आगरा में यमुना किनारा रोड बना मौत का हाईवे, पुलिस कमिश्नर को पत्र लिख सुरक्षा की गुहार

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Agra Desk, tajnews.in | Saturday, May 23, 2026, 01:25:00 PM IST

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Agra Desk | Traffic Regulations, Public Safety & Citizen Grievances Alerts

आगरा के प्रमुख और व्यस्ततम मार्गों में शामिल ‘यमुना किनारा रोड’ पर पैदल यात्रियों, वरिष्ठ नागरिकों और साइकिल चालकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं। इस मार्ग पर वाहनों की अनियंत्रित गति के कारण उत्पन्न हो रहे खतरों की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए शहर के प्रबुद्ध नागरिक और पर्यावरणविद बृज खंडेलवाल ने आगरा के पुलिस आयुक्त को एक विस्तृत पत्र भेजा है। पत्र के माध्यम से उन्होंने इस व्यस्त मार्ग पर पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित रोड क्रॉसिंग की व्यवस्था सुनिश्चित कराने और पुलिस सहायता प्रदान किए जाने का आग्रह किया है। विशेष रूप से लड्डू गोपाल क्षेत्र से लेकर आरती स्थल तक, पुलिस चौकी के सामने और आंबेडकर पुल के नीचे स्थित जेब्रा क्रॉसिंग पर दैनिक यात्रियों और यमुना भक्तों को सड़क पार करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बढ़ते यातायात और प्रशासनिक उपेक्षा के कारण इस क्षेत्र में दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ती जा रही है, जिसके निवारण हेतु स्थानीय नागरिकों ने पुलिस कमिश्नरेट से तत्काल प्रभाव से प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

नागरिक मांग और सुरक्षा व्यवस्था के मुख्य बिंदु
  • पुलिस आयुक्त को भेजा गया पत्र: पर्यावरणविद बृज खंडेलवाल ने यमुना किनारा मार्ग पर वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की।
  • जेब्रा क्रॉसिंग पर नियमों की अवहेलना: मार्ग से गुजरने वाले भारी वाहन और टूरिस्ट बसें जेब्रा क्रॉसिंग के समीप भी अपनी गति को नियंत्रित नहीं करते हैं।
  • यातायात पुलिस की तैनाती का आग्रह: स्थानीय निवासियों का कहना है कि शाम के समय व्यस्त यातायात के दौरान सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों की उपस्थिति अनिवार्य है।
  • पैदल व साइकिल चालकों की सुरक्षा: हाथी घाट से जीवनी मंडी क्रॉसिंग के बीच तेज रफ्तार वाहनों के साथ-साथ बंदरों के जमावड़े के कारण राहगीर भयभीत हैं।

जेब्रा क्रॉसिंग के बावजूद सुरक्षित नहीं हैं पैदल यात्री, गति सीमा नियमों की उड़ रही धज्जियां

आगरा में यमुना नदी के तट के समानांतर गुजरने वाला यमुना किनारा रोड शहर की आंतरिक परिवहन व्यवस्था के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण कड़ी है। इसके बावजूद, यह मार्ग वर्तमान समय में स्थानीय राहगीरों और पैदल यात्रियों के लिए असुरक्षित बनता जा रहा है। प्रतिदिन सुबह और विशेष रूप से शाम के समय बड़ी संख्या में यमुना भक्त, वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं और बच्चे विभिन्न घाटों पर पूजा-आरती और दर्शन के लिए आते हैं। इन श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को सड़क के इस पार से उस पार जाने के लिए अत्यधिक जोखिम उठाना पड़ता है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यद्यपि आंबेडकर पुल के नीचे और स्थानीय पुलिस चौकी के समीप जेब्रा क्रॉसिंग का निर्माण किया गया है, किंतु वाहन चालकों द्वारा यातायात नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। इस मार्ग से गुजरने वाले डंपर, ओवरलोडेड ट्रक और बड़ी टूरिस्ट बसें जेब्रा क्रॉसिंग के पास भी अपनी रफ्तार को धीमा नहीं करती हैं। शाम के समय जब प्रकाश कम होता है और वाहनों का दबाव अपने चरम पर पहुंच जाता है, तब स्थिति और भी अधिक चिंताजनक हो जाती है। सुरक्षा उपायों के अभाव में यह क्षेत्र पैदल यात्रियों के लिए एक संवेदनशील दुर्घटना संभावित क्षेत्र बनता जा रहा है।

वीआईपी व्यस्तताओं के बीच आम जनता की अनदेखी, हाथी घाट से जीवनी मंडी तक दोहरा संकट

इस विषय पर चिंता व्यक्त करते हुए नागरिकों ने स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। स्थानीय दुकानदारों और निवासियों द्वारा पूर्व में कई बार संबंधित थाना स्तर पर यह अनुरोध किया गया था कि व्यस्त समय के दौरान जेब्रा क्रॉसिंग पर यातायात पुलिसकर्मियों की प्रतिनियुक्ति की जाए, ताकि वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों को मार्ग पार करने में सहायता मिल सके। किंतु, प्रायः वीआईपी व्यवस्थाओं और अन्य विभागीय व्यस्तताओं का हवाला देकर आम नागरिकों की इस व्यावहारिक समस्या की अनदेखी की जाती रही है, जिससे क्षेत्र के लोगों में असंतोष की भावना बलवती हो रही है।

ताज न्यूज़ की रपट के अनुसार, हाथी घाट से लेकर जीवनी मंडी क्रॉसिंग तक का संपूर्ण मार्ग वर्तमान में पैदल चलने वालों और साइकिल चालकों के लिए असुरक्षा का कारण बना हुआ है। पर्यावरण प्रेमी बृज खंडेलवाल ने अपने पत्र में इस बात को प्रमुखता से उठाया है कि जो लोग पेट्रोल की बचत करने, पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने अथवा स्वस्थ जीवन शैली के उद्देश्य से पैदल चलने या साइकिल चलाने को प्राथमिकता देते हैं, उन्हें इस मार्ग पर अत्यंत प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां राहगीरों को दोहरे संकट से जूझना पड़ता है—एक ओर जहां सड़कों पर अनियंत्रित गति से दौड़ते भारी वाहन हैं, वहीं दूसरी ओर हाथी घाट क्षेत्र में बंदरों के हिंसक समूहों का आतंक बना हुआ है, जो अक्सर राहगीरों पर हमला कर देते हैं। इस स्थिति के कारण पर्यावरण संरक्षण और जन स्वास्थ्य को बढ़ावा देने वाले नागरिकों का मनोबल प्रभावित हो रहा है।

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नियमित यातायात पुलिस बल की तैनाती और गति नियंत्रण उपायों की मांग, प्रशासनिक कार्रवाई की प्रतीक्षा

पुलिस आयुक्त को प्रेषित इस पत्र के माध्यम से आगरा के नागरिक समाज ने प्रशासनिक तंत्र से तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की अपेक्षा की है। बृज खंडेलवाल सहित अन्य प्रबुद्ध नागरिकों ने मुख्य रूप से कुछ अनिवार्य और व्यावहारिक व्यवस्थाओं को धरातल पर लागू करने का प्रस्ताव दिया है। इसके अंतर्गत प्रमुख मांग यह है कि सायंकाल के समय, जब यमुना आरती और दर्शनार्थियों का आवागमन सर्वाधिक होता है, तब जेब्रा क्रॉसिंग पर यातायात पुलिस बल की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त, वाहनों की अनियंत्रित गति पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के लिए जेब्रा क्रॉसिंग से पूर्व गति अवरोधक (रबर स्पीड ब्रेकर) और गति सीमा सूचक यंत्र (स्पीड कैमरे) लगाए जाने चाहिए।

साथ ही, मार्ग के संवेदनशील स्थानों पर रात के समय चमकने वाले रिफ्लेक्टिव चेतावनी बोर्ड स्थापित किए जाएं, ताकि दूर से ही भारी वाहनों के चालकों को पैदल यात्रियों की उपस्थिति का स्पष्ट संकेत मिल सके। आगरा के वरिष्ठ नागरिक संघों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आशा व्यक्त की है कि जनहित, नागरिक सुरक्षा और पर्यावरण के महत्व को समझते हुए पुलिस कमिश्नरेट द्वारा इस विषय पर शीघ्र ही सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। यदि प्रशासन द्वारा समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो स्थानीय निवासियों ने अपनी मांगों के समर्थन में शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक उपायों का सहारा लेने की बात कही है। ताज न्यूज़ इस संपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था, नागरिक अधिकारों की रक्षा और पुलिस प्रशासन के आगामी दिशा-निर्देशों से जुड़ी प्रत्येक गतिविधि पर अपनी पैनी और बारीक नजर लगातार बनाए हुए है।

Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

Thakur Pawan Singh

Chief Editor, Taj News


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