यापन के दौरान ऐसे मामलों का पता चला। अधिकारियों के स्तर से कराए गए सत्यापन में करीब एक हजार आवेदन अपात्र पाए गए, जिन्हें निरस्त कर दिया गया। इनमें पहले से विवाहित महिलाओं के आवेदन भी शामिल बताए गए हैं।
चार महीने पहले हुई शादी, फिर सामूहिक विवाह के लिए आवेदन
जांच के दौरान कुछ ऐसे मामले भी सामने आए, जिनमें महिलाओं की शादी करीब चार महीने पहले ही हो चुकी थी। इसके बावजूद उन्होंने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत दोबारा विवाह के लिए आवेदन कर दिया। कुछ मामलों में पति वही होने की बात भी सामने आई है। ऐसे मामलों में योजना के आर्थिक लाभ के लिए दोबारा विवाह की तैयारी किए जाने की आशंका जताई गई है।
सत्यापन प्रक्रिया से खुली अपात्र आवेदनों की पोल
योजना में आवेदन करने वाले जोड़ों का सत्यापन कराया जाता है। इसी प्रक्रिया के दौरान पहले से विवाहित होने के मामले सामने आए। अधिकारियों ने जांच के बाद ऐसे आवेदनों को योजना के लिए अपात्र मानते हुए निरस्त कर दिया।
पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे योजना का लाभ
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का उद्देश्य जरूरतमंद और पात्र परिवारों को विवाह के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। ऐसे में अपात्र लोगों द्वारा योजना का लाभ लेने के प्रयास से वास्तविक पात्र लाभार्थियों के हित प्रभावित हो सकते हैं। आवेदन और दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया के जरिए ऐसे मामलों पर रोक लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
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Pawan Kumar Singh
Chief Editor, Taj News
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