नौकरानी तो निकली बेहद शातिर: इस तरह चुराए एक करोड़ के जेवर, किसी को नहीं हुआ शक; एक गलती ने खोल दिया पूरा राज

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Agra Desk, 🌐 tajnews.in | Monday, 03 August, 2026, 10:27:53 AM IST.

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tajnews.in | आगरा: बिना पुलिस सत्यापन के नौकरानी को काम पर रखना ओल्ड विजयनगर निवासी कॉलेज संचालक अनिल कुमार कौशिक को भारी पड़ गया। नौकरानी घर से जेवर चोरी कर कूड़े में छिपाकर बाहर ले जाने लगी। कूड़ा फेंकने पर उसकी बहन, भाभी और मां बाहर से जेवर उठा ले जाती थीं। शनिवार को जल्दबाजी में नौकरानी अलमारी से जेवर निकालकर खाली बैग बेड पर छोड़ गई।

HIGHLIGHTS
  1. करोड़ों की चोरी: ओल्ड विजयनगर में कॉलेज संचालक के घर से 1 करोड़ से अधिक के जेवर चोरी, 80 लाख का माल बरामद।
  2. शातिर तरीका: कूड़े के डिब्बे में जेवर छिपाकर बाहर अपनी मां, बहन और भाभी को सौंपती थी नौकरानी चांदनी
  3. 4 आरोपी गिरफ्तार: पुलिस ने नौकरानी चांदनी, मां इमला, बहन संजना और भाभी पूजा को भेजा जेल।
  4. सीसीटीवी से खुलासा: हरीपर्वत पुलिस ने 24 घंटे में सुलझाई गुत्थी, 17 सोने के सिक्कों की तलाश जारी।

स्कूल संचालक अनिल कौशिक ने देखा तो उनके होश उड़ गए। नौकरानी अलमारी से एक करोड़ से ज्यादा के जेवर और सोने के सिक्के चोरी कर चुकी थी। शिकायत पर पुलिस ने रविवार को आरोपी नौकरानी चांदनी, उसकी मां इमला, बहन संजना और भाभी पूजा को गिरफ्तार कर 24 घंटे में ही घटना का खुलासा कर दिया। आरोपी के घर से करीब 80 लाख के जेवर बरामद हुए।

हरीपर्वत थाना क्षेत्र के ओल्ड विजयनगर स्थित अनुपम रायल अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 102 में अनिल कुमार कौशिक परिवार के साथ रहते हैं। मथुरा के फरह में उनका उन्नति कॉलेज है। बेटा अधिवक्ता और बहू दंत चिकित्सक है। शनिवार को उन्होंने पुलिस से शिकायत की। बताया कि उनके घर में बेड पर जेवरों के खाली बैग मिले। अलमारी खोलकर देखी तो जेवर गायब थे। उन्होंने बताया कि घर में लंबे समय से ताला नहीं लगा था। हर वक्त कोई न कोई जरूर रहता था। नौकरानी के अलावा कोई बाहरी व्यक्ति उनके फ्लैट में कमरे तक नहीं जाता था। इसके बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

एक साल पहले ही रखी थी नौकरानी

अनिल कौशिक ने बताया कि एक साल पहले ही उन्होंने घर के पास मराठा मोहल्ला की चांदनी को घर के काम के लिए रखा था। लंबे समय से काम करने पर उसके ऊपर सबको भरोसा हो गया था। जब वह काम पर नहीं आती थी तो अपनी जगह बहन, मां या भाभी को भेज देती थी।

सीसीटीवी में दिखी करतूत

पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी तो कैमरे में चांदनी कूड़ा लेकर घर से निकलती और एक महिला को कूड़े के डिब्बे से कुछ देते हुए दिखाई दी। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और कड़ाई से पूछताछ की तो उसने चोरी की बात स्वीकार कर ली। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने बोदला स्थित उसके दूसरे घर से चोरी का माल बरामद कर लिया। साथ ही उसकी मां, बहन और भाभी को भी गिरफ्तार कर लिया। चारों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।

लंबे समय से कर रही थी चोरी

पूछताछ में चांदनी ने बताया कि वह काफी समय से फ्लैट में चोरी कर रही थी। मौका मिलने पर जेवर निकालती थी। कूड़े के डिब्बे में छिपाकर बाहर ले जाती थी। निकलने से पहले ही कॉल कर अपनी बहन, मां या भाभी को बुला लेती थी। उन्हें जेवर देकर वापस काम करने फ्लैट में चली जाती थी, ताकि गहने गायब होने की जानकारी हो भी जाए तो उस पर किसी को शक न हो।

ये जेवर हुए थे गायब

कॉलेज संचालक के फ्लैट से सोने की एक चेन, दो हार, सोने के 17 सिक्के, दो जोड़ी टॉप्स, एक जोड़ी झुमकी, जौ व चांदी की एक चेन, दो जोड़ी पायल, चांदी की चार चूड़ियां, चांदी की दो अंगूठी गायब थीं। सोने के 17 सिक्के छोड़कर बाकी जेवर पुलिस ने बरामद कर लिए। पुलिस सिक्के बरामद करने का प्रयास कर रही है। पुलिस का मानना है कि चोरी की बात उजागर होने पर अगर गिरफ्तारी में थोड़ी भी देर होती तो आरोपी महिलाएं माल बेच देतीं।

सिक्कों की तलाश जारी

एसीपी हरीपर्वत अमीषा ने बताया कि चोरी के मामले में चार महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से करीब 80 लाख के जेवर बरामद हुए हैं। 17 सोने के सिक्के बरामद करने के लिए टीम लगाई गई है।

चारों पेशेवर चोर, दर्ज हैं कई मामले

पुलिस पूछताछ में पता चला कि चारों महिलाएं पेशेवर चोर हैं। उनके ऊपर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। चोरी के माल से पूरा परिवार ऐश करता था। बोदला में उनका दूसरा घर भी था। वहां एक महिला का पुरुष मित्र भी रहता था। एसीपी ने बताया कि नौकरानी को काम पर रखने से पहले अगर परिवार ने पुलिस सत्यापन कराया होता तो उन्हें आरोपियों के बारे में पहले पता चल जाता और उसे नौकरी पर नहीं रखते।

ऐसे कराएं पुलिस सत्यापन

घर में नौकर, ड्राइवर, केयरटेकर या घरेलू सहायक रखने से पहले पुलिस सत्यापन अवश्य कराएं। इसके लिए संबंधित थाने या पुलिस के ‘यूपीकॉप’ (UPCOP) ऐप पर उपलब्ध कर्मचारी सत्यापन फॉर्म भरें। आवेदक और कर्मचारी का पहचान प्रमाण पत्र, फोटो, मोबाइल नंबर, स्थायी व वर्तमान पता तथा आवश्यक दस्तावेज जमा करें। पुलिस अभिलेखों की जांच के बाद सत्यापन रिपोर्ट जारी करती है। बिना सत्यापन किसी अजनबी को घर में रखना सुरक्षा की दृष्टि से जोखिम भरा हो सकता है। पुलिस सत्यापन से आपराधिक पृष्ठभूमि की जानकारी मिलती है और परिवार व संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

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Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

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