लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सपा अध्यक्ष ने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का वीडियो दिखाया; UPI शुल्क, 200 करोड़ पौधरोपण और राम आश्रय कुशवाहा की सपा में वापसी पर भी बोले
उत्तर प्रदेश डेस्क, 🌐 tajnews.in | गुरुवार, 17 सितंबर 2026, 04:30:12 PM IST

tajnews.in | लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को लखनऊ में पार्टी कार्यालय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उत्तर प्रदेश में निर्माणाधीन और निर्मित परियोजनाओं की गुणवत्ता को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का वीडियो दिखाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि कई परियोजनाओं में निर्माण पूरा होने से पहले ही खराबियां सामने आने लगती हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर ध्यान देने के बजाय परियोजनाओं के प्रचार पर अधिक जोर दे रही है। उन्होंने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का भी जिक्र किया और अपनी सरकार के दौरान बने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता का हवाला दिया।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर पहले से चल रहा विवाद
अखिलेश यादव की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के एक हिस्से में क्षति और स्लिपेज के बाद मरम्मत तथा तकनीकी जांच का मामला चल रहा है।
16 सितंबर 2026 को NHAI ने PNC Infratech को तीन साल के लिए अपनी निविदाओं में भाग लेने से प्रतिबंधित किया था। यह कार्रवाई एक्सप्रेसवे के एक हिस्से में उद्घाटन के कुछ सप्ताह बाद सामने आई संरचनात्मक समस्याओं के बाद की गई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार प्रभावित हिस्से की तकनीकी जांच भी चल रही है और अंतिम IIT खड़गपुर रिपोर्ट का इंतजार है।
ऐसे में अखिलेश यादव ने एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता को लेकर सरकार पर निशाना साधा। हालांकि, किसी परियोजना में तकनीकी खराबी का अंतिम कारण जांच रिपोर्ट के आधार पर ही निर्धारित किया जा सकता है।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे का भी किया जिक्र
अखिलेश यादव ने अपनी सरकार के दौरान बने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे का उल्लेख करते हुए इसकी डिजाइन और निर्माण गुणवत्ता का हवाला दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार इस परियोजना को खराब कर रही है। लखनऊ रिवरफ्रंट और अपनी सरकार के अन्य निर्माण कार्यों का भी उन्होंने जिक्र किया।
UPEIDA के अनुसार आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे 302.222 किलोमीटर लंबा छह लेन का प्रवेश नियंत्रित एक्सप्रेसवे है। इसे आठ लेन तक विस्तारित किए जाने योग्य बनाया गया है।
UPI शुल्क पर भी सरकार को घेरा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने UPI भुगतान से जुड़े शुल्क के मुद्दे पर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने शुल्क व्यवस्था को लेकर आपत्ति जताई और इसे वापस लेने की मांग की।
इस मुद्दे पर उन्होंने व्यापारियों से जुड़े डिजिटल भुगतान शुल्क का संदर्भ देते हुए सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। UPI के सामान्य व्यक्ति-से-व्यक्ति भुगतान और व्यापारिक लेनदेन की शुल्क व्यवस्था अलग-अलग हो सकती है।
200 करोड़ पौधरोपण के आंकड़े पर सवाल
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में 200 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जाने के सरकारी दावे पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि इतनी बड़ी संख्या में पौधे लगाए गए हैं तो सरकार को यह बताना चाहिए कि उनके लिए कितनी जमीन और स्थान चिन्हित किए गए।
उन्होंने अपनी सरकार के दौरान एक हजार एकड़ जमीन में 1.34 लाख पौधे लगाए जाने का भी दावा किया।
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अलग-अलग वर्षों में बड़े पैमाने पर पौधरोपण के आंकड़े जारी किए जाते रहे हैं। इसलिए अखिलेश यादव की ओर से 200 करोड़ पौधों के आंकड़े पर उठाया गया सवाल एक राजनीतिक दावा है; इसे अपने आप में आंकड़े के फर्जी होने की पुष्टि के रूप में नहीं देखा जा सकता।
राम आश्रय कुशवाहा की सपा में वापसी
इसी कार्यक्रम के दौरान पूर्व मंत्री राम आश्रय कुशवाहा ने भाजपा छोड़कर समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार वह करीब 13 साल बाद सपा में वापस लौटे हैं।
कुशवाहा ने सपा में वापसी के बाद मुलायम सिंह यादव को याद किया और अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने तक सक्रिय रहने की बात कही।
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच यह घटनाक्रम सपा की राजनीतिक गतिविधियों के बीच सामने आया है।
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Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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