आरपीएफ जवानों की गुंडागर्दी पर बड़ा एक्शन: आगरा कैंट पर स्टेशन उपाधीक्षक को पीटने वाले चार सुरक्षाकर्मी सस्पेंड, जीआरपी ने दर्ज किया मुकदमा

खबर शेयर कीजिए

Agra Desk, 🌐 tajnews.in | Monday, 13 July, 2026, 08:15:10 PM IST.

Taj News Logo
Taj News
Agra Desk

tajnews.in | आगरा: आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों द्वारा की गई दबंगई के मामले ने अब बड़ा तूल पकड़ लिया है। रविवार देर रात पीड़ित डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट (डीएसएस) नरेंद्र सिंह चाहर अपनी पत्नी, बच्चों और साथी रेल कर्मचारियों को लेकर सीधे डीआरएम आवास पहुंच गए और गेट पर धरने पर बैठ गए। आधी रात को हुए इस प्रदर्शन और हंगामे के बाद रेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जीआरपी थाना पुलिस ने पीड़ित अफसर की तहरीर पर चारों नामजद आरपीएफ जवानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

HIGHLIGHTS
  1. डीआरएम आवास पर धरना: इंसाफ के लिए पीड़ित स्टेशन उपाधीक्षक नरेंद्र सिंह चाहर परिवार के साथ आधी रात धरने पर बैठे।
  2. मुकदमा दर्ज: जीआरपी थाना पुलिस ने अपराध संख्या 158/26 के तहत चारों आरोपी आरपीएफ जवानों के खिलाफ दर्ज की एफआईआर।
  3. आरोपियों के नाम: आरपीएफ के एएसआई बालकिशन मीणा, एएसआई मेघराज मीणा, हेड कांस्टेबल बदन सिंह और कांस्टेबल जितेंद्र सिंह पर केस।
  4. विवाद की वजह: महिला यात्री को सुरक्षित ट्रेन में चढ़ाने के लिए गाड़ी रुकवाना स्टेशन उपाधीक्षक को भारी पड़ गया था।

ताज न्यूज़ ग्राउंड जीरो रिपोर्ट: देखें आगरा कैंट स्टेशन पर रेल अधिकारी के साथ हुई मारपीट मामले का पूरा विजुअल अपडेट

रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पूरा विवाद रविवार सुबह उस समय शुरू हुआ जब अमृतसर से विशाखापत्तनम जा रही हीराकुंड एक्सप्रेस आगरा कैंट के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर आकर रुकी थी। इसी दौरान ट्रेन में सफर कर रहीं लुधियाना की महिला यात्री रंजीता राव पेठा खरीदने के लिए प्लेटफॉर्म पर उतरीं। खुले पैसे मिलने में देरी होने के कारण ट्रेन चलने लगी। महिला को परेशान और दौड़ते देख ड्यूटी पर मौजूद डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट नरेंद्र सिंह चाहर ने इंसानियत दिखाई और तुरंत गार्ड को सूचना देकर ट्रेन को रुकवा दिया, जिससे महिला सुरक्षित रूप से ट्रेन में दोबारा सवार हो सके।

हालांकि, वहां मौजूद आरपीएफ के जवानों ने इसे चेन पुलिंग की घटना समझ लिया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद आरपीएफ कर्मियों ने अपनी वर्दी के रौब में आकर नरेंद्र सिंह चाहर के साथ मारपीट कर दी। जवानों ने उन्हें प्लेटफॉर्म पर पीटा और फिर घसीटते हुए आरपीएफ पोस्ट तक ले गए। इस घटना से रेल कर्मचारियों में भारी नाराजगी फैल गई। देर रात तक जब आरोपियों पर सख्त एक्शन नहीं हुआ, तो पीड़ित अफसर परिवार के साथ डीआरएम बंगले के बाहर बैठ गए। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और चारों सुरक्षाकर्मियों पर केस दर्ज किया गया। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच कर रही है।

यह भी पढ़ें

इतिहास का वो अद्भुत स्वाद: कैसे चाट, गोल गप्पे बने भारत की सबसे लोकतांत्रिक डिश | बृज खंडेलवाल पासपोर्ट है, नागरिकता नहीं! भारतीय पहचान का नया गणित | वरिष्ठ पत्रकार बृज खंडेलवाल का प्रहार काफी हुआ है, बहुत बाकी है! चमकते एक्सप्रेसवे, जर्जर इंसाफ़: क्या सिर्फ़ सड़कें विकसित होने से देश विकसित होता है? | बृज खंडेलवाल सुप्रीम कोर्ट ने पैदल चलने को मौलिक अधिकार बनाया, अब परीक्षा आगरा की है | बृज खंडेलवाल का विशेष विश्लेषण “जनता मालिक, प्रतिनिधि सेवक: लोकतंत्र में वास्तविक VIP कौन?” | डॉ प्रमोद कुमार का विशेष विश्लेषण
Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

Thakur Pawan Singh

Chief Editor, Taj News


खबर शेयर कीजिए

Leave a Comment