Uttar Pradesh Desk, tajnews.in | Wednesday, May 6, 2026, 05:45:10 PM IST

बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद से इंसानियत को झकझोर देने वाली एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को सुन्न कर दिया है। मीरगंज इलाके में एक 11 वर्षीय मासूम छात्रा के साथ हुई दरिंदगी और उसके बाद उसके आत्मघाती कदम ने पूरे प्रदेश में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। एक वहशी दरिंदे ने न केवल मासूम की अस्मत लूटी, बल्कि उसके शरीर को दांतों से काटने और नाखूनों से नोचने जैसी बर्बरता की सारी हदें पार कर दीं। इस हैवानियत से पूरी तरह टूट चुकी आठवीं की छात्रा ने मानसिक आघात सहन न कर पाने के चलते फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आई बर्बरता ने पूरे मामले को और भयावह बना दिया है। पुलिस ने इस दरिंदे को दबोच लिया है।
📍 वारदात का सार: पोस्टमार्टम ने खोली दरिंदगी की परतें
घटना 27 अप्रैल 2026 की है, जब थाना मीरगंज क्षेत्र के ग्राम दियोरिया अब्दुल्लागंज में एक नाबालिग बालिका की संदिग्ध मौत की सूचना पुलिस को मिली। मृतका आठवीं की छात्रा थी। शुरुआत में मामला आत्महत्या का प्रतीत हुआ, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने सच्चाई से पर्दा उठा दिया। रिपोर्ट में नाबालिग छात्रा के शरीर पर नाखूनों से नोचने के कई नए और पुराने निशान मिले। जननांगों पर गंभीर चोटें थीं और दांतों से काटे जाने के स्पष्ट प्रमाण मिले। मृत्यु का कारण फांसी बताया गया, जबकि दुष्कर्म की भी पुष्टि हुई।
दहशत में मासूम: हैवानियत के बाद नहीं कर सकी सामना
पुलिस जांच में यह दिल दहला देने वाला तथ्य सामने आया है कि आरोपी ने 11 वर्षीय छात्रा को बहला-फुसलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान उसने बर्बरता की सारी हदें पार कर दीं। घटना के बाद जब छात्रा बेसुध अवस्था से संभली, तो वह किसी तरह अपने घर पहुंची। उस समय उसकी मां बाजार गई हुई थी। अपने साथ हुई इस भीषण हैवानियत का दर्द वह किसी से साझा नहीं कर सकी और लोक-लाज के भय व गहरे मानसिक आघात के कारण उसने कमरे में जाकर गले में फंदा लगा लिया।
सर्विलांस और गवाही से दबोचा गया वहशी जीशान
एसपी साउथ अंशिका वर्मा के अनुसार, मृतका की छोटी बहन के बयान इस केस में सबसे अहम कड़ी साबित हुए। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए साक्ष्य जुटाए और घेराबंदी कर आरोपी जीशान को मीरगंज के साप्ताहिक बाजार के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। शुरुआत में पुलिस ने धारा 103(1)/238 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद साक्ष्यों के आधार पर धारा 65(1)/108 बीएनएस व 4(2) पॉक्सो एक्ट की वृद्धि की गई है।
बरेली की यह घटना समाज में बढ़ते अपराधों और मासूमों की असुरक्षा पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती है। एक मासूम जो अभी ठीक से दुनिया को समझ भी नहीं पाई थी, उसे दरिंदगी की आग में झोंक दिया गया। ‘ताज न्यूज़’ इस दुखद घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ है और उम्मीद करता है कि फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए दरिंदे जीशान को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी ताकि भविष्य में कोई दूसरा वहशी ऐसी हिमाकत न कर सके।

Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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