डिफेंस कॉलोनी में बहन की शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंचा था विष्णु; पति पर दूसरी महिला को साथ रखने और प्रताड़ित करने का आरोप, वीडियो की सत्यता और पूरे संदर्भ की जांच जरूरी
आगरा डेस्क, 🌐 tajnews.in | गुरुवार, 17 सितंबर 2026, 07:05:15 PM IST

tajnews.in | आगरा। सदर थाना क्षेत्र की डिफेंस कॉलोनी से जुड़ा एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में शिकायत लेकर पहुंचे एक युवक और पुलिसकर्मी के बीच बातचीत दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। वीडियो को लेकर आरोप है कि बातचीत के दौरान चौकी इंचार्ज ने कथित तौर पर “नहीं मान रहा तो क़त्ल कर दो” जैसी टिप्पणी की।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विष्णु अपनी बहन की शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंचा था। परिवार का आरोप है कि उसकी बहन का पति उसे परेशान करता है और दूसरी महिला को अपने साथ रखता है। इसी विवाद को लेकर पुलिस से मदद और कार्रवाई की मांग की गई थी।
बहन की शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंचा था विष्णु
बताया जा रहा है कि विष्णु ने अपनी बहन की वैवाहिक समस्या को लेकर पुलिस से संपर्क किया था। आरोप है कि उसकी बहन का पति उसे प्रताड़ित करता है और दूसरी महिला को साथ रखता है।
इसी मामले में पुलिसकर्मी द्वारा दोनों पक्षों से बातचीत किए जाने के दौरान कथित वीडियो बनाए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, उपलब्ध वायरल क्लिप से पूरी बातचीत का संदर्भ स्पष्ट नहीं होता। यह जांच का विषय है कि वीडियो से पहले और बाद में क्या बातचीत हुई थी और कथित टिप्पणी किस संदर्भ में कही गई।
“नहीं मान रहा तो क़त्ल कर दो” — कथित टिप्पणी पर सवाल
वायरल वीडियो को लेकर सबसे गंभीर दावा पुलिसकर्मी की कथित टिप्पणी को लेकर है। शिकायतकर्ता पक्ष का कहना है कि बातचीत के दौरान “नहीं मान रहा तो क़त्ल कर दो” जैसी बात कही गई।
फिलहाल इस टिप्पणी को पुलिस अधिकारी का स्थापित बयान मानने के बजाय वायरल वीडियो में कही गई कथित बात के रूप में ही देखा जाना चाहिए। वीडियो की मूल रिकॉर्डिंग, आवाज की पुष्टि और पूरी बातचीत सामने आने के बाद ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
वीडियो की सत्यता और पूरे संदर्भ की जांच जरूरी
मामले में दो स्तर पर जांच महत्वपूर्ण है। पहला, वायरल वीडियो वास्तविक है या उसमें किसी तरह का बदलाव किया गया है। दूसरा, वीडियो में सुनाई दे रही आवाज किसकी है और बातचीत का पूरा संदर्भ क्या था।
इसके साथ यह भी स्पष्ट होना जरूरी है कि विष्णु की बहन की शिकायत पर पुलिस ने क्या कार्रवाई की, क्या दोनों पक्षों को बुलाया गया और मामले में कोई लिखित शिकायत या मुकदमा दर्ज हुआ या नहीं।
आगरा में पहले भी वायरल ऑडियो-वीडियो पर हुई कार्रवाई
आगरा में इससे पहले भी पुलिसकर्मियों से जुड़े वायरल ऑडियो और वीडियो सामने आने के बाद विभागीय कार्रवाई हुई है।
जून 2026 में किरावली थाना क्षेत्र की मिढ़ाकुर चौकी के तत्कालीन प्रभारी नवजीत सिंह का एक वीडियो वायरल हुआ था। रिपोर्टों के अनुसार, वीडियो में एक जनप्रतिनिधि के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी सामने आई थी। अधिकारियों की जांच के बाद चौकी प्रभारी को निलंबित किया गया था।
अगस्त 2026 में फतेहाबाद क्षेत्र के एक मामले में दरोगा धीरेंद्र यादव से जुड़ा कथित ऑडियो वायरल हुआ था। रिपोर्टों के मुताबिक, गोलीकांड के मामले में रुपये मांगने के आरोप सामने आए थे। इसके बाद डीसीपी पूर्वी जोन ने दरोगा को निलंबित कर एसीपी फतेहाबाद को जांच सौंपी थी।
हालांकि, ये दोनों मामले डिफेंस कॉलोनी के मौजूदा वायरल वीडियो से अलग घटनाएं हैं। इनका उल्लेख केवल आगरा में पहले वायरल ऑडियो-वीडियो पर हुई कार्रवाई के संदर्भ के रूप में किया जा रहा है।
पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
डिफेंस कॉलोनी से जुड़े मौजूदा मामले में वायरल वीडियो की मूल रिकॉर्डिंग, ऑडियो की सत्यता, बातचीत का पूरा संदर्भ और संबंधित पुलिसकर्मी की पहचान की पुष्टि महत्वपूर्ण है।
साथ ही यह भी सामने आना बाकी है कि विष्णु की बहन की शिकायत पर पुलिस ने क्या कार्रवाई की और वरिष्ठ अधिकारियों ने वायरल वीडियो के संबंध में कोई जांच या विभागीय कार्रवाई शुरू की है या नहीं।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर मामला वायरल वीडियो में की गई कथित टिप्पणी और उसकी सत्यता की जांच तक सीमित है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि वीडियो में कही गई बात वास्तव में किस संदर्भ में कही गई थी और पुलिस विभाग इस पर क्या कार्रवाई करता है।
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Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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