आगरा में 15 नवंबर को सपा का पश्चिमी यूपी दलित महासम्मेलन, अखिलेश यादव होंगे मुख्य अतिथि

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रामजीलाल सुमन को सम्मेलन की जिम्मेदारी; पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से जाटव और अन्य दलित समुदायों की भागीदारी कराने की तैयारी

आगरा डेस्क, 🌐 tajnews.in | शुक्रवार, 18 सितंबर 2026, 11:20:15 PM IST

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आगरा डेस्क

tajnews.in | आगरा, 18 सितंबर 2026। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने दलित समाज के बीच संगठनात्मक संपर्क बढ़ाने की तैयारी तेज कर दी है। पार्टी की ओर से 15 नवंबर 2026 को आगरा में पश्चिमी उत्तर प्रदेश स्तरीय दलित महासम्मेलन आयोजित करने की जानकारी सामने आई है। सम्मेलन में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने की बात कही गई है।

आगरा में सपा के पश्चिमी यूपी दलित महासम्मेलन की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन

17 सितंबर को प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार सम्मेलन के लिए पार्टी ने अपने राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सदस्य रामजीलाल सुमन को संयोजक की जिम्मेदारी दी है। वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में पार्टी कार्यकर्ताओं और दलित समाज के लोगों से संपर्क कर सम्मेलन में भागीदारी बढ़ाने की तैयारी में जुटे हैं।

HIGHLIGHTS
  • 15 नवंबर 2026 को आगरा में आयोजित होगा सपा का पश्चिमी यूपी दलित महासम्मेलन।
  • सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव होंगे मुख्य अतिथि, जीआईसी मैदान प्रस्तावित स्थल।
  • सपा राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन को सौंपी गई संयोजक की कमान।
  • पीडीए रणनीति के तहत जाटव व अन्य दलित समुदायों को जोड़ने के लिए तेज हुआ जनसंपर्क।

जीआईसी मैदान प्रस्तावित स्थल

सम्मेलन के लिए आगरा के जीआईसी मैदान को प्रस्तावित स्थल बताया गया है। हालांकि आयोजन स्थल से संबंधित अंतिम प्रशासनिक अनुमति की स्वतंत्र पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं है। इसलिए फिलहाल जीआईसी मैदान को प्रस्तावित स्थल के रूप में ही देखा जा रहा है।

सपा दलित महासम्मेलन की रणनीति बनाते पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता

सम्मेलन में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से जाटव सहित अन्य दलित समुदायों के लोगों को जुटाने की तैयारी की जा रही है। पार्टी की ओर से इसे दलित समाज के बीच संगठनात्मक संपर्क बढ़ाने और अपने राजनीतिक संदेश को पहुंचाने के अभियान के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है।

पीडीए रणनीति के तहत दलित आउटरीच पर जोर

समाजवादी पार्टी इस आयोजन को अपने पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक सामाजिक समीकरण से जोड़कर देख रही है। 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद पार्टी ने दलित समाज के बीच अपनी राजनीतिक पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया है और अब 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इस संपर्क को विस्तार देने की कोशिश की जा रही है।

बैठक में उपस्थित वरिष्ठ समाजवादी पार्टी नेता और कार्यकर्ता महासम्मेलन की रूपरेखा पर विचार-विमर्श करते सपा नेता

17 सितंबर की एक रिपोर्ट के अनुसार सपा आगरा सम्मेलन के माध्यम से जाटव समाज के साथ अन्य दलित समूहों तक भी पहुंच बनाने की तैयारी कर रही है। पार्टी के सामने दलित समाज के बीच अपनी राजनीतिक मौजूदगी बढ़ाने के साथ-साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत करने की चुनौती भी है।

रामजीलाल सुमन संभाल रहे तैयारियों की जिम्मेदारी

सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामजीलाल सुमन को सम्मेलन की तैयारियों का संयोजक बनाया गया है। हाल में एटा में हुई सपा की एक बैठक में उन्होंने कार्यकर्ताओं से आगरा सम्मेलन में बड़ी संख्या में दलित समाज के लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की थी।

बैठक में सुमन ने बेरोजगारी, महंगाई, आरक्षण और संविधान से जुड़े मुद्दों को उठाया तथा भाजपा सरकार पर कई राजनीतिक आरोप लगाए। ये आरोप सपा नेताओं के राजनीतिक दावे हैं, जिन्हें स्वतंत्र तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।

रोजगार, शिक्षा और सामाजिक न्याय के मुद्दे उठाने की तैयारी

स्थानीय सपा नेताओं के अनुसार सम्मेलन में दलित समाज से जुड़े अधिकार, सामाजिक सम्मान, रोजगार और शिक्षा सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। आगरा के जूता उद्योग से जुड़े कारीगरों और कारोबारियों की स्थिति को लेकर भी स्थानीय नेताओं ने सवाल उठाए हैं।

जूता उद्योग में कारोबार घटने और इससे बड़ी संख्या में कारीगरों तथा व्यापारियों के प्रभावित होने संबंधी दावों की इस रिपोर्ट के लिए स्वतंत्र आर्थिक आंकड़ों से पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इन्हें राजनीतिक नेताओं के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

सपा नेताओं ने डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों और सामाजिक न्याय के मुद्दे को भी सम्मेलन के राजनीतिक संदेश से जोड़ने की बात कही है। पार्टी की ओर से दलित समाज के बीच संपर्क बढ़ाने के लिए विभिन्न जिलों में बैठकें और जनसंपर्क अभियान चलाए जा रहे हैं।

आगरा में सम्मेलन के राजनीतिक मायने

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दलित मतदाताओं की महत्वपूर्ण मौजूदगी को देखते हुए सपा ने आगरा को सम्मेलन के लिए चुना है। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों ने आगरा को दलित राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में रेखांकित किया है।

हालांकि दलित मतदाताओं की राजनीतिक पसंद एकसमान नहीं है और अलग-अलग क्षेत्रों में चुनावी व्यवहार अलग हो सकता है। इसलिए 15 नवंबर के सम्मेलन को सपा की ओर से चलाए जा रहे दलित संपर्क अभियान के रूप में देखना अधिक उपयुक्त होगा; इससे आगामी चुनाव के परिणाम के बारे में कोई निष्कर्ष निकालना अभी संभव नहीं है।

पश्चिमी यूपी के जिलों से भागीदारी की तैयारी

सपा की ओर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में कार्यकर्ताओं के माध्यम से संपर्क अभियान चलाने की जानकारी सामने आई है। पार्टी की कोशिश है कि सम्मेलन में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी हो और दलित समाज से जुड़े मुद्दों पर पार्टी का संदेश व्यापक स्तर तक पहुंचे।

15 नवंबर को होने वाले सम्मेलन में अखिलेश यादव की प्रस्तावित मौजूदगी और रामजीलाल सुमन की संयोजक की भूमिका के कारण यह आयोजन पार्टी के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दलित संपर्क अभियान का प्रमुख कार्यक्रम होगा।

GROUND REPORT VIDEO
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Reported by: Javed Khan | Taj News

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